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बरसात में गाड़ी का रखें खयाल

कई बार ऊची-नीची, गड्ढे वाली सड़कों पर सावधानी से गाड़ी न चलाने की वजह से गाड़ी के निचले हिस्से में रगड़ लगती रहती है। इस तरह कई जगह पेंट उतर जाता है। उन जगहों पर नमी की वजह से जंग लगने की संभावना अधिक रहती है। एक बार जंग लगने का अर्थ है कि गाड़ी का वह हिस्सा या पुर्जा धीरे-धीरे नष्ट हो जाता है। इसलिए टेफलान कोटिंग जरूरी है।

Author July 14, 2019 1:24 AM
लगातार गीली सड़क पर चलते हुए गाड़ी के निचले हिस्से में कीचड़-मिट्टी चिपकती रहती है। इस तरह उस हिस्से में जंग लगने का खतरा अधिक रहता है। बरसात में गाड़ी के निचले हिस्से में जंगरोधी लेप लगाना जरूरी होता है।

रसात में हर समय उमस बनी रहती है। बारिश हो जाए, तो सड़कें गीली हो जाती हैं। कई जगह जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण जल-जमाव भी हो जाता है। लगातार बारिश होने के कारण सड़कें टूट भी जाती हैं। उन पर से लगातार वाहनों के गुजरते रहने की वजह से कई जगह गहरे गड्ढे बन जाते हैं। फिर जब उन सड़कों पर पानी भर जाता है, तो वे गड्ढे दिखते ही नहीं और जब उनमें गाड़ियों के पहिए पड़ते हैं, तो उन्हें नुकसान पहुंचता है। इसलिए बरसात में संभल कर गाड़ी चलाने की जरूरत तो होती ही है, गाड़ी की देखभाल पर भी विशेष ध्यान देना होता है।
बरसात में अगर गाड़ी की साज-संभाल पर समुचित ध्यान न दिया जाए, तो उसके इंजन से लेकर दूसरे पुर्जों तक में खराबी आ सकती है। आजकल गाड़ियां कंप्यूटरीकृत आने लगी हैं, बरसात में ऐसी गाड़ियों में गड़बड़ी आने की आशंका अधिक रहती है। ऐसे में गाड़ी चलाते समय कोई दुर्घटना हो जाने या बीच रास्ते में फंस जाने का खतरा रहता है। इसलिए बरसात शुरू होने से पहले ही गाड़ी को बरसात के लिए तैयार कर लेना चाहिए। इस पूरे मौसम में लगातार गाड़ी पर ध्यान देने की जरूरत होती है।

गाड़ी का निचला हिस्सा
बरसात में गीली सड़कों पर चलते हुए सबसे अधिक गाड़ी का निचला हिस्सा प्रभावित होता है। जबकि कई लोग गाड़ी की साफ-सफाई करते समय ऊपरी हिस्से पर तो विशेष ध्यान देते हैं, पर निचला हिस्सा दिखाई नहीं देता, इसलिए उस पर ध्यान नहीं दे पाते। लगातार गीली सड़क पर चलते हुए गाड़ी के निचले हिस्से में कीचड़-मिट्टी चिपकती रहती है। इस तरह उस हिस्से में जंग लगने का खतरा अधिक रहता है। बरसात में गाड़ी के निचले हिस्से में जंगरोधी लेप लगाना जरूरी होता है। यों गाड़ी खरीदते समय कंपनी वाले टेफलान कोटिंग करके देते हैं, कई बार इसके लिए कहना पड़ता है, तभी करते हैं। टेफलान कोटिंग की अवधि तीन साल की होती है। फिर इसे कराते रहना पड़ता है। इसलिए बरसात में टेफलान कोटिंग, जो कि एक प्रकार का जंगरोधी लेप होता है, कराना बहुत जरूरी होता है।

कई बार ऊची-नीची, गड्ढे वाली सड़कों पर सावधानी से गाड़ी न चलाने की वजह से गाड़ी के निचले हिस्से में रगड़ लगती रहती है। इस तरह कई जगह पेंट उतर जाता है। उन जगहों पर नमी की वजह से जंग लगने की संभावना अधिक रहती है। एक बार जंग लगने का अर्थ है कि गाड़ी का वह हिस्सा या पुर्जा धीरे-धीरे नष्ट हो जाता है। इसलिए टेफलान कोटिंग जरूरी है।
अक्सर साइलेंसर पर पानी लगते रहने की वजह से वह गलना शुरू हो जाता है। उसका जोड़ खुलने लगता है। बरसात में साइलेंसर में किसी प्रकार की टूट-फूट खतरनाक हो सकती है। बारिश के वक्त चलते या जलजमाव वाली सड़कों से गुजरते हुए साइलेंसर में पानी जा सकता है। इससे इंजन पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए साइलेंसर की अवश्य जांच करा लेनी चाहिए।
इसी तरह गाड़ी के निचले हिस्से में इंजन और पहियों की तरफ प्लास्टिक या रबड़ के कुछ कवर लगे होते हैं, जो घिसने या इसके पेंचों में जंग लगने की वजह से वे गिर जाते हैं। उन हिस्सों में कीचड़ अधिक जमता है। अगर उन हिस्सों का ढक्कन हट गया है, जैसे मडफ्लैप वगैरह, तो उसे लगवा लेना चाहिए, नहीं तो वहां जमने वाली मिट्टी जंग को जन्म देती है।

