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आईफोन यूजर्स के डेटा चुरा कर कमाए 73 लाख डॉलर, एपल सप्‍लायर्स ही चलाते थे गोरखधंधा

ये लोग डेटाबेस से कस्टमर्स के नाम, फोन नंबर्स, एपल आईडी और अन्यू दूसरे डाटा चुराते थे फिर से इसे लगभग 100 रुपये से लेकर 500 रुपये प्रति डाटा के हिसाब से ब्लैक मार्केट में बेचते थे।

आईफोन से डेटा चोरी कर करोड़ों रुपये कमाये (Reuters file photo)

चीनी अधिकारियों आईफोन से डेटा चुराकर बेचने वाले एक गैंग का पर्दाफाश किया है। ये गैंग एपल डेटाबेस से कस्टमर्स के सीक्रेट डेटा चुराकर इन्हें चीन के ब्लैक मार्केट में बेच देता था। खास बात ये है कि चोरों के इस नेटवर्क में एपल सप्‍लायर्स के स्टाफ शामिल थे। इसके अलावा इस गैंग में वे स्टाफ भी मिले थे जिन्हें एपल अपने काम आउटसोर्स करता था। अंग्रेजी अखबार द वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक डेटा चोरी कर इन लोगों ने करोड़ों रुपये कमाये। ये लोग डेटाबेस से कस्टमर्स के नाम, फोन नंबर्स, एपल आईडी और अन्यू दूसरे डाटा चुराते थे फिर से इसे लगभग 100 रुपये से लेकर 500 रुपये प्रति डाटा के हिसाब से ब्लैक मार्केट में बेचते थे। अभी ये पता नहीं चल पाया है कि जिन कस्टमर्स का डाटा चोरी हुआ है वे सर्फ चीन के हैं या फिर दूसरे देशों के भी।

बता दें कि एपल फोन बनाने वाली एक प्रीमियम कंपनी है, इस कंपनी के ग्राहक दुनिया भर में फैले हैं। आम धारणा है कि एपल इस्तेमाल करने वाले ग्राहक अन्य फोन इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की अपेक्षा ज्यादा पैसे वाले होते हैं, इसलिए चीन में डेटा चोर एपल कस्टमर्स को ही निशाना बनाते हैं। ताकि उनके सेंसिटिव डेटा पर कब्जा कर उनसे पैसा वसूला जा सके।

इस रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए चीनी अधिकारियों ने एक साथ चार राज्यों में छापा मारा और गिरफ़्तारियां की। रिपोर्ट के मुताबिक चीनी अधिकारियों ने जेजिआंग, गुआंगदोंग, जिआनज्सु और फुजियान प्रांत में कार्रवाई की। पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है उनका कंपनी के डेटाबेस से सीधा संपर्क था, क्योंकि ये लोग एपल के सप्लायर्स थे। चीन में डेटा चोरी कोई नयी बात नहीं है। यहां पर कॉरपोरेट और सरकारी डेटाबेस से डेटा चुराने का काम डिजिटल क्रांति के साथ ही शुरू हो चुका है।

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