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सेहत: जब लू लगे

इस मौसम में ज्यादा मसाले वाला खाना न खाएं। इससे शरीर का तापमान और बढ़ जाता है। ऐसा खाना खाएं जो आसानी से पच सके।

Author June 3, 2018 6:51 AM
पानी कई बीमारियों का इलाज है। लू से बचने के लिए दिन में बार-बार पानी पिएं।

अगर रोजाना आपका घर से बाहर निकलना होता है, बाहर रह कर काम करना पड़ता है, सूरज की तपिश से सामना होता है, तो आपको ‘लू’ लगने की ज्यादा संभावना है। गरमी के मौसम में ‘लू’ लगना आम बात है। अगर लू लग जाए और समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो ‘लू’ आपकी परेशानी बढ़ा सकती है। ‘लू’ लगने का प्रमुख कारण शरीर में नमक और पानी की कमी का हो जाना है। गरमी में निकलने वाले पसीने के जरिए शरीर से नमक और पानी का एक बड़ा हिस्सा बाहर निकल जाता है। इस तरह हम ‘लू’ के शिकार हो जाते हैं।

लू के लक्षण

अमूमन इंसान अपने स्वास्थ्य की ओर समुचित ध्यान नहीं देता है। खासकर वे लोग, जिन्हें रोजाना घर से बाहर चिलचिलाती धूप में ही जाकर काम करना है। सेहत के साथ लापरवाही भारी पड़ जाती है। ऐसे लोग समझ ही नहीं पाते कि वे कब लू के शिकार बन गए हैं। लू लगने के कई लक्षण हैं, जैसे सिर में भारीपन होना, नाड़ी की गति बढ़ना, खून की गति तेज हो जाना, सांस लेने में दिक्कत होना, शरीर में ऐंठन होना, तेज बुखार, हाथ और पैरों के तलवों में जलन होना, आंखों में जलन आदि। अगर इन लक्षणों की ओर समय रहते ध्यान नहीं दिया और उपचार नहीं किया गया, तो रोगी की मौत तक हो सकती है।

बचाव के उपाय

‘सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी’ अक्सर आपने यह पंक्ति कई सड़कों पर बनें साइन बोर्ड पर लिखी देखी होगी। यह पंक्ति केवल परिवहन के क्षेत्र में ही नहीं इंसानी शरीर के लिए भी उसी तरह से लागू होती है। अगर आप अपनी सेहत का खयाल नहीं रखेंगे तो बीमारियां आपको जिंदा नहीं रहने देंगी। लू से बचने के कुछ उपाय नीचे दिए गए हैं।

सिर को ढक कर रखें

अगर आप दोपहर के समय घर से बाहर निकलते हैं तो एक कपड़ा अपने साथ जरूर रखें ताकि आप उससे अपने सिर को ढक सकें। सिर, गर्दन और कान कपड़े से ढके होने चाहिए।

बार-बार पानी पिएं

पानी कई बीमारियों का इलाज है। लू से बचने के लिए दिन में बार-बार पानी पिएं। इसके अलावा नींबू पानी पीने से भी लू नहीं लगेगी। साथ में ग्लूकोज रखें। जब भी धूप में बाहर निकलना हो, पानी में ग्लूकोज डाल कर पी लिया करें। इससे शरीर में पानी की कमी तो दूर होगी ही, ऊर्जा भी बनी रहेगी।

हल्का खाना खाएं

इस मौसम में ज्यादा मसाले वाला खाना न खाएं। इससे शरीर का तापमान और बढ़ जाता है। ऐसा खाना खाएं जो आसानी से पच सके। इसके अलावा लंबे समय तक खाली पेट न रहें। सत्तू वगैरह का घोल पीएं, यह संपूर्ण आहार का काम करता है।

मौसमी फल

इस मौसम में खरबूज, तरबूज, अंगूर, खीरा जैसे फलों का सेवन करना चाहिए। इन फलों को खाने से शरीर में पानी की समस्या भी खत्म हो जाती है और ऊर्जा भी भरपूर मिलती है। फलों को खाने से भूख भी मिट जाती है, इससे बाहर का बना खाने से बच जाते हैं। गरमी के मौसम में ऐसे कपड़े पहनें, जो आसानी से पसीना सोख सके। सूती कपड़े पहनें। पोलिएस्टर, सिंथेटिक, नायलॉन के कपड़े पहनने के बजाय सूती वस्त्र पहनें। सूती कपड़ों की खासियत यह भी होती है कि वे शरीर को अतिरिक्त गरमी नहीं देते। जब भी धूप में निकलना हो, गाढ़े रंग के कपड़े न पहनें। हल्के रंग के कपड़े ही पहनें।

लू लगने पर क्या करें

  • लू लगने पर अगर आपात स्थिति में हैं और आपके आसपास मदद करने के लिए कोई नहीं है तो किसी छायादार पेड़ के नीचे बैठ जाएं। पसीना सुखाएं और हाथ-पांव-मुंह पानी से धोने के बाद कुछ पानी पीएं फिर आगे बढ़ें। अधिक समस्या होने पर चिकित्सक को जरूर दिखाएं।
  • गरमी के मौसम में ठंडी तासीर वाले भोजन ही करें। इसमें ताजा मौसमी फल उत्तम रहता है। जहां तक हो सके दुकानों पर फलों का रस, गन्ने का रस पीने से बचें। इस मौसम में पीली मक्खी के जूस की मशीनों पर बैठने से पीलिया होने का खतरा बना रहता है। बाहर की दूध से बनी मिठाइयां भी न खाएं।
  • अगर लू लगने से तेज बुखार हो गया तो ठंडे गीले कपड़े से शरीर को पोछें। इसके अलावा रोगी को ठंडी खुली हवा में आराम करवाएं।
  • प्यास बुझाने के लिए नींबू के रस में मिट्टी के घड़े या सुराही के पानी का सेवन करना चाहिए।
  • गरम मौसम में ऐसे खाद्य पदार्थों से दूरी बनानी चाहिए जिनकी तासीर गरम हो। जैसे चाय और कॉफी जैसे पेय पदार्थों का सेवन कम करें।
  • कच्चे आम का पन्ना, बेल का जूस आदि खूब पीएं।
  • जौ का आटा और पिसा प्याज मिला कर शरीर पर लेप करें, तो लू से तुरंत राहत मिलती है।
  • लू लगने पर रोगी के शरीर के तापमान को कम करने के प्रयास करें।
  • जिस व्यक्ति को लू लग जाए उसके हाथ-पैरों की मालिश करें। लेकिन तेल न लगाएं।

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