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Geminid Meteor Shower 2018 Google Doodle: गेमिनीद मेटेओर शावर आज, ऐसा दिखेगा आतिशबाजी का अद्भुत नजारा

Geminid Meteor Shower 2018 India Google Doodle: यह घटना हर साल दिसंबर में होती है और इस साल 13 दिसंबर को उल्कापात होगा। आज गेमिनीद मेटेओर शावर (उल्कापात) 78,000 मील प्रतिघंटे की रफ्तार से आकाश से गुजरेंगे। जिसका नजारा वाकई में काफी भव्य होगा।

Geminid Meteor Shower 2018 : गूगल ने जेमिनिड मिटियोर शावर के डूडल को बड़े खास तरीके से तैयार किया है।

Geminid Meteor Shower 2018 Google Doodle: 13 दिसंबर 2018 को गूगल ने Geminid Meteor Shower डूडल बनाया है। यह डूडल आज होने वाली खगोलीय घटना पर आधारित है। इस घटना का दृश्य आकाश में किसी भव्य आतिशबाजी से कम ही नहीं होता। यह घटना हर साल दिसंबर में होती है और इस साल 13 दिसंबर को उल्कापात होगा। आज जेमिनिड मिटियोर शॉवर (उल्कापात) 78,000 मील प्रतिघंटे की रफ्तार से आकाश से गुजरेंगे। हालांकि इससे कोई खतरा नहीं है और लोग बिना डरे इस इस नजारे का लुत्फ उठा सकते हैं। बता दें कि 35 साल पहले इस उल्कापात का सेटेलाइट डाटा तैयार किया गया था। सबसे पहले, इस 3 मील चौड़े ऐस्टरॉयड को Phaethon कहा जाता था। बाद में इसका नाम ग्रीक गॉड अप्पोलो के बेटे के नाम पर रखा गया।

गूगल ने गेमिनीद मेटेओर शावर के डूडल को बड़े खास तरीके से तैयार किया है। गूगल ने सात स्लाइड के जरिए इस पूरे घटनाक्रम को दर्शाने की कोशिश की है। इन स्लाइड्स में सूर्य और पृथ्वी के पास से गुजरने वाले गेमिनीद मेटेओर शावर को बड़े खास अंदाज में समझाने की कोशिश की है। जिसमें उल्कापात की लेयर और उसकी वजह से पृथ्वी पर दिखाई देने वाली रोशनी को समझाने की कोशिश की है। डूडल में दिखाया गया है कि उल्कापात सूर्य के बेहद करीब से गुजरेगा।

बता दें कि गेमिनीद मेटेओर शावर को देखने के लिए टेलिस्कोप या दूरबीन के बगैर भी देखा जा सकता है। जो लोग इस भव्य दृश्य को देखने के इच्छूक हैं। वो रात 9 बजे किसी खुले स्थान या घर की छत पर जाकर भी देख सकते हैं। करीब 12 बजे तक इस उल्कापात का दृश्य काफी भव्य होने वाला है। क्योंकि आप इस दौरान प्रतिघंटे 120 मीटियोर को देख सकेंगे।

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Geminid Meteor Shower 2018 Google Doodle: 

19:10 (IST) 13 Dec 2018
उल्कापात वर्षा को देखने के लिए 20 मिनट पहले अलग रख दें मोबाइल फोन्स

जेमिनिड मिटियोर शावर को आप नंगी आंखों से भी देख सकते हैं। इसके लिए टेलिस्कोप या दूरबीन की जरूरत नहीं पड़ेगी। बशर्ते इसे देखने के लिए आपको 20 से 30 मिनट पहले अपने मोबाइल फोन्स अलग रखने होंगे। क्योंकि मोबाइल से निकलने वाली लाइट आपकी आंखों को फोकस करने से रोक सकती है।

18:49 (IST) 13 Dec 2018
7 स्लाइड में दिखाया पूरा घटनाक्रम

गूगल ने 7 स्लाइड के जरिए इस पूरे घटनाक्रम को दर्शाने की कोशिश की है। इन स्लाइड्स में सूर्य और पृथ्वी के पास से गुजरने वाले जेमिनिड मिटियोर शावर के घटनाक्रम को बड़े खास अंदाज में समझाया दर्शाया गया है। 

