X

साड़ी है सबसे आकर्षक पहनावा

साड़ी सदा से महिलाओं की पसंदीदा पहनावा रही है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे पहनने के तरीके अलग-अलग हैं। साड़ियों में विविधता भी है। पर एक बिना सिले हुए खुले छह गज के कपड़े को फैशन डिजाइनरों ने अलग-अलग तरीके से बांधने-पहनने का चलन विकसित कर इसे और आकर्षक परिधान बना दिया है। नए फैशन में साड़ी ने क्या रंग-रूप अख्तियार किए हैं, बता रही हैं सुमन बाजपेयी।

छह गज का वस्त्र, जिसे साड़ी कहा जाता है, भारत की पारंपरिक विरासत का प्रतीक तो है ही, अंतरराष्ट्ररीय स्तर पर भी इसका चलन है। इसकी खासियत यह है कि शरीर की बनावट चाहे कैसी भी क्यों न हो, इसे पहनने के बाद सारे दोष छिप जाते हैं। साड़ी को लपेटने के अनगिनत तरीके हैं, और इसे पहनने के बाद सौंदर्य और खिल उठता है। छह गज का एक साधारण-सा परिधान होने के बावजूद इसमें न कोई कट है, न स्टाइल और न ही सिलाई, यह सबसे आकर्षक परिधान है। फैशन डिजाइनर मणिका मोदी के अनुसार, फैशन आता है और चला जाता है, लेकिन साड़ी का फैशन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कायम है। यहां तक कि वहां की सेलेब्रिटी खास अवसरों पर साड़ी ही पहनना पसंद करती हैं। बाकी पहनावों में फैशन बदलता रहता है, पर साड़ी कभी फैशन से बाहर नहीं हुई।

चलन में आया बदलाव

छह गज का बिना सिला कपड़ा बुनकरों, और डिजाइनरों के लिए एक कैनवास की तरह होता है। साड़ी केवल एक परिधान नहीं, बल्कि यह एक पूरा ताना-बाना है यानी एक ऐसा धागा, जो अनेक सपनों का साक्षी है, जो हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। बदलती जीवनशैली और आधुनिकता ने अन्य चीजों की तरह इसके स्वरूप पर भी असर डाला है। आज ब्लाउज के फैशन में जो बदलाव आया है उसने साड़ी को पाश्चात्य स्पर्श में बदलने को उकसाया है। पहले भारी कढ़ाई की साड़ियों पर ज्यादातर जरी का काम किया जाता था, पर अब जरी की जगह सिक्वेंस, क्रिस्टल और बीड्स ने ले ली है। यहां तक कि नगों को भी जड़ा जाने लगा है।

इन दिनों सबसे ज्यादा चलन में हैंडलूम साड़ियां हैं, जिन्हें ऑर्गेनिक साड़ियां कहा जा रहा है। इन साड़ियों को किसी भी तरह के ब्लाउज के साथ मिक्स ऐंड मैच कर पहना जा सकता है। पार्टी में जा रही हैं, तो इन्हें एम्ब्रॉयड्रेड और सिक्विन ब्लाउज के साथ पहना जा सकता है। क्रॉप-टॉप और शर्ट के साथ हैंडलूम साड़ी का मेल एक अल्ट्रा-ट्रेंडी लुक देता है। हाथ से बनाए जाने की वजह से ये ईको-फ्रेंडली होती हैं। इनमें नैसर्गिक रंगों द्वारा प्रिंट और पैटर्न तैयार किया जाता है। इन दिनों साड़ी को पैंट्स के साथ मैच किया जा रहा है। इस प्रयोग को युवाओं में खासी लोकप्रियता मिल रही है। पैंट्स के साथ साड़ी पहनने के अलग-अलग तरीके इजाद किए जा रहे हैं।

