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गुदवा लो जी गोदनवा

पहले जमाने में लोग, खासकर महिलाएं शृंगार के एक रूप में गोदना गुदवाती थीं। दुनिया के अनेक समाजों में गोदना एक रिवायत की तरह चलन में है। वही अब टैटू के रूप में फैशन में शामिल हो गया है। खासकर युवा वर्ग टैटू का दीवाना है। इस तरह टैटू का बाजार काफी फैल चुका है। तरह-तरह के टैटू चलन में हैं। टैटू के चलन और उसके बाजार के बारे में बता रही हैं मीना।

Author September 2, 2018 7:07 AM
अपनी दादी, नानी या मां के हाथ, गर्दन या शरीर के किसी और हिस्से पर आपने ओम या किसी और का नाम लिखा हुआ देखा होगा। इस कला को गोदना कहा जाता था।

अपनी दादी, नानी या मां के हाथ, गर्दन या शरीर के किसी और हिस्से पर आपने ओम या किसी और का नाम लिखा हुआ देखा होगा। इस कला को गोदना कहा जाता था। गोदना कला अपनी शुरुआत के समय से ही काफी प्रचलित रही है। पहले गांवों-कस्बों में लगने वाले हाट और मेलों में गोदना की दुकानें लगती थीं और लोग बड़े चाव से हाथ या शरीर के किसी अन्य अंग पर विभिन्न आकृतियां गुदवाते थे। इसकी रंगत आज तक फीकी नहीं पड़ी है, लेकिन जमाना बदलने के साथ यही गोदना एक नए और स्टाइलिश रूप में सामने आया है, जिसे टैटू कहा जाता है। आज देश-विदेश में जगह-जगह टैटू बनाने के लिए पार्लर और स्टूडियो खुल गए हैं। आप जब चाहें और शरीर के जिस हिस्से में चाहें, टैटू बनवा सकते हैं। समय के साथ फैशन के चलन भी बदलते रहते हैं। यही वजह है कि आज टैटू में भी नई रचनात्मकता और नए ट्रेंड दिख रहे हैं। गांवों से शहरों की ओर बढ़ी इस कला को युवा बहुत पसंद कर रहे हैं। आज कई ऐसे टैटू हैं, जो युवाओं की पहली पसंद बन रहे हैं।

किसी की याद में टैटू

‘ओरियोंज टैटूज’ के मालिक अजय पांडेय बताते हैं कि टैटू का व्यवसाय आज फर्श से अर्श पर पहुंच गया है। पहले टैटू कम पढ़े-लिखे या अनपढ़ लोगों का फैशन माना जाता था, लेकिन आज यह एक पॉप कल्चर है, जिसे हर कोई अपनाना चाहता है। अजय बताते हैं कि आजकल लोग हमारे पास पोट्रेट टैटू बनवाने ज्यादा आते हैं। इस टैटू को लोग अक्सर तब बनवाते हैं जब उन्हें अपने किसी प्रिय को याद रखना होता है। वे बताते हैं कि उनके पास एक ऐसा ग्राहक आया, जो अपने मृत भाई का पोट्रेट बाजू पर बनवाना चाहता था। तो वहीं कोई अपने बच्चे, प्रेमिका, मां-पिता या पत्नी का भी पोट्रेट बनवाता है। पोट्रेट टैटू युवाओं को खूब लुभा रहे हैं।

बॉलीवुड से प्रेरित

सन 2016 में एक फिल्म आई थी ‘शिवाय’। फिल्म में प्रमुख भूमिका में थे अजय देवगन। फिल्म में अजय की पीठ पर त्रिशूल का टैटू बना हुआ था। इसके बाद अजय देवगन के कई प्रशंसकों ने अपने शरीर की अलग-अलग जगहों पर त्रिशूल का टैटू बनवाया। अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने जब अपने हाथ पर ‘डैडीज लिटिल गर्ल’ लिखवाया तो उसके बाद बहुत से युवाओं ने इसी तरह के वाक्य लिखवाए। बॉलीवुड में जो भी अभिनेता या अभिनेत्री टैटू बनवाते हैं वे उनके प्रशंसकों की पहली पसंद बन जाते हैं। अजय पांडेय का कहना है कि प्रशंसकों को यह नहीं मालूम होता है कि बॉलीवुड कलाकार जो टैटू बनवाते हैं वे बाद में निकल सकते हैं, लेकिन प्रशंसक स्थायी टैटू बनवाते हैं, जिसे निकालना मुश्किल और महंगा पड़ता है।

लोकप्रिय टैटू

धार्मिक टैटू की बात करें तो इसमें सबसे ज्यादा प्रचलित है भगवान शिव का टैटू। बच्चे हों या जवान, सभी ज्यादातर उन्हीं के टैटू बनवाते हैं। इस वजह से इस साल शिव अधिक लोकप्रिय हैं। इसके अलावा बहुत से लोग ओम, त्रिशूल जैसे धार्मिक चिह्न भी पसंद कर रहे हैं। अजय बताते हैं कि उनके पास ऐसे भी ग्राहक आते हैं जो ज्योतिषियों द्वारा बताया गया टैटू ही बनवाते हैं।

