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IRCTC: ऑरिजनल आईडी की कॉपी नहीं है तब भी कर सकते हैं रेल में सफर, नहीं देना पड़ेगा जुर्माना, ये है शर्त

IRCTC: रेलवे ने अपने सभी जोनल मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधकों को सूचित किया है कि ऐसी सेवा के लिए इन दो पहचान प्रमाणों को यात्री के वैध पहचान प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा।

इंडियन रेलवे (प्रतीकात्मक तस्वीर/एक्सप्रेस फाइल फोटो)

ट्रेन में सफर करने के लिए अगर आपने ऑनलाइन टिकट बुक की होगी तो आपको ट्रेन में अपना आईडी प्रूफ दिखाना पड़ा होगा। अगर आपके पास टिकट है और आईडी प्रूफ नहीं है तो आपको ट्रेन में बिना टिकट माना जाएगा। अगर आपके साथ कभी ऐसा हुआ होगा तो आपको जुर्माना भरना पड़ा होगा। अगर आप अपना आईडी प्रूफ इस डर से अपने साथ नहीं रखते हैं कि वह खो जाएगा, तो इसका भी रेलवे ने समाधान कर दिया है। रेलवे ने कहा है कि वह अब आपके आधार और ड्राइविंग लाइसेंस की सॉफ्ट कॉपी स्वीकार करेगा, बशर्ते वह डिजीलॉकर में स्टोर हो। सॉफ्ट कॉपी का मतलब होता है जो आपके मोबाइल लेपटॉप में होती है। कागज पर नहीं। डिजीलॉकर सरकार द्वारा संचालित एक डिजिटल स्टोरेज सर्विस है, जिसमें भारतीय नागरिक क्लाउड पर अपने कुछ आधिकारिक दस्तावेज स्टोर कर सकते हैं।

रेलवे ने अपने सभी जोनल मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधकों को सूचित किया है कि ऐसी सेवा के लिए इन दो पहचान प्रमाणों को यात्री के वैध पहचान प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा। आदेश में कहा गया है, ‘अगर एक यात्री अपने डिजीलॉकर एकाउंट में लॉगिन करके ‘जारी दस्तावेज’ सेक्शन से आधार या ड्राइविंग लाइसेंस दिखाता है तो इसे एक वैध पहचान पत्र के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए।’

हालांकि, इसमें स्पष्ट किया गया है कि यात्री द्वारा खुद से अपलोड दस्तावेज जो कि ‘अपलोड दस्तावेज’ सेक्शन में हैं, उसे यात्री के वैध प्रमाणपत्र के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। नरेंद्र मोदी सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत वर्तमान समय में डिजीलॉकर में डिजिटल लाइसेंस और आधार स्टोर किया जा सकता है। क्लाउड आधारित सेवा ने छात्रों को मार्कशीट का डिजिटल संस्करण देने के लिए सीबीएसई के साथ भी करार किया था। उपभोक्ता डिजीलॉकर से अपने स्थायी खाता संख्या (पैन) को भी जोड़ सकते हैं।

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