पहियों की देखभाल
बरसात के मौसम में गाड़ी के पहिए बिल्कुल दुरुस्त होने चाहिए। अगर टायर घिस गए हैं, तो उन्हें बदल लें, नहीं तो गीली सड़क पर चलते हुए गाड़ी के फिसलने का डर रहता है। पहियों की बैलेंसिंग जरूर कराएं, इससे कभी तेज रफ्तार से चलते हुए ब्रेक वगैरह लगाने पर खतरा टल जाता है। गाड़ी चलाने से पहले गाड़ी के टायरों को जांच लें। कई बार उनमें छोटी-छोटी बजरियां फंस जाती हैं। उन्हें निकाल देना चाहिए।
ब्रेक और क्लच
बरसात में ब्रेक की रबड़ दुरुस्त होनी चाहिए। अगर वह घिस गई है, तो ब्रेक ठीक से नहीं लग पाएगा। बरसात में पानी पड़ने की वजह से ब्रेक की रबड़ की पकड़ कमजोर हो जाती है, इसलिए ब्रेक के रबड़ जरूर बदल लें। इसी तरह क्लच पैड का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, नहीं तो ब्रेक भी ठीक से काम नहीं करेगा। क्लच सही न होने से गाड़ी की रफ्तार पर भी असर पड़ता है।
वाइपर और बैट्री
बरसात में गाड़ी चलाते समय जरूरी उपकरण है वाइपर यानी कांच पर से पानी हटाने वाला। हमारे यहां अतिशय गरमी और अतिशय ठंड की वजह से वाइपर की रबड़ का लचीलापन खत्म हो जाता है, जिसकी वजह से जब हम उसे चलाते हैं, तो वाइपर से आवाज आने लगती है और वह पानी भी ठीक से साफ नहीं करता। फिर कांच पर निशान छोड़ना शुरू कर देता है। इसलिए हर बरसात में वाइपर की रबड़ जरूर बदल देनी चाहिए।
इसी तरह उमस और नमी की वजह से बैट्री के ऊपर जहां तार जुड़े होते हैं, सफेद फंफूद-सी जमने लगती है। उसे साफ कर लेना चाहिए, नहीं तो गाड़ी को चालू करते समय और दूसरे उपकरणों के संचालन में असुविधा पैदा हो सकती है। बल्कि उस हिस्से में अगर ग्रीज लगा दें, तो कार्बन जमने का खतरा टल जाता है।
अंदर की सफाई
उमस और नमी के चलते गाड़ी के अंदरूनी हिस्से में बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं, जिससे गाड़ी में बदबू पैदा हो जाती है। इसलिए इस मौसम में गाड़ी के भीतरी हिस्से की धुलाई-सफाई जरूरी हो जाती है। सीटों और फुटमैट वगैरह की ड्राई क्लीनिंग के अलावा गाड़ी को अंदर से पूरी तरह साफ करा लेना चाहिए। एसी की खिड़कियों पर परफ्यूम लगा कर रखें, तो इससे भीतर की बदबू नहीं आने पाती।
कुछ और सावधानियां
’ कभी जलजमाव वाली सड़कों पर गाड़ी चलाने का जोखिम न उठाएं। बरसात में सड़कें अक्सर टूट जाती हैं और पानी भरा होने की वजह से पता नहीं चलता कि कहां सड़क कैसी है। ऐसे में शॉकर, यहां तक कि साइलेंसर और चेसिस में टूट-फूट हो सकती है। अगर गड्ढा गहरा हुआ, तो गाड़ी उसमें फंस भी सकती है।
’ अगर गलती से किसी ऐसी जगह फंस गए हैं, जहां पानी अधिक है, और गाड़ी बंद हो गई है, तो
उसे दुबारा स्टार्ट बिल्कुल न करें, नहीं तोे पानी इंजन में चला जाएगा और फिर भारी खर्च भुगतना पड़ेगा। – गीली सड़क पर पहियों को मिट्टी वाली जगह पर न उतरने दें। गाड़ी के फिसलने की आशंका रहती है।
’ जब भी गाड़ी कहीं खड़ी करें तो कांच पूरी तरह बंद न करें। हल्का-सा खुला रखें, ताकि गाड़ी के भीतर बनने वाली भाप बाहर निकल सके। गाड़ी धूप में खड़ी करने पर भीतर भाप-सी बनती है, जो दबाव डाल कर गाड़ी की पैकिंग को ढीला कर देती है। इस तरह एसी पर उसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
’ जब पानी बरस रहा हो, तो चलते समय एसी जरूर चलाए रखें, इससे गाड़ी की कांच पर धुंध नहीं जमने पाती। आजकल गाड़ियों में धुंध साफ करने के लिए एसी में अलग से प्रावधान होता है, उसे चला कर रखना चाहिए।
’ बरसात में हमेशा गाड़ी की बत्ती जला कर चलना चाहिए, जिससे आगे-पीछे चलने वालों को आपकी गाड़ी दिखती रहे। रफ्तार हमेशा कम रखें। ०

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