One Plus के बाद अब Poco का फोन फटाः क्षतिग्रस्त M3 में सिर्फ कैमरा लेंस ही बचा, बाकी हिस्से के उड़े चिथड़े, जानें- क्यों होता है ऐसा?

पोको का इस मामले में कहना है कि कंपनी इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेती है। फिलहाल टीम के लोग केस की जांच में जुटे हैं।

poco m3 blast, oneplus, tech news
क्षतिग्रस्त Poco M3 का फोटो टि्वटर और फेसबुक सरीखे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर खूब वायरल हो रहा है।

चीनी स्मार्टफोन कंपनी पोको (POCO) का बजट सेगमेंट का एम3 (M3) मॉडल फोन फटने की खबर आई है। टि्वटर पर महेश नाम के यूजर ने दावा किया कि उनके भाई का यह फोन ब्लास्ट हो गया। 27 नवंबर को किए अपने ट्वीट में उन्होंने एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें क्षतिग्रस्त अवस्था में फोन नजर आ रहा था। फोटो में फोन का कैमरा लेंस ही दिख रहा था, जबकि शेष हिस्सा बुरी तरह जल गया था। यह फोन क्यों ब्लास्ट हुआ? फिलहाल यह तो साफ नहीं हो पाया है।

इस बीच, पोको का कहना है कि वह इसका कारण लगाने में जुटी है। कंपनी के प्रवक्ता के मुताबिक, “पोको इंडिया में ग्राहक सुरक्षा बेहद अहम है और हम ऐसे मामलों को बेहद गंभीरता से लेते हैं। इस स्तर पर, हमारी टीम ने समस्या की सूचना मिलते ही संबंधित ग्राहक से संपर्क किया। हम नजदीकी सेवा केंद्र में उनके आने का इंतजार कर रहे हैं। हम इस मुद्दे की विस्तार से जांच करने और ग्राहक को अपना पूरा समर्थन देने और प्राथमिकता के आधार पर इसका समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारी सभी डिवाइस कड़े गुणवत्ता परीक्षणों के विभिन्न स्तरों से गुजरते हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि डिवाइस की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया गया है।”

सोशल मीडिया पर जो फोटो वायरल हो रहा है, उसमें फोन की खस्ता हालत बताती है कि जिस वक्त वह घटना हुई होगा तो काफी खतरनाक धमाका हुआ होगा। वैसे, स्मार्टफोन ब्लास्ट होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले वन प्लस (OnePlus) के फोन फट चुके हैं। वह भी एक बार नहीं, बल्कि तीन बार। तीन महीने में तीन बार वन प्लस का नॉर्ड 2 (OnePlus Nord 2) ब्लास्ट हो चुका है। उन फोन्स के फटने के कारण को लेकर चीजें अधिक स्पष्ट नहीं हो पाई थीं। कंपनी ने कहा था कि वह मामले की जांच कर रही है।

क्यों ब्लास्ट हो जाते हैं फोन?: स्मार्टफोन ब्लास्ट के पीछे मुख्य वजह उनकी बैट्री होती है। टेक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आमतौर पर फोन ब्लास्ट के मामले दुर्लभ हैं, पर यह चिंता का विषय है। कई बार इनके पीछे यूजर की भी महीन गलतियां होती हैं, जिसे वे लंबे समय तक नजरअंदाज करते रहते हैं। चूंकि, मोबाइल फोन “पॉकेट फ्रेंडली” होते हैं, इसलिए उनमें जगह बहुत कम होती है, जबकि फोन में अधिकतर लीथियम-आयन या लीथियम-पॉलीमर बैट्री यूज होती हैं। लिथियम वैसे भी अत्यधिक प्रतिक्रियाशील होता है।

ये गलतियां न करें:

  • फोन पर अधिक प्रेशर न पड़ने दें। अधिक गर्म या सर्द टेंप्रेंचर में अधिक देर तक न रहने दें। ऊंचाई से गिरने न दें और अधिक हीट न होने दें।
  • नकली या घटिया क्वालिटी का चार्जर यूज न करें। गड़बड़ केबल और चार्जर से आपके फोन की बैट्री पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है।
  • बैट्री फूल रही है, तो उसे नजरअंदाज न करें। वक्त रहते उसे बदलवा दें या फोन बदल लें।
  • फोन की बैट्री पर दुष्प्रभाव के पीछे ओवरचार्जिंग भी एक कारण हो सकता है। लंबे समय तक के लिए उसे चार्जिंग पर लगाकर न छोड़ें।
  • चार्जिंग पर लगाकर गेम न खेलें, मूवी न देखें और अन्य काम न करें। फोन चार्ज करते समय कॉल पर बात भी न करें। इससे आपके फोन पर अधिक असर पड़ेगा और वह जल्दी गर्म भी होगा।

पढें टेक्नोलॉजी समाचार (Technology News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट