सरकार व्हॉट्सएप के प्रस्तावित ‘यूजरनेम’ (username) फीचर पर नजर बनाए हुए है। इस फीचर के संभावित दुरुपयोग और अन्य सुरक्षा संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार इसके विभिन्न पहलुओं की समीक्षा कर रही है। व्हाटसऐप ने यह फीचर इसी हफ्ते जारी किया है। यूजरनेम फीचर से उपभोक्ता किसी के फोन नंबर के बिना भी उसे व्हाट्सऐप मैसेज भेज सकेंगे। इसके लिए उन्हें केवल सम्बन्धित व्यक्ति का यूजरनेम पता होना चाहिए।
समाचार एजेंसी पीटीआई के सरकार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि सरकार संभावित जोखिमों का आकलन करेगी। उन्होंने कहा कि इस फीचर से यूजर्स असली एजेंसियों और अन्य संस्थाओं जैसे यूजरनेम अपना सकते हैं, जिससे किसी और का रूप धरने और धोखाधड़ी की संभावना बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि इसके सार्वजनिक सुरक्षा और समाज पर बुरे असर पड़ सकते हैं।
सूत्रों ने आगे कहा कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगी। बता दें कि हाल ही में व्हाट्सऐप ने अपने करोड़ों यूजर्स के लिए यूजरनेम फीचर को रोलआउट करना शुरू कर दिया है। इस फीचर की मदद से अब यूजर्स अपना एक यूनिक यूजरनेम बना सकेंगे, जिससे बिना मोबाइल नंबर शेयर किए भी दूसरे लोग उनसे जुड़ सकेंगे।
कंपनी ने यूज़रनेम के लिए शुरुआती रिजर्वेशन शुरू कर दिए हैं, जिन्हें इस साल के आखिर में आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया जाएगा।
WhatsApp ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, “इस हफ़्ते से, आप यूज़रनेम रिजर्व कर सकते हैं ताकि जब हम इस साल के आखिर में यह फ़ीचर लॉन्च करें, तो आप उसका इस्तेमाल कर सकें।”
मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के अनुसार, इस कदम का मकसद यूजर की प्राइवेसी को बेहतर बनाना है, खासकर ग्रुप चैट में या नए लोगों से जुड़ते समय, ताकि फोन नंबर शेयर करने की जरूरत न पड़े।
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एप्पल ने आखिरकार अपने प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ा दी हैं। कंपनी ने कई मैकबुक और iPad मॉडल्स को महंगा कर दिया है, जबकि फिलहाल आईफोन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब एक हफ्ते पहले ही कंपनी के CEO टिम कुक ने चेतावनी दी थी कि मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमतों के कारण प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाना जरूरी हो सकता है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
