ताज़ा खबर
 

Google Doodle Katsuko Saruhashi: केमिस्ट्री में डॉक्टरेट की उपाधि पाने वाली पहली महिला थीं काट्सुको सरुहाशी

Katsuko Saruhashi in Hindi (काट्सुको सरुहाशी): जापानी सरकार के अनुरोध पर, 1954 में बिकनी एटोल परमाणु परीक्षणों के बाद विश्वविद्यालय के भौगोलिक प्रयोगशाला का विश्लेषण किया गया और सागर के पानी में रेडियोधर्मिता की निगरानी की गई।

Katsuko Saruhashi Google Doodle: सरुहाशी ने 1943 में इंपीरियल वुमेन्स कॉलेज ऑफ साइंस से स्नातक किया।

Katsuko Saruhashi Google Doodle: जापानी वैज्ञानिक काट्सुको सरुहाशी की 94 वीं जयंती पर गूगल ने डूडल बनाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। काट्सुको सरुहाशी ने कहा था कि “ऐसी कई महिलाएं हैं जिनके पास महान वैज्ञानिक बनने की क्षमता है। मैं उस दिन को देखना चाहती हूं जब महिलाएं पुरुष के साथ समान स्तर पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी में योगदान कर सकती हैं।” काट्सुको सरुहाशी का जन्म 22 मार्च 1920 को जापान के टोक्यो में हुआ था। वह जियोकेमिस्ट के रूप में अपनी ग्राउंट ब्रेकिंग रिसर्च के लिए प्रसिद्ध है। 35 साल से ज्यादा के कैरियर में काट्सुको सरुहाशी 1980 में जापान की विज्ञान परिषद के लिए चुने जाने वाली पहली महिला थीं।

काट्सुको सरुहाशी तापमान, पीएच स्तर और क्लोरिनिटी के आधार पर पानी में कार्बोनिक एसिड की एकाग्रता को सही ढंग से मापने वाली पहली वैज्ञानिक थीं। इस पद्धति हर जगह महासागरीय वैज्ञानिकों के लिए अमूल्य साबित हुई है। उन्होंने महासागरों में रेडियोएक्टिव की गति का पता लगाने के लिए एक तकनीक भी विकसित की, जिसके कारण 1963 में समुद्री परमाणु प्रयोग को सीमित करना पड़ा। सरुहाशी ने 1943 में इंपीरियल वुमेन्स कॉलेज ऑफ साइंस से स्नातक किया, जिसे टोहो विश्वविद्यालय के रूप में जाना जाता है।

उन्होंने 1957 में टोक्यो विश्वविद्यालय से रसायन विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। Saruhashi पहली महिला थी जिन्होंने रसायन शास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। जापानी सरकार के अनुरोध पर, 1954 में बिकनी एटोल परमाणु परीक्षणों के बाद विश्वविद्यालय के भौगोलिक प्रयोगशाला का विश्लेषण किया गया और सागर के पानी में रेडियोधर्मिता की निगरानी की गई। 1985 में भू-रसायन के लिए मियाके पुरस्कार से सम्मानित होने वाली पहली महिला बनीं। उन्होंने युवा महिलाओं को विज्ञान का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। साल 1981 में उन्होंने सारुहाशी प्राइज देने की शुरुआत की। यह अवॉर्ड महिला वैज्ञानिकों को साल में एक बार दिया जाता था। 29 जून 2007 को 87 साल की उम्र में टोक्यो में उनका निधन हो गया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App