त्रिआयामी चित्र

जमाना हाईटेक हो गया है, तो ऐसे में टैटू पीछे क्यों रह जाए। जहां एक तरफ त्रिआयामी यानी थ्रीडी फिल्में आर्इं, तो दूसरी तरफ थ्रीडी टैटू भी लोगों को लुभाने लगे। आज माहौल यह है कि चाहे लाखों रुपए खर्च करने पड़ें, लेकिन लोग थ्रीडी या रियलिस्टिक टैटू बनवाना ज्यादा पसंद करते हैं। इस तरह के टैटू में युवा आंख, तितली, सांप या कोई अन्य आकृति बनवाते हैं, जो देखने में बिल्कुल असली लगती है। इन आकृतियों को देख कर ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि वह टैटू है।

टैटू महोत्सव

आज के वक्त में टैटू इतना लोकप्रिय हो चुका है कि इसके लिए देश के अलग-अलग राज्यों में टैटू फेस्टिवल आयोजित किए जाते हैं। अजय पांडेय बताते हैं कि दिल्ली में दिसंबर में हार्टवर्क टैटू फेस्टिवल आयोजित किया जाता है, जहां टैटू से प्यार करने वाले लोगों का हुजूम लगा होता है। अब टैटू कोई छोटा-मोटा और नौसिखियों का व्यवसाय नहीं रह गया है। इसके लिए बाकायदा पाठ्यक्रम चलाए जाते हैं और लोगों को पढ़ाई करनी पड़ती है। अजय कहते हैं कि टैटू बनाते समय हमें साफ-सफाई का काफी ध्यान रखना पड़ता है। अब टैटू बनाना एक जिम्मेदारी का काम हो गया है।

हिंसक टैटू भी लोगों की पसंद

ड्रैगन, डायनासोर, शेर, चीता, जैसी हिंसक आकृतियों के टैटू भी आजकल युवाओं को खूब लुभा रहे हैं। कई बार तो लोगों की पसंद टैटू को लेकर इतनी भयानक होती है कि उसे देखने पर ही डर लगने लगता है। आखिर लोग ऐसे हिंसक टैटू पसंद क्यों करते हैं? इस सवाल का जवाब देते हुए बंसल हॉस्पिटल भोपाल के मनोचिकित्सक डॉक्टर सत्यकांत बताते हैं कि इस तरह की प्रवृत्ति लोगों में सोशल लर्निंग की वजह से होती है। यह जरूरी नहीं कि जो लोग ऐसे टैटू बनवाते हैं वे वास्तव में हिंसक या आपराधिक प्रवृत्ति के हों। आजकल के युवाओं में ‘कूल डूड’ बनने की चाहत आ गई है। इस वजह से भी यह चलन ज्यादा बढ़ रहा है। कभी-कभी लोगों का ध्यान खींचने के लिए भी हिंसक प्रवृत्ति के टैटू बनवाए जाते हैं। ‘उड़ता पंजाब’ फिल्म में शाहिद कपूर ने अपने शरीर पर पिस्तौल और कई हिंसक चित्रों वाले टैटू बनवाए थे। इसके बाद उनके कई प्रशंसक ने भी हूबहू वैसे ही टैटू बनवाए। डॉक्टर सत्यकांत बताते हैं कि कई बार ड्रग्स लेने के आदी लोग सुई के निशान छिपाने के लिए भी टैटू बनवाते हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं है कि जितने लोग टैटू बनवाते हैं वे सभी ड्रग्स लेते हैं।

स्थायी टैटू बन जाते हैं परेशानी

डॉक्टर सत्यकांत बताते हैं कि कई बार स्थायी टैटू बनवाना लोगों को परेशानी में डाल देता है। अगर किसी ने टैटू अपनी प्रेमिका के लिए बनवाया है और बाद में उससे रिश्ता खत्म हो जाता है तो वह टैटू परेशानी पैदा कर सकता है। सत्यकांत बताते हैं कि हमारे पास ऐसे मामले भी आए हैं, जिसमें लड़के ने हाथ पर प्रेमिका के नाम का स्थायी टैटू बनवा लिया और रिश्ता खत्म होने पर वह टैटू को देख-देख कर अवसाद में चला गया। सत्यकांत का कहना है कि ऐसी परिस्थिति में कई लोग आत्महत्या तक कर लेते हैं। तो जरूरी है कि अस्थायी (टेंपरेरी) टैटू ही बनवाएं, ताकि आप बाद में उसे मिटा सकें।

झेलने पड़ सकते हैं नुकसान

कई युवा शौक-शौक में टैटू बनवा तो लेते हैं, लेकिन कई बार इसके गंभीर परिणाम भी झेलने पड़ जाते हैं। अगर टैटू किसी विशेषज्ञ से नहीं बनवाया गया है तो संक्रमण संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। इसके अलावा कैंसर और त्वचा संबंधी संक्रमण हो सकता है। कई मामलों में देखा गया है कि टैटू गुदवाने वाली जगह पर जलन, सूजन और दाने हो जाते हैं। अगर एक ही सुई का इस्तेमाल दूसरे व्यक्ति पर भी किया जाता है तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

ध्यान रखें ये बातें

  1. टैटू गुदवाने के बाद अगर उसका ठीक से ध्यान नहीं रखा गया तो उसका रंग जल्द ही हल्का पड़ने लगता है।
  2. कसी विशेषज्ञ से ही टैटू बनवाएं।
  3. टैटू बनवाने के बाद तेज धूप और बारिश से बचें।
  4. ध्यान रखें कि टैटू बनाने के लिए नई सुई का प्रयोग किया गया हो।
  5. जब भी आप टैटू बनवाने किसी दुकान पर जाएं तो पहले उस दुकान के बारे में पूरी पड़ताल कर लें।
  6. टैटू कलाकार द्वारा बताई गई सावधानियों का पालन जरूर करें।

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