ओपन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा है कि सरकार और एआई कंपनियों के बीच सहयोग वक्त बीतने के साथ और भी अहम होता जाएगा। उन्होंने तकनीक को लोकतांत्रिक बनाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाए जाने पर जोर दिया।
सैम ऑल्टमैन ने द इंडियन एक्सप्रेस के एक्सप्रेस अड्डा में आयोजित कार्यक्रम में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के कार्यकारी निदेशक अनंत गोयनका से तमाम अहम मुद्दों पर बातचीत की।
सैम ऑल्टमैन हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित हुई इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में भाग लेने के लिए आए थे। यहां पर उनकी कंपनी ओपन एआई ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के साथ डाटा सेंटर समझौते सहित कई साझेदारियों का ऐलान किया। एक्सप्रेस अड्डा में सैम ऑल्टमैन ने दुनिया भर में एआई के असर को लेकर भी अपनी बात रखी।
सिलिकॉन वैली और अमेरिका के मौजूदा प्रशासन के बीच संबंधों को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में सैम ऑल्टमैन ने कहा, ‘मैं कहूंगा कि कुछ मायनों में संबंध मजबूत हैं और कुछ मायनों में नहीं। कुछ मजबूत संबंध हैं और इस प्रशासन को तकनीकी जगत में कुछ आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा है। मेरा मानना है कि तकनीकी कंपनियों और सरकार के बीच सहयोग समय के साथ और भी अहम होता जाएगा।’
जब सैम ऑल्टमैन से पूछा गया कि भारत को एआई में किस क्षेत्र को प्राथमिकता देनी चाहिए तो उन्होंने कहा कि सभी स्तरों जैसे- ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, चिप्स, फ्रंटियर मॉडल आदि।
नौकरियों को लेकर क्या बोले ऑल्टमैन?
नौकरियों पर एआई के असर को लेकर ऑल्टमैन ने कहा, ‘औद्योगिक क्रांति के दौरान लोग नौकरियों को लेकर घबरा गए थे और वे पूरी तरह से गलत थे। यह बदलाव उतना तेज नहीं होगा जितना समाज के कुछ लोग अनुमान लगा रहे हैं लेकिन आखिरकार लोग करने के लिए नए काम ढूंढ लेंगे।’
सैम ऑल्टमैन ने बातचीत के दौरान ओपन एआई के द्वारा विकसित किये जा रहे नए उपकरणों के अपडेट के बारे में भी बात की। ऑल्टमैन ने कहा कि कंपनी इस साल के अंत तक इसके बारे में बात कर सकती है। इस काम से जाने-माने डिजाइनर जॉनी इवे जुड़े हुए हैं।
ओपन एआई के सीईओ ने हालांकि मौजूदा नौकरियों में आने वाले बदलावों के बारे में चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह दिखावा करना बेकार है कि कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। समाज की अपनी जड़ता होती है, इसलिए बदलाव उतना तेज नहीं होगा जितना कुछ लोग सोचते हैं, लेकिन अंततः यह बदलाव बहुत बड़ा होगा।’
ऑल्टमैन ने यह भी कहा कि यदि वे ChatGPT का इस्तेमाल न कर पाएं तो जानकारी खोजने के लिए वे Google के Gemini का उपयोग करेंगे।
अंतरिक्ष में डेटा सेंटर बनाने की बात पर क्या बोले ऑल्टमैन?
सैम ऑल्टमैन ने एक्सप्रेस अड्डा में अंतरिक्ष में डेटा सेंटर स्थापित करने के विचार को “हास्यास्पद” करार दिया। क्लिक कर पढ़िए पूरी खबर।
