ज़ोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। दिग्गज उद्योगपति ने बताया कि कैसे एआई तेजी से कोडिंग इंडस्ट्री को बदल रहा है। उन्होंने एक साधारण ऐप का उदाहरण देकर समझाया कि एआई का विकास कितनी तेज़ी से हो रहा है और यह कोडर्स के लिए कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

पेशे से इन्वेस्टर अनिश मूंका ने ’10 Minute Gita App’ बनाया। और उन्होंने अपने X (Twitter) पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने यह ऐप कैसे बनाया। मूंका ने बताया कि क्लॉड कोड ने पूरा ऐप तैयार किया। उन्होंने कहा, ”मैंने सिर्फ साधारण अंग्रेज़ी में बताया कि मुझे क्या चाहिए (मेरा तकनीकी बैकग्राउंड नहीं है)। कोडेक्स ने उसका रिव्यू किया और अब यह एप्लिकेशन, ऐप स्टोर पर लाइव है।”

इस ऐप को बनाने की लागत 200 डॉलर (Claude Max सब्सक्रिप्शन), 20 डॉलर (ChatGPT Pro) और 99 डॉलर (Apple डेवलपर फीस) रही। उन्होंने एक चौंकाने वाली बात भी स्वीकार की: “कोड की लाइनें जो मैंने लिखीं: 0।”

इस ऐप के बनने पर श्रीधर वेम्बू ने क्या कहा?

इस पोस्ट के जवाब में श्रीधर वेम्बू ने ‘X’ पर लिखा कि एंथ्रोपिक ने अपने क्लॉड एआई की मदद से पूरा C कंपाइलर बना लिया है। यह किसी भी तरह से आसान इंजीनियरिंग उपलब्धि नहीं है।

उन्होंने लिखा, “एआई-असिस्टेड कोड इंजीनियरिंग की प्रोडक्टिविटी के उदाहरण अब तेजी से सामने आ रहे हैं। इस बताई गई पोस्ट में भगवद गीता ऐप का उदाहरण है। एंथ्रोपिक ने अपने क्लॉड एआई से पूरा C कंपाइलर बना लिया है। यह बिल्कुल भी आसान इंजीनियरिंग उपलब्धि नहीं है। इस समय, हममें से जो लोग अपनी आजीविका के लिए कोड लिखने पर निर्भर हैं, उन्हें रोजी-रोटी कमाने के लिए दूसरे विकल्पों के बारे में सोचना शुरू कर देना चाहिए। इसमें मैं खुद भी शामिल हूं। मैं यह बात घबराहट में नहीं बल्कि शांत स्वीकृति और इसे अपनाने की भावना के साथ कह रहा हूं।”

उन्होंने आगे कहा कि Gemini और मेरे अनुसार, इस टेक्नोलॉजी का भविष्य दो तरीकों से विकसित हो सकता है। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि इस टेक्नोलॉजी का मालिक कौन है और इससे लाभ कौन वसूल करता है।

वेम्बू ने कहा, “मेरे अंदर का आशावादी मानता है कि यह टेक्नोलॉजी इंसानों की अधिकतर तकनीकी स्किल्स को गैर-जरूरी बना देगी और टेक्नोलॉजी बैकग्राउंड में चली जाएगी (जैसे आज डिजिटल घड़ियां साधारण हो गई हैं)। तब हम जीवन, परिवार, मिट्टी, पानी, प्रकृति, कला, संगीत, संस्कृति, खेल, त्योहार और आस्था (आस्था महत्वपूर्ण है) पर ध्यान दे सकेंगे। और यह सब छोटे, आपस में जुड़े ग्रामीण समुदायों में सबसे बेहतर तरीके से संभव है। मैं आज ऐसा ही जीवन जी रहा हू और अगर हम ग्रामीण गरीबी को खत्म कर दें तो मैं इसे बहुत अच्छा जीवन मानता हूँ। दूसरी ओर, निराशावादी और सबसे बुरी संभावना इसके सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल की है।”

Claude Code आखिर है क्या?

क्लॉड कोड एंथ्रोपिक द्वारा डिवेलप किया गया एक एआई-पावर्ड एजेंटिक कोडिंग टूल है जो सीधे टर्मिनल के भीतर काम करता है और प्रोजेक्ट को तेज़ी से बनाने, डीबग करने और मैनेज करने में मदद करता है।

यह एक सहयोगी पार्टनर की तरह काम करता है जो नैचुरल लैंग्वेज के निर्देशों का इस्तेमाल करके फाइलों को एडिट कर सकता है, टर्मिनल कमांड चला सकता है, गिट कमिट बना सकता है और लोकल डॉक्यूमेंटेशन पढ़ सकता है।