टेक इंडस्ट्री में छंटनी का सिलसिला जारी है। डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम के लिए मशहूर अमेरिकी टेक दिग्गज Oracle Corporation ने मंगलवार को कथित तौर पर हजारों कर्मचारियों को निकालना शुरू कर दिया है। यह छंटनी ऐसे समय में हो रही है जब कंपनी को इस साल अपने शेयर में तेज गिरावट का सामना करना पड़ा है। बता दें कि ओरेकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर में अपना निवेश बढ़ा रही है।

आईटी सेक्टर में छंटनी का असर अब भारत में भी गहराता दिख रहा है। Oracle Corporation ने कथित तौर पर भारत में करीब 12,000 कर्मचारियों की छंटनी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले एक महीने में एक और बड़े लेऑफ की योजना बनाई जा रही है।

समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया, इस छंटनी का असर कंपनी के मानव संसाधन विभाग (HR Department) तक में देखा गया है। वैश्विक स्तर पर ओरेकल करीब 30,000 कर्मचारियों को निकाल चुकी है। भारत में कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या लगभग 30,000 है। कंपनी ने इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

छंटनी के लिए क्या पैमाना तय किया है, अभी यह स्पष्ट नहीं है क्योंकि कंपनी ने अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की है। इन खबरों के बाद निवेशकों की धारणा पर भी असर पड़ा है क्योंकि इस साल Oracle के शेयर में 25 प्रतिशत की गिरावट आई है। कई अन्य प्रमुख टेक कंपनियों की तुलना में यह गिरावट कहीं ज्यादा है।

डेटाबेस सॉफ्टवेयर का कारोबार दबाव में

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी जेनरेटिव एआई के तेजी से बढ़ते प्रभाव के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश में कई चुनौतियों का सामना कर रही है। Oracle Corporation का मुख्य कारोबार डेटाबेस सॉफ्टवेयर बेचने पर आधारित है। फिलहाल यह कारोबार दबाव में नजर आ रहा है। निवेशकों को चिंता है कि नए एआई मॉडल, ट्रेडिशनल डेटा सिस्टम की मांग को कम कर सकते हैं।

Business Insider को मिले नोटिस के मुताबिक, मंगलवार सुबह से ही ओरेकल के कर्मचारियों को नोटिस मिलने शुरू हो गए थे। इस नई छंटनी का असर दुनियाभर में Oracle के कर्मचारियों पर पड़ने की संभावना है। कर्मचारियों को भेजे गए नोटिस में कहा गया, ”Oracle की मौजूदा व्यावसायिक जरूरतों पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद हमने संगठन में हो रहे बड़े बदलाव के तहत आपकी भूमिका खत्म करने का फैसला लिया है…इसलिए आज आपका आखिरी वर्किंग डे है।”

वित्तीय हालात चिंताजनक

दूसरी ओर, कंपनी अपने वित्तीय हालात को लेकर बढ़ती चिंताओं का भी सामना कर रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के लिए बढ़ते कर्ज और कैश फ्लो में गिरावट है। मई 2025 तक, लैरी एलिसन के नेतृत्व वाली Oracle Corporation में लगभग 1,62,000 कर्मचारी थे।

हालांकि, कंपनी अपने मुख्य डेटाबेस व्यवसाय पर ध्यान बनाए रखते हुए क्लाउड कंप्यूटिंग में भी विस्तार कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Oracle एआई वर्कलोड को सपोर्ट करने के लिए डेटा सेंटर्स बनाने पर भारी खर्च कर रही है। इसके बावजूद,ओरेकल अपने सबसे बड़े क्लाउड प्रतिस्पर्धियों जैसे अमेज़न से अभी भी छोटी है। इसके चलते बड़े पैमाने पर प्रतिस्पर्धा करना उसके लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

कंपनी ने अपने बड़े निवेशों को पूरा करने के लिए कर्ज का सहारा लिया है। इस साल जनवरी में ओरेकल कॉर्पोरेशन ने कर्ज और इक्विटी के जरिए 50 अरब डॉलर जुटाने की योजना की घोषणा की थी। हालांकि, हाल ही में हुई अर्निंग कॉल के दौरान अधिकारियों ने कहा कि 2026 में अतिरिक्त कर्ज लेने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।

कुल मिलाकर, ओरेकल एक तरफ एआई में भारी निवेश करने की जरूरत और दूसरी तरफ निवेशकों की वित्तीय स्थिरता व लॉन्ग-टर्म प्रतिस्पर्धा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।

CNBC के मुताबिक, पिछले साल सितंबर में Oracle Corporation ने अपने रिमेनिंग परफॉर्मेंस ऑब्लिगेशंस (RPO) में बंपर बढ़ोतरी दर्ज की थी। यह आंकड़ा 359% बढ़कर 455 अरब डॉलर तक पहुंच गया जिसका बड़ा हिस्सा OpenAI के साथ 300 अरब डॉलर से अधिक के सौदे के कारण था।

इसके बाद कंपनी ने नेतृत्व में भी बदलाव किए जिसमें माइक सिसिलिया और क्ले मैगुइर्क को सफरा कैट्ज़ का उत्तराधिकारी घोषित किया गया।

कुछ विश्लेषकों का मानना है कि लागत में कटौती से कंपनी की वित्तीय स्थिति में काफी सुधार हो सकता है। इसके बावजूद, ओरेकल की लीडरशिप इस बात को लेकर आश्वस्त है कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में किया गया भारी निवेश समय के साथ लाभ देगा।

ओरेकल की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब टेक कंपनियां बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की संख्या घटा रही हैं। Amazon ने जनवरी में करीब 16,000 कॉर्पोरेट पदों में कटौती की बात कही थी। पिछले साल Microsoft ने लगभग 15,000 नौकरियों में कटौती की घोषणा की थी जबकि हाल ही में Meta ने भी सैकड़ों कर्मचारियों को निकालने की बात कही।