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बोर्डिंग पास की जरूरत नहीं, आपकी ‘शक्ल’ देखकर हो जाएगी एयरपोर्ट पर एंट्री!

कुछ समय बाद घरेलू हवाई यात्रा के दौरान बोर्डिंग पास या अन्य कोई डॉक्यूमेंट दिखाने की जरूरत नहीं होगी। डिजि यात्रा टेक्नोलॉजी से चेहरा देखकर ही एयरपोर्ट में इंट्री हो जाएगी।

आपकी ‘शक्ल’ देखकर हो जाएगी एयरपोर्ट पर एंट्री (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

अगले साल की शुरूआत से हवाई यात्रियों को पहचान पत्र, आधार कार्ड या बोर्डिंग पास दिखाने की जरूरत नहीं होगी। गुरुवार (4 अक्टूबर) को सरकार ने डिजि यात्रा की शुरूआत करने की बात कही है, जिसके तहत एयरपोर्ट में घुसने के लिए चेहरा पहचानने की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। यात्रियों के चेहरे को देख कर ही उन्हें एयरपोर्ट में जाने की इजाजत दी जाएगी। इस पहल को ‘भविष्य का एक बड़ा कदम’ बताते हुए नगर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि जल्द ही देश के बड़े एयरपोर्ट पर चेहरा पहचानने वाली बायोमीट्रिक सुविधा उपलब्ध होगी। प्रभु ने बताया कि यह प्रणाली वर्तमान प्रक्रिया के अतिरिक्त होगी और अनिवार्य नहीं होगी। केवल इच्छुक यात्री एयरपोर्ट में प्रवेश करने और संबंधित आवश्यकताओं के लिए बॉयोमीट्रिक्स-आधारित डिजिटल सिस्टम का चयन कर सकते हैं। मंत्रालय के अनुसार, फरवरी 2019 तक डिजी यात्रा प्लेटफार्म शुरू हो जाएगी।

सबसे पहले डिजि यात्रा टेक्नोलॉजी बेंगलुरु और हैदराबाद एयरपोर्ट पर शुरू होगी। एयरपोर्ट ऑथरिटी ऑफ इंडिया कोलकाता, वाराणसी, पुणे और विजयवाड़ा एयपरोर्ट पर भी अगले साल के अप्रैल माह तक इस योजना को शुरू करने की तैयारी कर रही है। ‘डिजि यात्रा’ के तहत नागरिक उड्डयन मंत्रालय डिजिटल बोर्डिंग “बोर्डिंग पास और सुरक्षा इंटरैक्शन” बनाना चाहता है। बॉयोमीट्रिक सेल्फ-बोर्डिंग तकनीक का उद्देशय यात्रियों के अनुभव को बदलने और भविष्य के लिए तैयार एयरपोर्ट का निर्माण करना है। इस टेक्नोलॉजी के तहत यात्रियों के लिए एक सेंट्रलाइज रजिस्ट्रेशन सिस्टम होगा और टिकट बुक करने के समय सभी को एक यूनिक आईडी मिलेगी। इस आईडी का निर्माण नाम, ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर के साथ पहचान पत्र जैसे आधर कार्ड की सहायता से होगा। यात्रा से पहले एयरलाइन यात्री के विवरण को और आईडी को एयरपोर्ट (जहां से उड़ान भरनी है) के साथ साझा करेगी। पहली बार आईडी का उपयोग करने पर एक बार उड़ान भरने वाले एयरपोर्ट पर जांच की जाएगी। जांच प्रक्रिया सफल होने के बाद चेहरा पहचानने वाले बॉयोमीट्रिक में तस्वीर ली जाएगी और डिजि आईकार्ड के साथ जोड़ दिया जाएगा।

इस महीने की शुरुआत में, बेंगलुरु के केम्पगोड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (केआईए) ने पेपरलेस एयर ट्रैवल को लागू करने के लिए लिस्बन स्थित डिजिटल और बायोमेट्रिक समाधान सेवा प्रदाता विजन-बॉक्स के साथ एक समझौता किया है। बैंगलोर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने एक विज्ञप्ति में कहा कि रोलआउट का पहला चरण 2019 की पहली तिमाही में पूरा होगा। सबसे पहले जेट एयरवेज, एयर एशिया और स्पाइसजेट यात्री इस सिस्टम का उपयोग करेंगे। जैसे ही यात्री एयरपोर्ट में दाखिल होंगे, यह टेक्नोलॉजी चेहरा यात्रियों का चेहरा पहचान लेगी। इससे उन्हें बोर्डिंग पास या अन्य डॉक्यूमेंट दिखाने के लिए कहीं रूकना नहीं पड़ेगा।

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