साड़ी भले अपनी लंबाई के लिए जानी जाती हो, लेकिन इंडो-वेस्टर्न फ्यूजन में इसे दुपट्टे के स्टाइल में भी लिया जा रहा है। पैंट्स और टीशर्ट पर साड़ी पहनने के लिए डिजाइनर साड़ी की लंबाई को कम कर रहे हैं। साथ ही इसे एसिमेट्रिकल कट भी दिया जा रहा है। इन दिनों सूट के साथ चले पैंट्स को साड़ी के साथ पहना जा रहा है। पार्टी वियर के साथ-साथ ऑफिस वियर के रूप में भी पैंट्स और शर्ट के साथ साड़ी पहनी जा रही है। कॉटन से लेकर शिफॉन तक की साड़ियां पैंट्स के साथ पहनी जा रही हैं। किसी भी तरह की स्टाइलिश सेमीफॉर्मल शर्ट के साथ साड़ियों को पहना जा सकता है। कॉटन शर्ट्स के साथ कॉटन की साड़ी या सिल्क की साड़ी फैशन में है। धारीदार साड़ियों का फैशन तो जोरों पर है ही, साथ ही डिजिटल साड़ियों की भी खूब मांग है। डायरेक्ट फोटोज से साड़ियों पर की गई प्रिंटिग को डिजिटल प्रिटिंग साड़ियां कहते हैं। जॉर्जेट, सिल्क और शिफॉन जैसे फैब्रिक्स में मिलने वाली इन साड़ियों को अपनी सुविधा के हिसाब से चुनें।

साड़ी को डेनिम या लैगिंग के साथ भी पहना जा सकता है। साड़ी को डेनिम या लैगिंग के ऊपर लपेटें और साड़ी की प्लीट्स को बाएं पैर पर ही डालें। दूसरे पैर से डेनिम दिखने दें। इस लुक में साड़ी का पल्लू बाएं कंधे पर आएगा। सोनम कपूर ने डबल पल्लू स्टाइल साड़ी पहनना शुरू की है, तबसे लड़कियां इस फैशन की दीवानी हो गई हैं। डबल पल्लू साड़ी के लिए आप साड़ी पहनिए और साड़ी से ही मिलता-जुलता एक दुपट्टा अपनी कमर में बांध कर थोड़ा स्टाइलिश लुक देकर उसे लपेट लीजिए।

विविधता और स्टाइल

साड़ी में अनेक भिन्नताएं हैं- बनारसी, कांजीवरम सिल्क, पटोला, लखनवी चिकन साड़ी, तंगली और शांतिनिकेतन साड़ी, राजस्थान की कोटा और बांधनी साड़ी, मध्यप्रदेश की चंदेरी, वेंकटागिरि, पोचमपल्ली, माहेश्वरी आदि। हर प्रांत में साड़ी को अलग तरह से बांधा जाता है, जिसकी वजह से इस परिधान का आकर्षण सदा बना रहता है। साड़ी बांधने का बंगाली तरीका सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। इस तरीके की साड़ी पहन कर आप खुद को पारंपरिक धज दे सकती हैं। इन दिनों लहंगा स्टाइल की साड़ियों का बहुत ज्यादा चलन है। आप चाहें तो सामान्य साड़ी को भी लहंगा स्टाइल में बांध सकती हैं। साड़ियों के सभी तरीकों में मराठी स्टाइल की साड़ी सबसे हट कर लगती है। इस साड़ी के पहनने का ढंग तो अलग होता ही है, इसके साथ ही इसका लुक भी सबसे जुदा होता है। इसकी लंबाई छह मीटर के बजाय नौ मीटर की होती है और इसके नीचे पेटीकोट पहनने की भी जरूरत नहीं होती।

अगर आपको हेवी नेट और सिल्क की साड़ियां पहनना ज्यादा पसंद है, तो गुजराती स्टाइल आपके लिए एकदम सही साबित हो सकता है। इसमें पल्लू को सीधे हाथ की तरफ से लिया जाता है। फिश कट साड़ी स्कर्ट की तरह होती है। इस साड़ी का डिजाइन मछली के आकार का होता है। इसीलिए उसे पहनने से शरीर की कमनीयता बढ़ जाती है। इस तरह की साड़ियों के पल्लू पर अधिक काम किया जाता है। ये साड़ियां हिप्स से पतली और नीचे से फैली होती हैं। इस साड़ी को लो वेस्ट से पहना जाता है। बटरफ्लाई स्टाइल की साड़ी में में पल्लू को पतला रखा जाता है, ताकि नाभि दिखाई दे। इस तरह की साड़ी को हेवी वर्क वाले ब्लाउज के साथ पहना जाता है। शिफॉन नेट जैसी साड़ियों पर यह स्टाइल बहुत अच्छा लगता है।

Outbrain
Show comments