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किंभो: बाबा रामदेव ने लॉन्च किया व्हाट्सऐप का देसी वर्जन, जानें खूबी-खामियां

फोन पर मैसेजिंग के दौरान टाइपिंग बार के नीचे अक्सर सजेशंस नजर आते हैं। स्वदेशी होने के कारण किंभो में हेलो-हाय के साथ राम-राम और नमस्ते जैसे सजेंशस भी मिलेंगे। स्वामी रामदेव के इस स्वदेशी ऐप में ढेर सारे देसी और मजेदार स्टिकर्स भी मिलेंगे।

रामदेव की पतंजलि कम्युनिकेशंस के अंतर्गत किंभो लॉन्च हुआ है। (फोटोः गूगल/फेसबुक)

योग गुरु और पतंजलि कंपनी के मालिक बाबा रामदेव मैसेजिंग ऐप्लिकेशन व्हाट्सऐप का देसी वर्जन भारत में लॉन्च कर चुके हैं। माना जा रहा है कि रामदेव का यह ऐप व्हाट्सऐप को आने वाले दिनों में कड़ी टक्कर देगा। बुधवार (30 मई) को आए इस ऐप का नाम है- किंभो। पतंजलि ने इसकी टैगलाइन रखी, ‘अब भारत बोलेगा।’ हालांकि, किभो फिलहाल बीटा चरण में है। ऐप में इसी कारण कुछ गड़बड़ियां मिलीं, लिहाजा इसे गूगल प्ले स्टोर से हटा लिया गया।

जनसत्ता टीम ने गूगल प्ले स्टोर पर इसे गुरुवार (31 मई) को डाउनलोड करने की कोशिश की, मगर किंभो सर्च करने पर ऐप गायब मिला। खैर, तकनीकी खामियों के चलते ऐप भले ही अभी प्ले स्टोर से हटा लिया गया हो, मगर जानकारों का कहना है कि जल्द ही यह यूजर्स के लिए वापस हाजिर होगा। ऐसे में आइए जानते हैं इसकी खूबी और कमियां।

किंभो पतंजलि कम्युनिकेशंस के बैनर तले लॉन्च हुआ। लोग इससे पहले तक गूगल प्ले स्टोर पर इसे मुफ्त में डाउनलोड कर रहे थे। फीचर्स के तौर पर इसमें चैट, कॉनटैक्ट और ऐक्टिविटी के तीन टैब मुख्य स्क्रीन पर होंगे। दाईं ओर गेयर आईकन भी दिया गया, जिसे चुनकर प्रोफाइल में बदलाव किए जा सकेंगे।

बगल में पेंसिल सरीखा आईकन क्लिक करेंगे तो मैसेज में डूडलिंग कर पाएंगे। ऐप के प्रोफाइल सेक्शन में आप खुद के बारे में ब्यौरा जोड़ और संपादित कर सकेंगे। खास बात है कि नंबर बदलने के साथ वीडियो व फोटो ऑटो डाउनलोड करने का विकल्प भी मिलेगा।

फोन पर मैसेजिंग के दौरान टाइपिंग बार के नीचे अक्सर सजेशंस नजर आते हैं। स्वदेशी होने के कारण किंभो में हेलो-हाय के साथ राम-राम और नमस्ते जैसे सजेंशस भी मिलेंगे। स्वामी रामदेव की इस स्वदेशी ऐप में ढेर सारे देसी और मजेदार स्टिकर्स भी मिलते हैं। किसी स्टिकर में लिखा मिलेगा- परेशाम मत कर, तो किसी दूसरे में लिखा होगा- सही है भाई।

हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि मैसेजिंग के दौरान मैसेज एक यूजर से दूसरे यूजर तक पहुंच नहीं रहे थे। ऐप इंस्टाल होने के बाद मोबाइल हैंग होने की समस्या भी सामने आई। साथ ही इससे शुरुआती दौर में वॉइस और वीडियो कॉलिंग भी नहीं की जा सकी।

क्या होता है किंभो?: संस्कृत बोलचाल में किंभो शब्द का इस्तेमाल हाल-चाल पूछने के लिए किया जाता है। यूं समझिए यह हेलो, आप कैसे हैं या वॉट्स अप का संस्कृत वर्जन है।

रामदेव इससे पहले सोमवार (28 मई) को भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के साथ मिलकर स्वदेशी सिम लाए थे। उन्होंने पतंजलि और बीएसएनएल के टाई-अप को लेकर साफ किया था कि वह टेलीकॉम इंडस्ट्री में कदम नहीं रखना चाहते। उन्होंने स्वदेशी सिम और प्लान पतंजलि के कर्मचारियों को निचली दरों पर कॉलिंग सेवा मुहैया कराने के लिए लॉन्च कराया था।

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