AI Voice Scam: आज के समय में सिर्फ आवाज पहचान लेना ही किसी फोन कॉल को सही मानने के लिए काफी नहीं है। तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के तरीके भी बदल रहे हैं और अब ठग लोगों के भरोसे का फायदा उठाने के लिए एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इसी खतरे को लेकर बैंक ऑफ इंडिया (BOI) ने अपने ग्राहकों को एसएमएस के जरिए अलर्ट किया है। बैंक ने एआई से जुड़ी ऐसी ठगी से बचने के लिए ग्राहकों को सावधानी बरतने और किसी भी पैसों की मांग पर पहले पुष्टि करने की सलाह दी है।
एआई से आवाज की नकल कर ठगी कर सकते हैं साइबर ठग
एआई की मदद से साइबर ठग अब किसी व्यक्ति की आवाज जैसी आवाज तैयार कर सकते हैं। इसके बाद वे उसके करीबी लोगों को फोन कर खुद को वही व्यक्ति बताकर पैसों की मांग कर सकते हैं। मसलन, ठग इमरजेंसी या किसी परेशानी का हवाला देकर तुरंत पैसे भेजने के लिए कह सकता है।
आवाज बिल्कुल परिचित होने की वजह से सामने वाला आसानी से भरोसा कर सकता है। यही वजह है कि ऐसी कॉल पर सिर्फ आवाज पहचानकर भरोसा करने के बजाय पहले यह पक्का करना जरूरी है कि फोन वास्तव में उसी व्यक्ति ने किया है।
पैसे भेजने से पहले ऐसे करें वेरीफाई
अगर फोन पर कोई परिचित अचानक पैसे मांगता है और जल्दी पैसे भेजने का दबाव बना रहा है, तो सावधान हो जाएं।
- – संबंधित व्यक्ति से किसी दूसरे नंबर पर संपर्क करके पुष्टि करें।
- – जरूरत पड़ने पर परिवार के दूसरे सदस्य से भी जानकारी की जांच की जा सकती है।
किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, बैंक डिटेल या अन्य संवेदनशील जानकारी शेयर न करें।
Bank of India ने दी सलाह
Bank of India (BOI) ने अपने ग्राहकों को भेजे SMS में कहा, ‘ प्रिय ग्राहक, AI डीपफेक ठगी से बचें। ठग, परिचित की आवाज की नकल कर धन मांग सकते हैं। पहले सत्यापन करें। cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर कॉल करें।’
ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
अगर आपके साथ साइबर फ्रॉड हो जाता है, तो देरी किए बिना इसकी शिकायत करें। इसके लिए cybercrime.gov.in पोर्टल पर रिपोर्ट की जा सकती है। वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन नंबर पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
बैंक का यह अलर्ट ऐसे समय में आया है जब एआई आधारित आवाज की नकल के जरिए होने वाली ठगी को लेकर लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
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