18:20 (IST) 13 Dec 2018
ये है इसका नाम

इस ऐस्टरॉयड को 3200 फेथॉन के नाम से जाना जाता है जो 523 दिन में एक बार धरती के सबसे करीब से गुजरता है। आमतौर पर सभी ऐस्टरॉयड बर्फ, धूल और पत्थर से बने होते हैं, लेकिन जेमिनिड ऐस्टरॉयड पत्थर और धातु से बना होता है।

18:06 (IST) 13 Dec 2018
Geminid Meteor Shower 2018 Google Doodle: ऐसे समझें पृथ्वी पर कैसे दिखेगी गेमिनीद मेटेओर शावर की आतिशबाजी

आज होने वाले खगोलीय घटना बेहद खास है। गेमिनीद मेटेओर शावर के समय आकाश का दृश्य किसी भव्य आतिशबाजी से कम ही नहीं लगेगा। यह घटना हर साल दिसंबर में होती है और इस साल 13 दिसंबर को उल्कापात होगा। गूगल डूडल की छठी स्लाइड में इसी आतिशबाजी को आकर्षक ढंग से दर्शाया गया है।

17:43 (IST) 13 Dec 2018
Geminid Meteor Shower 2018 Google Doodle: गूगल डूडल की चौथी स्लाइज से समझें पृथ्वी और सूरज के बीच ऐस्टरॉयड का संबंध

गूगल द्वारा तैयार किए गए गेमिनीद मेटेओर शावर के डूडल में चौथी स्लाइड से पृथ्वी और सूर्य के बीच ऐस्टरॉयड के बीच संबंध दर्शाया गया है।

16:54 (IST) 13 Dec 2018
Geminid Meteor Shower 2018 Google Doodle: तीसरी तस्वीर से समझें सूर्य से कैसे प्रभावित होगा ऐस्टरॉय

गूगल डूडल की तीसरी स्लाइड में दिखाया गया है कि ये ऐस्टरॉयड सूर्य के कितने करीब से होकर गुजरेंगे। बता दें कि सूर्य के इतने पास से होकर गुजरने की वजह से इसका तापमान 1300 डिग्री फ़ारेनहाइट तक पहुंच सकता है।

16:06 (IST) 13 Dec 2018
Geminid Meteor Shower 2018 Google Doodle: इस तस्वीर से समझें कैसा होगा सूर्य के पास का नजारा

गूगल ने गेमिनीद मेटेओर शावर के डूडल को बड़े खास तरीके से तैयार किया है। गूगल ने सात स्लाइड के जरिए इस पूरे घटनाक्रम को दर्शाने की कोशिश की है। दूसरी स्लाइड में सूर्य के पास से गुजरने वाले गेमिनीद मेटेओर शावर को दर्शाया गया है।

15:23 (IST) 13 Dec 2018
ग्रीक गॉड अप्पोलो के बेटे के नाम पर रखा गया गेमिनीद मेटेओर शावर का नाम

करीब 35 साल पहले उल्कापात का सैटेलाइट डाटा तैयार किया गया था। सबसे पहले, इस 3 मील चौड़े ऐस्टरॉयड को फेथन (Phaethon) कहा जाता था। बाद में इसका नाम ग्रीक गॉड अप्पोलो के बेटे के नाम पर रखा गया।

14:41 (IST) 13 Dec 2018
Geminid Meteor Shower 2018: खगोलीय घटना है उल्का वर्षा

उल्का वर्षा (meteor shower) एक खगोलीय घटना है जिसमें किसी ग्रह पर अकाश के एक ही स्थान से बार-बार कई उल्का बरसते हुए प्रतीत होते हैं। यह उल्का वास्तव में खगोलीय मलबे की धाराओं के ग्रह के वायुमंडल पर अति-तीव्रता से गिरने से प्रस्तुत होते हैं। 

14:09 (IST) 13 Dec 2018
Geminid Meteor Shower 2018: गेमिनीद मेटेओर शावर के पीछे यह है वैज्ञानिक कारण

Geminid Meteor Shower को लेकर वैज्ञानिकों का मानना है कि जब पृथ्वी चक्कर सूर्य के चक्कर लगाती है। उसी दौरान हर साल अन्तरिक्ष में 3200 Phaethon नामक पथरीली चीजें गुजरती हैं। सूर्य के पास गुजरने के कारण यह जलना शुरू कर देता है। जब हम इस दृश्य को पृथ्वी से देखते हैं तो यह तारों की बारिश जैसा लगता है।

13:44 (IST) 13 Dec 2018
Geminid Meteor Shower 2018: गेमिनीद मेटेओर शावर कब और कहां?

आमतौर पर गेमिनीद मेटेओर शावर हर साल होता है। इस बार यह 13 और 14 दिसंबर को दिखाई देगा। इसे देखने का समय 10 बजे से बताया जा रहा है। यह पृथ्वी के उत्तरी गोलार्द्ध में अधिक देखा जा सकता है। जिसकी वजह से यह दुनिया भर में कहीं ज्यादा तो कहीं कम देखा जाएगा।

13:13 (IST) 13 Dec 2018
Geminid Meteor Shower 2018: जानिए इस घटना को क्यों कहा जाता है गेमिनीद मेटेओर शावर

दरअसल, इस उल्कापात को गेमिनीद मेटेओर शावर कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दृश्य के पीछे की जो प्रक्रिया है उसे गेमिनीद कहा जाता है। उल्का या तारों को मेटेओर कहते हैं। जिसमें तारे के टूटने का दृश्य बारिश की तरह लगती है। जिसे शावर कहा जाता है। आकाश में होने वाली इस पूरी प्रक्रिया को गेमिनीद मेटेओर शावर कहा जाता है।

12:27 (IST) 13 Dec 2018
Geminid Meteor Shower 2018: हर 1.4 वर्षों में सूरज की कक्षा में है

Geminid को 1862 के बाद से वार्षिक उल्का शॉवर के रूप में जाना जाता है, लेकिन 1983 तक फॉथेन की खोज नहीं हुई थी। यह लगभग 1.4 मील (4.8 किलोमीटर) है और हर 1.4 वर्षों में सूरज की कक्षा में है।

11:59 (IST) 13 Dec 2018
Geminid Meteor Shower 2018: उल्कापात वर्षा को देखने के लिए 20 मिनट पहले अलग रख दें मोबाइल फोन्स

जेमिनिड मिटियोर शावर को आप नंगी आंखों से भी देख सकते हैं। इसके लिए टेलिस्कोप या दूरबीन की जरूरत नहीं पड़ेगा। बशर्ते इसे देखने के लिए आपको 20 से 30 मिनट पहले अपने मोबाइल फोन्स अलग रखने होंगे। क्योंकि मोबाइल से निकलने वाली लाइट आपकी आंखों को फोकस करने से रोक सकती है।

11:38 (IST) 13 Dec 2018
Geminid Meteor Shower 2018 Google Doodle: गूगल ने ऐसे दर्शाया जेमिनिड मिटियोर शावर

गूगल ने सात स्लाइड के जरिए इस पूरे घटनाक्रम को दर्शाने की कोशिश की है। इन स्लाइड्स में सूर्य और पृथ्वी के पास से गुजरने वाले जेमिनिड मिटियोर शावर के घटनाक्रम को बड़े खास अंदाज में समझाया दर्शाया गया है।

The Geminid Meteor Shower 2018: Google Doodle unravels story behind tonight's spectacular light show in the sky

11:05 (IST) 13 Dec 2018
Geminid Meteor Shower 2018: जेमिनिड मिटियोर शावर को 3200 फेथॉन से भी जाना जाता है

इस ऐस्टरॉयड को 3200 फेथॉन के नाम से जाना जाता है जो 523 दिन में एक बार धरती से सबसे करीब से गुजरता है। आमतौर पर सभी ऐस्टरॉयड बर्फ, धूल और पत्थर से बने होतो हैं, लेकिन जेमिनिड ऐस्टरॉयड पत्थर और धातु से बना होता है।

10:45 (IST) 13 Dec 2018
Geminid Meteor Shower 2018 Google Doodle: कैसे बनता है जेमिनिड मिटियोर शावर

जेमिनिड मिटियोर शावर एक 3 मील चौड़े ऐस्टरॉयड की वजह ले बनता है। यह ऐस्टरॉयड सूर्य के बेहद करीब से होकर गुजरता है, जिसकी वजह से इसका तापमान 1300 डिग्री फ़ारेनहाइट तक हो जाता है। अधिक तापमान और तेज गति की वजह से इस ऐस्टरॉयड में जेमिनिड मिटियोर शावर होने लगता है। इसकी वजह से यह दृश्य आकाश में किसी आतिशबाजी से कम नहीं लगता।