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Whatsapp पर स्पायवेअर के जरिए लगी सेंध, जल्दी से कर लें ये अपडेट

Whatsapp: सेंध लगाने वाले ने व्हाट्सएप के ऑडियो कॉल फीचर में एक बग का लाभ उठाया, जिससे डिवाइस पर स्पायवेयर इंस्टॉल सुविधा दी जा रही थी।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फाइल फोटो)

Whatsapp: फेसबुक के स्वामित्व वाली सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वाट्सएप ने पाया कि उसमें सेंध लगाया गया है। इसमें वाट्सएप के फोन कॉल फंक्शन के माध्यम से यूजर्स के फोन पर एक स्पायवेयर इंस्टॉल होने की इजाजत देता है। इसके बाद उसने अपने 1.5 बिलियन यूजर्स से एप्प को अपडेट करने का आग्रह किया है। फायनांसियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह स्पायवेअर कथित तौर पर इजरायल की साइबर इंटेलिजेंस कंपनी एनएसओ ग्रुप द्वारा विकसित किया गया था। सेंध लगाने वाले ने व्हाट्सएप के ऑडियो कॉल फीचर में एक बग का लाभ उठाया, जिससे डिवाइस पर स्पायवेयर इंस्टॉल सुविधा दी जा रही थी।

इसके माध्यम से टारगेट यूजर के स्मार्टफोन पर वाट्सएप ऑडियो कॉल कर स्पायवेअर को इंस्टॉल किया जा सकता था। इसका खबसे बड़ा खतरनाक पहलू ये है कि हैकर स्मार्टफोन को सीधे अपने कंट्रोल में ले सकता है। इसके लिए टारगेट के स्मार्टफोन में कुछ भी करने की जरूरत नहीं थी। ऐसा कर हैकर फोन में मौजूद सभी डेटा को एक्सेस कर सकता था।

वाट्सएप ने कहा कि पिछले महीने पता लगाए गए इस सेंध को सही कर लिया गया है। कंपनी ने अपने एक बयान में कहा, “वाट्सएप लोगों को अपने एप्प के साथ-साथ मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम को भी हमेशा अपडेट और अप-टू-डेट करने के लिए प्रोत्साहित करता है, ताकि मोबाइल में मौजूद गोपनीय और पर्सनल डेटा को टारगेट करने से बचाया जा सके।”

इजराइल स्थित एनएसओ समूह सरकार के लिए काम करता है। यह जांच के लक्ष्यों को और उसके उपकरणों के विभिन्न पहलुओं तक पहुंच के लिए काम करते हैं। वाट्सएप ने अपने बयान में एनएसओ ग्रुप का नाम लिए बिना कहा, “इस हमले में कथित तौर पर एक निजी कंपनी के सभी संकेत मिले हैं जो मोबाइल फोन ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्यों को संभालने वाली स्पायवेअर डिलिवर करने के लिए सरकारों के साथ काम करती है।”

वहीं, एनएसओ ग्रुप ने फायनांसियल टाइम्स को बताया, “किसी भी परिस्थिति में एनएसओ अपनी टेक्नोलॉजी के टारगेट के संचालन या पहचान में शामिल नहीं होगा, जो पूरी तरह से खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा संचालित है। एनएसओ किसी भी व्यक्ति या संस्था को टारगेट करने के लिए अपनी टेक्नोलॉजी का उपयोग नहीं कर सकता है।” एनएसओ ने इंटेलिजेंस एजेंसियों और अन्य को पेगासस नामक अपने स्पायवेअर की बिक्री को सीमित कर दिया। सॉफ्टवेयर में टारगेट डिवाइस में मौजूद डेटा इकट्ठा करने की क्षमता है।

ऐसे अपडेट करें एप्प: यूजर्स को अपना एप्प अपडेट करने के लिए ज्यादा मशक्कत करने की जरूरत नहीं है। गूगल प्ले स्टोर में जाकर अपना एप्प अपडेट कर सकते हैं। वहीं, आईफोन यूजर्स अपने एप्प स्टोर में जाकर इसे अपडेट कर सकते हैं।

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