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Google की नौकरियां छोड़ रहे हैं कर्मचारी, जानिए क्‍या है वजह

Google Project Maven: इन इस्तीफों के अलावा गूगल के करीब 4,000 कर्मचारी इंटरनल पटीशन डालकर प्रोजेक्ट मेवेन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं।

कंपनी पेंटागन के एक और प्रोजेक्ट के लिए बोली लगा सकती है। कंपनी क्लाउड कंप्यूटिंग के लिए जॉइंट एंटरप्राइज़ डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर की भी बोली लगा सकती है।

अगर आपको किसी बड़ी कंपनी में जॉब मिल जाए, तो उसे छोड़ने का फैसला लेना आसान नहीं होता, और कंपनी जब इतनी बड़ी हो कि उसके बारे में दुनिया भर के लोग जानते हों तो यह फैसला लेना और कठिन हो जाता है। हम बात कर रहे हैं 762 बिलियन डॉलर की कंपनी गूगल की। गूगल के कर्मचारी नौकरी छोड़कर जा रहे हैं। तीन महीने पहले गूगल ने यूनाइटेड स्टेट रक्षा विभाग के साथ एक विवादास्पद ड्रोन को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस देने के लिए कॉन्ट्रेक्ट साइन किया था। इस प्रोग्राम का नाम प्रोजेक्ट मेवेन है। यह ऐसा ड्रोन होगा जो अपने आप इंसान और ऑब्जेक्ट में अंतर समझ लेगा। गूगल के कुछ कर्मचारी इस प्रोजेक्ट पर काम नहीं करना चाह रहे हैं। गिजमोदो के मुताबिक मशीन को इतनी पावर देने के विरोध में दर्जन भर लोग इस्तीफा दे रहे हैं।

इस कारण के अलावा, वे सैन्य कार्य में गूगल की भागीदारी और इस तरह के निर्णयों के संबंध में फर्म में पारदर्शिता की कमी से भी खुश नहीं हैं, जो उनके अनुसार, अंत में यूजर्स के विश्वास को ठेस पहुंचाएगा। इन इस्तीफों के अलावा गूगल के करीब 4,000 कर्मचारी इंटरनल पटीशन डालकर प्रोजेक्ट मेवेन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं। इन्होंने कंपनी के उच्च अधिकारियों से आग्रह किया है कि वह इस कॉन्ट्रेक्ट को तुरंत रद्द कर दें।

इसके अलावा एक ऐसी इंटरनल पॉलिसी बनाई जाए कि भविष्य में कंपनी कभी भी सेना के लिए काम नहीं करे। हालांकि ऐसा लग रहा है कि इससे उच्च अधिकारियों पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। क्योंकि उन्होंने प्रोजेक्ट पर अपने काम का बचाव किया है। यही सबकुछ नहीं है इसके अलावा भी कंपनी पेंटागन के एक और प्रोजेक्ट के लिए बोली लगा सकती है। कंपनी क्लाउड कंप्यूटिंग के लिए जॉइंट एंटरप्राइज़ डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर की भी बोली लगा सकती है। आपको बता दें कि गूगल लगातार कुछ न कुछ नया करती रहती है। हाल ही में कंपनी ने अपनी ईमेल सर्विस जीमेल में कुछ बदलाव किए थे। इसके बाद इसमें कुछ सिक्योरिटी फीचर्स के अलावा इसका लुक भी बदल गया है।

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