NHRC को रोजाना मिलती हैं औसतन 228 शिकायतें, 20 हजार से अधिक केस विचाराधीन; जानें- कैसे कर सकते हैं शिकायत?

सबसे पहले आपको एनएचआरसी की वेबसाइट nhrc.nic.in पर जाना होगा। वहां होम पेज पर आपको “कंप्लेंट्स” का ऑप्शन मिलेगा, जिस पर क्लिक करने के बाद आपको कई विकल्प मिलेंगे।

nhrc, india news, utility news
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएसआरसी) को हर दिन औसतन 228 शिकायतें मिल रही हैं और फिलहाल उसके समक्ष 20,806 मामले विचाराधीन हैं । आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। आयोग के समक्ष विचाराधीन 20,806 नए और पुराने मामलों में से 344 मामले पुलिस हिरासत में मौत के, 3407 मामले न्यायिक हिरासत में मौत के, 365 मामले पुलिस मुठभेड़ में मौत के हैं।

इसके अलावा, बंधुआ मजदूरों से संबंधित 290 शिकायतें, बच्चों से जुड़ी 336 शिकायतें, महिलाओं से संबंधित 1741 शिकायतें तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग से जुड़ी 338 शिकायतें आयोग के समक्ष विचाराधीन हैं । अन्य श्रेणी के, मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन के 13,985 मामले आयोग में विचाराधीन हैं।

बीते पांच वर्षो में आयोग को कुल 4,16,232 शिकायतें प्राप्त हुई । इनमें से, साल 2016 में 96,627 शिकायतें, 2017 में 82,006 शिकायतें, 2018 में 85,950 शिकायतें, 2019 में 76,585 शिकायतें और 2020 में 75,064 शिकायतें आयोग को मिलीं। इस प्रकार, हर दिन आयोग को औसतन 228 शिकायतें मिल रही हैं।

एनएचआरसी के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 में अब तक उसे 53,191 शिकायतें मिली हैं। पिछले महीने यानी सितंबर 2021 में उसे 10,627 नयी शिकायतें मिलीं। सितंबर में ही नयी और पुरानी 8,736 शिकायतों का निपटारा किया गया।

यह ऑनलाइन शिकायत देने का तरीकाः सबसे पहले आपको एनएचआरसी की वेबसाइट nhrc.nic.in पर जाना होगा। वहां होम पेज पर आपको “कंप्लेंट्स” का ऑप्शन मिलेगा, जिस पर क्लिक करने के बाद आपको कई विकल्प मिलेंगे। इनमें ‘हाउ टू फाइल एन ऑनलाइन कंप्लेंट’ में आप तरीका समझ सकते हैं, जबकि “फाइल कंप्लेंट ऑनलाइन” पर जाकर सीधे अपनी शिकायत दे सकते हैं। आप जैसे ही इस पर क्लिक करेंगे तो नया पेज रीडायरेक्ट होगा, जहां आपको लोकेशन (घटना किस जगह की है), कहां शिकायत देना चाहते हैं और अपना नंबर व ईमेल आईडी देनी होगी। यह सारी जानकारी देकर आपको इसे ओटीपी मंगाकर वेरिफाई करना होगा।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का गठन मानवाधिकार सुरक्षा अधिनियम 1993 के तहत 12 अक्टूबर 1993 को किया गया था । आयोग मानवाधिकारों के हनन से जुड़े मामलों पर संज्ञान लेता है, इसकी जांच करता है तथा पीड़ितों के लिए मुआवजे की सिफारिश करता है । इसके साथ ही आयोग मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वाले लोक सेवकों के खिलाफ कानूनी उपाय भी करता है। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)

पढें टेक्नोलॉजी समाचार (Technology News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट