ऐप्पल ने सोमवार को घोषणा की कि उसका वर्चुअल असिस्टेंट SIRI अब एक बिल्कुल नए रूप में अधिक स्वाभाविक तरीके से बातचीत करने और यूजर्स के व्यक्तिगत संदर्भ (पर्सनल कॉन्टेक्स्ट) को समझने की क्षमता हासिल कर रहा है। इसके साथ ही इसमें डीप और एडवांस्ड AI फीचर्स भी जोड़े जा रहे हैं। कंपनी के वर्ल्डवाइड डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस (WWDC) के दौरान क्यूपर्टिनो, कैलिफ़ोर्निया में ये फीचर्स पेश किए गए।

SIRI के इस नए वर्जन के साथ Apple अपने 15 साल पुराने वर्चुअल असिस्टेंट को मॉडर्न फीचर्स से लैस कर रही है जिससे वह OpenAI के ChatGPT और Google के Gemini जैसे AI-ऑपरेटेड असिस्टेंट्स के साथ बेहतर प्रतिस्पर्धा कर सकेगा।

SIRI में नए एडवांस्ड फीचर्स

दुनिया की सबसे शक्तिशाली टेक्नोलॉजी कंपनियों में शामिल ऐप्पल ने कुछ सॉफ़्टवेयर अपडेट्स की भी घोषणा की है। इन नए अपडेट्स का असर दुनिया भर में अरबों iPhone, iPad, Mac और Apple Watch यूजर्स पर पड़ेगा। इनमें माता-पिता के लिए नए चाइल्ड सेफ्टी फीचर्स भी शामिल हैं। इनकी मदद से वे अपने बच्चों की स्मार्टफोन और ऑनलाइन गतिविधियों की बेहतर निगरानी और ट्रैकिंग कर सकेंगे।

हालांकि, सबसे ज्यादा ध्यान Siri के बड़े बदलाव पर केंद्रित रहा क्योंकि कई लोगों को उम्मीद थी कि ऐप्पल अपने वर्चुअल असिस्टेंट को एक महत्वपूर्ण नया रूप देगा। यह कदम इस बात को भी दिखाता है कि कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के युग में अपने प्रोडक्शन की नई कल्पना कर रही है। आज जब ज्यादा से ज्यादा लोग रोज़मर्रा के कामों के लिए चैटबॉट्स और AI एजेंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।

Siri के इस नए वर्जन, सॉफ़्टवेयर अपडेट्स और डेवलपर्स के लिए नए टूल्स की घोषणा कई मायनों में अहम है। ऐप्पल के CEO टिम कुक जल्द ही ऐप्पल से जाने वाले हैं। इसलिए भी इन अपडेट्स को अहम माना जा रहा है क्योंकि कंपनी के आगामी CEO जॉन टर्नस जल्द ही टिम कुक की जगह संभालने वाले हैं।

AI की दौड़ में पीछे ऐप्पल

दो साल पहले ऐप्पल ने 2024 के वर्ल्डवाइड डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस (WWDC) में घोषणा की थी कि वह Apple Intelligence के जरिए अपने प्रोडक्ट्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लेकर आएगा। Apple Intelligence AI-ऑपरेटेड फीचर्स का एक ग्रुप है। हालांकि, जल्द ही यह स्पष्ट हो गया कि कंपनी AI को पूरी तरह से अपने उत्पादों में शामिल करने के लिए तैयार नहीं थी जिससे यह चिंता बढ़ी कि Apple AI की दौड़ में पीछे रह गया है। यूजर्स को SIRI में जिन फीचर्स का लंबे समय से इंतजार है, उन अपडेट्स में बार-बार देरी हुई है। कई ऐसे फीचर्स जिनका वादा कंपनी ने किया, वे भी अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाए हैं।

SIRI का एडवांस्ड वर्जन Apple को अपने प्रतिस्पर्धियों के बराबर पहुंचने में मदद कर सकता है। डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस के दौरान ऐप्पल ने प्रदर्शित किया कि उसका डिजिटल असिस्टेंट एक ही कमांड के जरिए कई कामों को संभाल सकेगा। इसके अलावा, SIRI को एक अलग ऐप और बिल्कुल नया इंटरफेस मिलेगा। इसके अलावा भी इस वर्चुअल असिस्टेंट में कई सुधार किए गए हैं।

