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रिलायंस जियो का आरोप- एयरटेल, आइडिया और वोडाफोन नहीं दे रहीं मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी सुविधा

जियो का कहना है कि इन कंपनियों के ग्राहक जियो की सेवाएं लेना चाहते हैं, लेकिन कंपनियां मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) में उनकी मदद नहीं कर रहीं।

रिलायंस जियो 4जी सिम। (Photo: Vishal Ahlawat/Jansatta)

रिलायंस जियो व मौजूदा दूरसंचार कंपनियों के बीच विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। इन कंपनियों में इंटरकनेक्शन का मुद्दा सुलझा ही नहीं था कि रिलायंस जियो ने भारती एयरटेल, आइडिया सेल्यूलर व वोडाफोन पर आरोप लगाया है कि वे अपने ग्राहकों के मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) संबंधी आग्रह को खारिज कर रही हैं। जियो का कहना है कि इन कंपनियों के ये ग्राहक जियो की सेवाएं लेना चाहते हैं, लेकिन कंपनियां एमएनपी में उनकी मदद नहीं कर रहीं। रिलायंस जियो ने इस बारे में दूरसंचार नियामक ट्राई को पत्र लिखा है। उक्त कंपनियों से इस बारे में टिप्पणी नहीं मिल सकी है। हालांकि वोडाफोन के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘एमएनपी के मुद्दे को ट्राई के साथ बैठक में सुलझा लिया गया था।”

ट्राई के चेयरमैन आर.एस. शर्मा को लिखे गए पत्र में रिलायंस जियो ने लिखा, “भारती एयरटेल, आइडिया सेल्यूलर व वोडाफोन मोबाइल नंबर कनेक्शन को पोर्ट करने से मना कर रही हैं। यह सीधे तौर पर लाइसेंस नियमों का उल्लंघन है। ट्राई को जल्द से जल्द इन ऑपरेटर्स को नियमों के मुताबिक काम करने के निर्देश देने चाहिएं और फिर भी उल्लंघन करने पर लाइसेंस रद्द कर देना चाहिए।” आरजियो के मुताबिक 5 सितंबर से 12 सितंबर के दौरान भारती एयरटेल को पोर्टिंग के 83 अनुरोध भेजे गए, लेकिन सभी अनुरोध कोई न कोई बहाना बनाकर अस्वीकार कर दिए गए।

क्या होता है मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी-

मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) ग्राहकों को अपने मोबाइल नंबर बदले बिना नए मोबाइल ऑपरेटर की सेवाएं लेने की सुविधा देती है। अगर आप किसी दूसरी कंपनी की सेवाएं लेना चाहते हैं तो आपको नंबर बदलने या नया सिम लेने की जरूरत नहीं पड़ती। नई मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी एक नया सिम कार्ड प्रदान करेगी, लेकिन आपको मोबाइल नंबर वही रहता है।

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इस तरह जियो में पोर्ट कराएं अपना मोबाइल नंबर-

-सबसे पहले आपको अपने करंट ऑपरेटर को पोर्ट के लिए एक मैसेज भेजना होगा। मैसेज में आपको PORT लिखकर 1900 पर भेजना होगा। जवाब में 1901 से आपको यूनिक पोर्टिंग कोड मिलेगा, जो कि 15 दिन तक वैलिड रहेगा।

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-कोड मिलने के बाद आपको रिलायंस मोबाइल स्टोर पर जाकर कस्टर एप्लीकेशन फॉर्म (CAF) भरना होगा, इसमें पोर्टिंग कोड को मेंशन करना न भूलें। साथ ही जरुरी दस्तावोज जमा (एड्रेस प्रूफ, आईडी प्रूफ और फोटोग्राफ) करने होंगे। जिसके बाद रिलायंस जियो का सिम आपको इश्यू हो जाएगा। एक बार सिम एक्टिवेट होने के बाद आप सेम नंबर पर सेवाएं यूज कर सकेंगे और पुराना सिम डिएक्टिवेट हो जाएगा।

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