ताज़ा खबर
 

म्यूजिक प्ले करके भी हैकर आसानी से हैक कर सकता है आपका स्मार्टफोन

रिसर्चर्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया भी है कि कैसे किसी स्मार्टफोन को कंट्रोल किया जा सकता है।

साउंड वेव से स्मार्टफोन को एेसे कंट्रोल किया जा सकता है जैसे किसी एेप से रेडियो कंट्रोल वाली टॉय कार को करते हैं। (Photo: NY Times)

क्या आपको इस बात का अंदाजा है कि आपके स्मार्टफोन को किस किस तरह से हैक किया जा सकता है। आपके स्मार्टफोन को साउंड वेव्स (ध्वनि तरंग) से भी हैक किया जा सकता है।अमेरिका में मिशिगन यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैरोलिना के कंप्यूटर शोधकर्ताओं के मुताबिक ऐसा किया जा सकता है। शोधकर्ताओं का दावा है कि उन्हें एक ऐसा लूपहोल मिला है जिससे छोटे एक्सीलेरोमीटर के माध्यम से उपकरणों पर नियंत्रण किया जा सकता है। इसके माध्यम से कंज्यूमर प्रोडक्ट जैसे स्मार्टफोन, फिटनेस मोनिटर और यहां तक कि ऑटोमोबाइल्स पर कंट्रोल पाया जा सकता है। रिसर्चर्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कैसे किसी फिटबिट मॉनिटर में फेक स्टेप्स डालकर उसपर वायरस वाली फाइल से म्यूजिक प्ले करके आपके स्मार्टफोन पर म्यूजिक प्ले कर एक एक्सीलेरोमीटर से कैसे फोन को कंट्रोल कर सकते हैं। एेसा करने से उन्हें स्मार्टफोन के एक सॉफ्टवेयर के साथ छेड़छाड़ के बाद उन्हें एेसे कंट्रोल मिल गया जैसे एक एेप से रेडियो कंट्रोल पर चलने वाली टॉय कार को कंट्रोल किया जाता है।

स्मार्टफोन के अलावा और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसे फिटनेस मॉनिटर और यहां तक कि ऑटोमाबाइल्स को भी कंट्रोल किया जा सकता है। (Photo: NY Times)

गौरतलब है कि हाल ही में विकीलीक्‍स ने अपनी एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें बताया गया था कि आप एप्‍पल आईफोन या फिर गूगल आधारित एंड्रॉयड फोन का प्रयोग करते हैं, तो आपको डरने की जरूरत है। विकीलीक्‍स ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अमेरिकी इंटेलीजेंस एजेंसी सीआईए पलभर में इन डिवाइसेज को हैक कर सकती है। सीआईए पर विकीलीक्‍स की यह रिपोर्ट हजारों पेज की है और इसमें सीआईए की हैकिंग टेक्निक्‍स के बारे में बताया गया है। ये ऐसी टेक्निक्‍स हैं जो पिछले कई सालों से सीआईए प्रयोग कर रही है।

रिपोर्ट में कंज्‍यूमर इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स प्रॉडक्‍ट्स की सुरक्षा को लेकर खासी चिंता जाहिर की थी। रिपोर्ट में जो ट्रांसक्रिप्‍ट्स हैं उनके मुताबिक आईफोन, एंड्रॉयड फोन और दूसरी डिवाइसेज के अलावा दूसरे गैजेट्स में मौजूद टेक्‍स्‍ट्स और व्‍यॉइस मैसेज को सीआईए के हैकर्स आसानी से पढ़ सकते हैं और वह भी सॉफ्टवेयर के साथ इनक्रिप्‍ट हुए। साइबर सिक्‍योरिटी के विशेषज्ञ रिपोर्ट में कही गई बातों से सहमत नहीं हैं लेकिन उनका कहना है कि काफी कुछ इस बात पर निर्भर है कि विकीलीक्‍स ने उन्‍हीं हैकिंग तरीकों का जिक्र किया जिनसे वाकई खतरा हो सकता है। रिपोर्ट में डाटा दिए हुए हैं वे साल 2013 से 2016 के बीच के हैं और कानूनी नजर आ रहे हैं।

Tech से जुड़ी ज्यादा खबरों के लिए यहां क्लिक करें।

ये हैं सबसे सस्ते डूअल कैमरा वाले स्मार्टफोन, देखें वीडियो

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App