वर्चुअल असिस्टेंट में हुए ये अपडेट्स AI के क्षेत्र में और गहराई से आगे बढ़ने की ऐप्पल की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कंपनी ने Apple Foundation Models का दूसरा वर्जन डिवेलप किया है जो आवाज़ को समझ सकता है तथा टेक्स्ट व फोटोज को पढ़ने की क्षमता रखता है।

ऐप्पल में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष क्रेग फेडेरिघी ने कहा, ”हमने अपने मॉडलों को अपने प्लेटफॉर्म्स में गहराई से एकीकृत किया है जिससे पूरे सिस्टम में व्यापक क्षमताएं संभव हुई हैं। इसके साथ ही Apple Intelligence एक नए सिस्टम ऑर्केस्ट्रेटर के जरिए इन सभी क्षमताओं के बीच सुरक्षित रूप से कॉर्डिनेशन बनाता है।”

ऐप्पल के सॉफ्टवेयर प्रमुख क्रेग फेडेरिघी ने उन अन्य टेक्नोलॉजी कंपनियों पर भी तंज कसा। उनके अनुसार कंपनिया केवल AI के लिए AI डिवेलप करने की दौड़ में लगी हुई दिखाई देती हैं।

फेडेरिघी ने कहा कि Apple Intelligence बहुत ज्यादा काम का है क्योंकि यह यूजर्स के पर्सनल डेटा और जानकारी का इस्तेमाल करता है।

उन्होंने कहा, ”कुछ कंपनियां आगे बढ़ने की होड़ में दिखाई देती हैं और ऐसा लगता है कि वे केवल AI के लिए AI का पीछा कर रही हैं, बिना उन लोगों की स्पष्ट परवाह किए, जिनके लिए इस टेक्नोलॉजी को डिवेलप किया गया है।”

ऐप्पल ने यह भी बताया कि वह नए SIRI को ऑपरेट करने वाले AI मॉडलों के लिए Google के साथ साझेदारी कर रही है। दोनों कंपनियों ने जनवरी में इस साझेदारी की घोषणा की थी। यही AI मॉडल SIRI की नई क्षमताओं और काम करने के तरीके के पीछे की टेक्नोलॉजी के तौर पर काम करेंगे।

निवेशक और वॉल स्ट्रीट की नजरें इस बात पर टिकी रहेंगी कि SIRI को नया रूप देने के लिए Google Gemini के साथ Apple की साझेदारी निकट भविष्य में कंपनी की AI रणनीति को किस तरह मजबूती देती है।

प्रतिस्पर्धियों से पीछे ऐप्पल

हालांकि AI के क्षेत्र में ऐप्पल को अभी भी अपने कई प्रतिस्पर्धियों से पीछे माना जाता है। लेकिन आम यूजर्स तक इस टेक्नोलॉजी को पहुंचाने के मामले में उसके पास एक अनूठा लाभ है। यही कारण है कि ऐप्पल का रास्ता उसके कई प्रतिद्वंद्वियों से अलग दिखाई देता है। क्यूपर्टिनो में कंपनी ने नए डेटा सेंटरों में भारी निवेश करने और अपने स्वयं के अल्ट्रा एडवांस्ड AI मॉडल विकसित करने के मामले में अन्य से कम आक्रामक रुख अपनाया है। इसके बजाय, Apple ने ऑन-डिवाइस AI, प्राइवेसी और मॉडल-एग्नॉस्टिक दृष्टिकोण पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया है। कंपनी का उद्देश्य उपभोक्ताओं को AI सुविधाओं तक पहुंच देना है, चाहे वे किसी भी AI मॉडल का इस्तेमाल करना पसंद करें।

डेवलपर्स के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण परीक्षा है कि क्या AI के दौर में SIRI एक मजबूत प्लेटफॉर्म के रूप में उभर सकता है। हालांकि, यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि थर्ड-पार्टी डेवलपर्स अपने ऐप्स को App Intents के साथ कितना कम्पैटिबल बनाते हैं। App Intents, Apple का वह सिस्टम है जो SIRI को ऐप्स में अलग-अलग काम करने की परमिशन देता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर डेवलपर्स SIRI के लिए पर्याप्त समर्थन नहीं देते हैं तो Apple के लिए AI फील्ड में असरदार वापसी करना मुश्किल हो सकता है। खासकर ऐसे समय में जब कंपनी के मौजूदा और भविष्य के कई प्रोडक्ट जिनमें स्मार्ट ग्लासेज़ जैसे चर्चित और संभावित डिवाइस भी शामिल हैं। ये प्रोडक्ट्स एक मजबूत वॉयस-फर्स्ट इंटरफेस के बिना प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पाएंगे।

ऐप्पल को डिवेलपर्स की जरूरत

कई लोगों के लिए इस साल ऐप्पल की ऐनुअल डिवेलपर्स कॉन्फ्रेंस एक AI डेमो से कहीं ज्यादा है। इंडस्ट्री के लिए एक तरह से यह एक काउंटडाउन है कि ऐपप को अपनी AI महत्वाकांक्षाओं के लिए डिवेलपर्स के सपोर्ट की जरूरत है। ऐप्पल को डिवेलपर कम्युनिटी को इस बात के लिए मनाना है कि मॉडर्न और नए SIRI में निवेश करना सही है। लेकिन डिवेलर्स यह देखने के लिए वक्त ले सकते हैं कि उपभोक्ता ऐप्पल इंटेलिजेंस को अडॉप्ट कर रहे हैं या नहीं।

दूसरी ओर, डेवलपर्स Apple को और ज्यादा कंट्रोल देने में हिचकिचा सकते हैं क्योंकि App Store की आर्थिक नीतियों को लेकर सालों से कंपनी और डेवलपर्स के बीच विवाद होते रहे हैं।

जॉन टर्नस के लिए चुनौती

ऐप्पल के होने वाले नए CEO जॉन टर्नस के लिए असली चुनौती यह होगी कि वे वॉल स्ट्रीट और डेवलपर्स को यह भरोसा दिला सकें कि वे समझते हैं कि AI कंपनी की लॉन्ग-टर्म रणनीति में किस तरह फिट बैठता है। ऐप्पल के लिए सबसे बड़ा मौका दुनियाभर में इस्तेमाल हो रहे उसके मौजूदा 2.5 अरब से ज्यादा Apple डिवाइस हैं। जिनके जरिए वह AI को आम लोगों तक पहुंचा सकता है। खासतौर से उन उपभोक्ताओं तक जिन्होंने पहले कभी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड टूल्स का इस्तेमाल नहीं किया है।

इस साल के आखिर में टिम कुक CEO पद छोड़कर निदेशक मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष (Executive Chairman) की नई भूमिका संभालेंगे। ऐसे में जॉन टर्नस को उस व्यक्ति के रूप में देखा जा रहा है जो AI को आम उपभोक्ताओं के लिए वास्तव में उपयोगी बना सकते हैं।

CCS Insight के मुख्य विश्लेषक Ben Wood ने कहा, ”Apple को AI के क्षेत्र में अपनी कमियों का समाधान करना ही था और WWDC ने कुछ महत्वपूर्ण जवाब दिए हैं। अब कंपनी को यह साबित करना होगा कि उसका गोपनीयता-केंद्रित (Privacy-led) और इंटिग्रेशन फर्स्ट विज़न केवल प्रतिस्पर्धियों के बराबर पहुंचने तक सीमित नहीं है बल्कि यूजर्स के रोजमर्रा के एक्सपीरियंस को वास्तव में बेहतर बना सकता है। आखिरकार इसकी सफलता का आकलन तब होगा जब नए फीचर्स यूजर्स के हाथों में पहुंचेंगे और उनकी प्रतिक्रिया सामने आएगी।”

वुड ने आगे कहा कि AI से ऑपरेटेड कई नए फीचर्स भले ही प्रतिस्पर्धी कंपनियों द्वारा पहले से उपलब्ध कराए जा रहे फीचर्स जैसी हों। लेकिन ऐप्पल के पास ऐसे फीचर्स है जो उसे अपने हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और सर्विसेज के इंटिग्रेटेड इकोसिस्टम में सरल और यूजर्स के तरीके से शामिल करने का मजबूत अनुभव देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी स्पष्ट रूप से अपनी प्राइवेसी संबंधी प्रतिबद्धताओं के जरिए खुद को प्रतिस्पर्धियों से अलग दिखाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा, ”यह निश्चित रूप से सही दिशा में उठाया गया एक कदम प्रतीत होता है लेकिन आत्मसंतुष्टि के लिए कोई जगह नहीं है। AI के क्षेत्र में Apple का सफर अभी लंबा है और कंपनी के सामने आगे भी कई चुनौतियां मौजूद हैं।”