ChatGPT बनाने वाली कंपनी ओपनएआई ने अपने नए AI मॉडल को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के चलते इस मॉडल को जारी नहीं करने का फैसला किया है।

ओपनएआई के मुताबिक, मॉडल कंपनी के तय सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरा नहीं उतरा। इस फैसले के बाद AI मॉडल्स की सुरक्षा और उनके काम करने के तरीके को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।

GPT-6.1 Astra सिस्टम कंपनी के मानकों पर “पूरी तरह खरा नहीं उतरा”

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ओपनएआई में सुरक्षा प्रणालियों की प्रमुख साची जैन के अनुसार, इसका GPT-6.1 Astra सिस्टम कंपनी के मानकों पर “पूरी तरह खरा नहीं उतरा”।

कंपनी ने जून में हुई उन घटनाओं पर भी अपडेट जारी किया। जिनमें इसके मॉडलों ने बिना अनुमति के ऑस्ट्रेलियाई सरकारी वेबसाइटों और प्रणालियों तक पहुंच प्राप्त की थी।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब प्रमुख एआई फर्मों के मॉडलों द्वारा सुरक्षा उल्लंघन की घटनाओं ने इस तकनीक से जुड़े जोखिमों पर बहस को तेज कर दिया है। एंथ्रोपिक ने अपनी चिंता व्यक्त की है कि एआई मानवता के लिए खतरा पैदा कर सकता है। एंथ्रोपिक ने सार्वजनिक होने की तैयारी करते हुए इस बात पर जोर दिया है कि एआई मानवता के लिए खतरा बन सकता है।

रॉयटर्स ने मंगलवार को बताया कि एआई डेवलपर (जो चैटजीपीटी की प्रतिद्वंद्वी क्लाउड का निर्माण करता है) अपने आईपीओ में संभावित निवेशकों को चेतावनी देने की योजना बना रहा है कि यह तकनीक “मानवता के लिए विनाशकारी या जोखिम” पैदा कर सकती है।

कड़ी चेतावनियों के बावजूद, कंपनी के सार्वजनिक होने पर दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में से एक बनने की उम्मीद है।

सुरक्षा को लेकर बढ़ते सवाल

ओपनएआई का यह निर्णय (जिसकी पहली रिपोर्ट वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दी थी) किसी प्रमुख एआई डेवलपर द्वारा सुरक्षा चिंताओं के कारण नए मॉडल को जारी न करने का एक दुर्लभ उदाहरण है।

फ्लैगशिप GPT-6 Astra एजेंटिक मॉडल सितंबर में जारी किया गया था और यह मुश्किल लॉजिक वाले काम करने और खुद से टास्क पूरे करने में माहिर है। ओपनएआई ने कहा कि यह “सालों की रिसर्च और बड़े दांव” का नतीजा था।

यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े एआई डेवलपर ने कोई नया मॉडल वापस लिया हो या उसे जारी करने से रोका हो।

इस साल की शुरुआत में, Anthropic ने कहा था कि वह अपने शक्तिशाली Claude मॉडल, Mythos को सार्वजनिक रूप से जारी नहीं करेगा, क्योंकि वह छिपे हुए सॉफ्टवेयर बग्स को खोजने में बहुत माहिर था। कई महीनों बाद कंपनी ने उस मॉडल का एक वर्शन जनता के लिए जारी किया।

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उत्तरी यमन में सक्रिय एक आतंकी संगठन ने एआई मॉडल क्लाउड कोड का इस्तेमाल गाइडेड रॉकेट और लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल के लिए सॉफ्टवेयर विकसित करने की कोशिश में किया। अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कंपनी एन्थ्रोपिक (Anthropic) ने अपनी रिपोर्ट “Detecting and Countering Misuse of AI: September 2026” में इस बात का खुलासा किया है। यहां पढ़ें पूरी खबर…