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आधी दुनिया: चलीं अकेली घूमने

हाल ही में एक परिचित अविवाहित लड़की से बहुत दिनों बाद मुलाकात हुई। पता चला कि उसने अपनी पहले वाली नौकरी छोड़ दी है। अपनी नई नौकरी पर जाने से पहले उसने तीन महीने का ब्रेक लिया था।

Author June 3, 2018 6:41 AM
कुछ साल पहले एक यात्रा कंपनी ने सर्वेक्षण किया था, जिसमें बताया गया था कि अकेली घूमने वाली लड़कियों की संख्या पूरी दुनिया में लगातार बढ़ रही है।

हाल ही में एक परिचित अविवाहित लड़की से बहुत दिनों बाद मुलाकात हुई। पता चला कि उसने अपनी पहले वाली नौकरी छोड़ दी है। अपनी नई नौकरी पर जाने से पहले उसने तीन महीने का ब्रेक लिया था। फिर अकेली ही यूरोप घूमने निकल पड़ी। फेसबुक और अन्य सोशल साइटों के जरिए वह अपने मित्रों-परिचितों को बताती रही कि कहां-कहां जा रही है, क्या खा रही है, किस-किस जगह पर जा रही है। किस देश की कौन-सी बात उसे सबसे अधिक पसंद आई। वहां की संस्कृति में कौन-सी बातें उसे अच्छी लगीं। वहां की यात्रा सुविधाएं कैसी हैं। लोग कैसे हैं, उनका व्यवहार कैसा है।

लौटने पर जब उसकी सहेली ने उससे पूछा कि आखिर घूमने के लिए इतना पैसा कहां से आया, तो उसने कहा कि जब एअरलाइंस की टिकटें सस्ती मिल रही थीं तो उसने पूरा ट्रेवल प्लान खरीदा था। फिर नौकरी छोड़ने के बाद पीएफ का जो पैसा मिला उसे उसने घूमने में खर्च कर दिया। अब घूम कर वह तरोताजा हो चुकी है और पूरे जोश से नई नौकरी पर जाने को तैयार है। एक दूसरी लड़की ने अंतधर्मीय विवाह किया था, लेकिन जल्दी ही दोनों में मामूली बातों पर विवाद होने लगा। इसमें गलती पति की थी या पत्नी की दोनों तय नहीं कर पाते थे। छोटी-छोटी बातें बड़े झगड़े का कारण बन जाती थीं। परिवार वालों ने तो पहले ही साथ छोड़ दिया था। दोनों ने परिवारों में सुलह कराने की भी कोशिश की, मगर दोनों ही के घर वाले अपनी-अपनी जिद पर अड़े रहे। अंत में इन युवा पति-पत्नी ने अलग होने का फैसला किया। लड़की इस निर्णय से बहुत परेशान थी। अपने माता-पिता के पास जा नहीं सकती थी। वे तो पहले ही कह चुके थे कि अगर अपनी मर्जी से शादी कर रही हो तो यहां कभी लौट कर मत आना। उसने दफ्तर से छुट्टी ली और क्रूज पर दुनिया की सैर पर निकल पड़ी। लौट कर उसने वह शहर ही छोड़ दिया जहां की कड़वी स्मृतियां वह साथ नहीं रखना चाहती थी। फिर एक दूसरे बड़े शहर में वह नौकरी करने चली गई।

ऐसी ही बहुत-सी घटनाएं पिछले दिनों देखने में आई हैं। जहां लड़कियां न केवल मनोरंजन और एडवेंचर के लिए अकेली घूमने निकलती हैं, बल्कि वे जीवन की त्रासद घटनाओं और मुसीबतों से निजात पाने का बड़ा साधन घूमने को समझती हैं। ये लड़कियां अब अकेली घूमने से घबराती नहीं हैं। इन्हें किसी अड़ोसी-पड़ोसी के परेशान करने वाले सवालों की भी चिंता नहीं है। ये अपने पांवों पर खड़ी हैं, तो पैसे भी हैं। भविष्य के लिए बचत करने की खास चिंता उन्हें नहीं है। क्योंकि इनके अनुसार जब जिंदगी भर नौकरी कर