ताज़ा खबर
 
  • राजस्थान

    Cong+ 95
    BJP+ 81
    RLM+ 0
    OTH+ 23
  • मध्य प्रदेश

    BJP+ 102
    Cong+ 117
    BSP+ 5
    OTH+ 6
  • छत्तीसगढ़

    Cong+ 59
    BJP+ 22
    JCC+ 9
    OTH+ 0
  • तेलांगना

    TRS-AIMIM+ 87
    TDP-Cong+ 22
    BJP+ 2
    OTH+ 8
  • मिजोरम

    MNF+ 29
    Cong+ 6
    BJP+ 1
    OTH+ 4

* Total Tally Reflects Leads + Wins

अगले छह महीनों में बंद हो जाएंगे 6 करोड़ सिम कार्ड, टेलीकॉम कंपनियों ने बदली पॉलिसी

अगस्त के अंत में रिकॉर्ड किए गए लगभग 1.2 अरब से कुल ग्राहकों का बेस कम हो जाएगा, जबकि नए सिम या यूनिक ग्राहकों के साथ लोगों की संख्या बढ़ेगी। कुल बेस में वर्तमान में 73-75 करोड़ यूनिक ग्राहक हैं, या इनके पास एक ही सिम है। बाकी ग्राहकों के पास दो सिम हैं।

इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है।

टेलिकॉम सेक्टर में अगले छह महीने में 6 करोड़ तक सिम बंद हो सकते हैं। ग्राहक अलग-अलग ऑपरेटरों से एक जैसे टैरिफ प्लान्स और सर्विस पाने के बाद एक से ज्यादा सिम इस्तेमाल करने वाले यूजर अपने दूसरे नंबरों को बंद कर सकते हैं। विश्लेषकों के मुताबिक हाल ही में भारती एयरटेल द्वारा पेश किए जाने वाले मिनिमम रिचार्ज प्लान और मार्केट लीडर वोडाफोन आइडिया के छोटे रिचार्ज ने एक मूल्य निर्धारित कर दिया है। जिससे यह रिलायंस जियो के न्यूनतम टैरिफ प्लान के बराबर आ गया है। जब तीनों ही कंपनियों में मिलने वाले फायदे एक जैसे हो गए हैं तो अब यूजर्स तीनों में से किसी एक को ही चुनेंगे। द इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक इससे अगस्त के अंत में रिकॉर्ड किए गए लगभग 1.2 अरब से कुल ग्राहकों का बेस कम हो जाएगा, जबकि नए सिम या यूनिक ग्राहकों के साथ लोगों की संख्या बढ़ेगी। कुल बेस में वर्तमान में कुछ 73-75 करोड़ यूनिक ग्राहक हैं, या इनके पास एक ही सिम है। बाकी ग्राहकों के पास दो सिम हैं।

सेलुलर ऑफरेटर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) के डायरेक्टर जनरल राजन मैथ्यू के मुताबिक अगले 6 महीनों में सब्सक्राइबरों की तादाद में 2.5 से 3 करोड़ की कमी आ सकती है। वहीं, एक ऐनालिस्ट ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि अगली 2 तिमाहियों में सब्सक्राइबरों की संख्या में 4.5 से 6 करोड़ तक की कमी आ सकती है।

डेलोइट इंडिया के टेक्नॉलजी, मीडिया और टेलिकम्युनिकेशंस पार्टनर हेमंत एम. जोशी कहते हैं, ‘ग्राहक 2 सिम इसलिए इस्तेमाल करते हैं ताकि वे जगह के हिसाब से किफायती और अच्छी सर्विस का लाभ उठा सकें। अब, चूंकि सभी ऑपरेटरों की प्राइस और सर्विस क्वॉलिटी लगभग एक समान है तो कई कनेक्शन की कोई जरूरत ही नहीं रह गई है।’ जोशी के मुताबिक कई की जगह एक सिम कार्ड का ट्रेंड इंडस्ट्री के लिए अच्छा ही है। उनके मुताबिक इससे वास्तविक उपभोक्ताओं का पता चल सकेगा और उसी के मुताबिक टेलिकॉम कंपनियां अपनी आगे की रणनीतियां और विस्तार के कार्यक्रम को तय कर सकेंगी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App