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स्पेस में यात्रियों की चहलकदमी के बाद नाासा ने मंगल पर चट्टान पर धारियों से दिए पानी होने के संकेत

नासा का मार्स रोवर अपाच्र्युनिटी ने इस सप्ताह 'चट्टान पर धारियों' का पता लगाया है, जिससे लाल ग्रह पर पानी, हवा व अन्य प्रक्रियाओं के होने के संकेत मिलते हैं।

Author वाशिंगटन | February 18, 2018 10:56 PM

नासा का मार्स रोवर अपाच्र्युनिटी ने इस सप्ताह ‘चट्टान पर धारियों’ का पता लगाया है, जिससे लाल ग्रह पर पानी, हवा व अन्य प्रक्रियाओं के होने के संकेत मिलते हैं। इस रोवर को मंगल पर 5,000 दिन हो चुके हैं। नासा ने इस हफ्ते एक बयान में कहा कि रोवर से मिले हालिया चित्रों में जमीन की बनावट में कुछ पर्वत की ढलानों पर बहुत ही विशेष तरह की पत्थर पर धुंधली धारियां दिखी हैं, जमीन पर यह नम मिट्टी के बार-बार जमने व टूटने के चक्र के दोहराए जाने के परिणाम स्वरूप बनती हैं।

बयान में कहा गया है कि लेकिन यह हवा, ढलान से किसी चीज के आने-जाने या दूसरी प्रक्रियाओं के संयोजन के कारण भी हो सकती है। सेंट लुईस में वाशिंगटन विश्वविद्यालय के अपाच्र्युनिटी के उप मुख्य अनुसंधानकर्ता रे अरविडसन ने कहा, “यह रहस्यमय है। यह रोमांचक है। मेरा मानना है कि जो भी हमें जानकारी प्राप्त होगी, उससे हमें इसे समझने में मदद मिलेगी। अपार्च्यूनिटी को मंगल पर जनवरी 2004 में उतारा गया था। यह वर्तमान में एक चैनल ‘प्रिजर्वेश वैली’ की जांच कर रहा है।

इससे पहले नासा ने दो अंतरिक्ष यात्रियों को 2018 साल की अंतरिक्ष में की पहली चहलकदमी की थी। इस दौरान उन्होंने एक रोबोट की भुजा पर काम किया। अंतरिक्ष यात्री स्कॉट टिंगल और मार्क वेंडे हेई, अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आईएसएस) के अभियान 54 के चालक दल ने अंतरिक्ष केंद्र के बाहर 6.5 घंटे बिताए।

अंतरिक्ष में अपने करियर की पहली चहलकदमी करने वाले टिंगल ने स्पेस डॉट कॉम से कहा, “यह मेरे लिए आजीवन यादगार रहने वाला है और मैं वहां पहुंचने तथा वहां काम करने को लेकर उत्सुक हूं। दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को कनाडार्म2 की दो भुजाओं में से एक को बदलने का काम सौंपा गया था। कनाडार्म2 को लैचिंग इंड एफेक्टर्स (एलईई) के तौर पर जाना जाता है। एलईई एकसमान ग्रेपलिंग उपकरण है, जिसका इस्तेमाल आने वाले मालवाहक अंतरिक्ष यान को बंद करने के लिए किया जाता है। रपट में कहा गया है कि उन्होंने कनाडर्म2 को अंतरिक्ष केंद्र के बाहर चारों तरफ गति करने की भी इजाजत दी।

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