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‘भारत’ पर खुलकर बोले सलमान खान, अपनी लोकप्रियता से लेकर कैटरीना के बारे में कहीं ये बातें

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान पिछले पच्चीस सालों से फिल्मों में सक्रिय हैं और उनकी लोकप्रियता बरकरार है। जब भी उनकी कोई नई फिल्म आने वाली होती है, तो उनके प्रशंसक उसका बेसब्री से इंतजार करते हैं। अपनी पच्चीस साल की लोकप्रियता का मंत्र वे क्या मानते हैं? ईद पर रिलीज होने वाली अपनी फिल्म ‘भारत’ की सफलता को लेकर वे कितने आश्वस्त हैं? सलमान खान ने आरती सक्सेना के साथ खास बातचीत में ऐसे कई सवालों के दिलचस्प जवाब दिए।

Author Published on: June 2, 2019 5:51 AM
फिल्म ‘भारत’ ईद पर रिलीज होगी।

आपकी ईद पर रिलीज होने वाली फिल्म ‘भारत’ का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार है। इस फिल्म में ऐसा क्या खास है, जो दर्शकों को प्रभावित करेगी?

० इस फिल्म की कहानी इमोशन, कॉमेडी, एक्शन से भरपूर है। मैंने इस फिल्म में सत्तर साल की जिंदगी को जिया है, जिसमें मैं पांच रूपों में नजर आऊंगा। वैसे तो पांचों किरदारों की अपनी अलग खासियत है। खास बात यह है कि मेरे मेकअप मैन दीपक ने, जो मेरी पहली फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ से मेरे साथ हैं, मेरा अलग-अलग गेटअप किया है और ये गेटअप एक-दूसरे से बिल्कुल नहींं मिलते। मैं हर गेटअप में अलग लगता हूं, जैसे कि मुझे बचपन, जवानी, अधेड़ उम्र और बुढ़ापा, सत्तर साल वाला भी दिखाया गया है। इसमें मुझे बचपन का किरदार निभाना कठिन लगा, क्योंकि मुझे अपनी बचपन की यादें धुधंली धुंधली याद हैं। जवानी का किरदार निभाना भी मुश्किल था, क्योंकि मुझे अपनी जवानी के वीडियो फोटो देखने पड़े कि मैं उस दौरान कैसा था, कैसे व्यवहार करता था। उसके बाद बूढ़े का किरदार भी मैंने काफी ट्रिकी स्टाइल में निभाया है।

’ अमिताभ बच्चन एक ऐसे स्टार थे, जिन्होंने अपनी जवानी के दिनों में ही कई फिल्मों में बूढ़े आदमी का किरदार निभाया था। आपने अब जाकर बूढ़े व्यक्ति का किरदार किया है। क्या बूढ़े का किरदार निभाने में इस बात का डर लगता है कि आपको लोग कहीं बूढ़े वाली छवि में ही न बांधने लगें?
० नहीं, ऐसा नहीं होगा, क्योंकि मेरा बूढ़े वाला किरदार बहुत कम समय का है। इसमें भी मैं कोई ढीला-ढाला बीमार किस्म का बूढ़ा नहीं बना हूं, बल्कि ऊर्जावान बूढ़ा बना हूं, जो भले सत्तर साल का है, लेकिन उसकी ऊर्जा चालीस साल के जवान की है। जहां तक छवि का सवाल है, तो मैं सत्तर साल की उम्र में भी जवान आदमी का ही किरदार करूंगा, जो फिल्मी स्टाइल में एंट्री मारेगा और बोलेगा- मां मैं स्कूल से आ गया।

’ आपको अभिनय के दौरान सबसे मुश्किल क्या लगता है?
० मुझे अपने किरदार के लिए वजन कम करना और फिर वजन बढ़ाना बहुत मुश्किल काम लगता है। पहले वजन कम करना, बढ़ाना आसान था। लेकिन अब एक बार वजन बढ़ जाए, तो कम करना बहुत मुश्किल होता है। ‘सुल्तान’ के बाद अब ‘भारत’ में मुझे कई बार वजन घटाने और बढ़ाने के दौर से गुजरना पड़ा, जो बहुत मुश्किल होता है।

’ आपने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा था कि कैटरीना कैफ आपको ‘भाई जान’ नहीं, बल्कि ‘माई जान’ कहें। क्या आप कैटरीना से ऐसी उम्मीद करते हैं?
० अरे, वह तो मैंने मजाक किया था। मेरा ऐसा कोई मकसद नहीं था कि मैं कैटरीना से प्यार का इजहार करूं। वैसे भी अब मैं शादी के सवाल से काफी आगे बढ़ गया हूं। लोग मेरे काम के बारे में अब ज्यादा पूछने लगे हैं, जिसे सुन कर अच्छा लगता है।

’ इस फिल्म में कैटरीना कैफ के साथ आपकी केमिस्ट्री काफी अच्छी लग रही है। कैटरीना के बारे में क्या कहेंगे?
० कैटरीना बहुत मेहनती और हुनरमंद हीरोइन है। इस फिल्म में उसने इतना अच्छा काम किया है। मुझे लगता है कि उसको इस फिल्म के लिए अवार्ड भी मिल सकता है। कैटरीना अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित है। मुझे उसकी यही बात अच्छी लगती है। यही वजह है कि मैं उसके साथ फिल्म करने में असहज महसूस नहीं करता। मैं उससे मस्ती और छेड़छाड़ भी करता हूं। वह मेरी छेड़छाड़ पर बहुत हंसती है। वह मेरी अच्छी ‘को-स्टार’ होने के साथ सबसे अच्छी दोस्त भी है। इसलिए उसके साथ काम करना हमेशा अच्छा रहता है।

’ असल जिंदगी में आपने काफी उतार-चढ़ाव देखे हैं। आप अपनी जिदंगी का कौन-सा अध्याय दोहराना चाहेंगे और कौन-सा मिटाना चाहेंगे?
० यह तो बहुत मुश्किल है। मेरी जिंदगी का हर पन्ना मेरे लिए महत्त्वपूर्ण है। मैं किसी को न तो दोहराना चाहूंगा और न ही मिटाना चाहूंगा। अगर मेरे कुछ पल मीठे और यादगार हैं, तो कुछ कड़वे पलों ने मुझे आज यह मुकाम भी दिया है कि मैं एक अच्छा अभिनेता और अच्छा इंसान बनने में सफल हो पाया हूं।

’ आप पिछले पच्चीस सालों से उतने ही लोकप्रिय हैं, जितने पहले थे। आपकी सफलता का मंत्र क्या है?
० सच कहूं तो मुझे खुद नहीं पता कि मेरी लोकप्रियता की वजह क्या है। मेरे खयाल में सब नसीब का खेल है। मेरी झोली में अपार लोकप्रियता आई, लिहाजा मैं इसको ‘एन्जॉय’ कर रहा हूं। बहुत सारे लोगों ने ऐसी लोकप्रियता पाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। मैं खुशनसीब हूं कि मुझे आज भी दर्शक उतना ही प्यार करते हैं, जितना पहले करते थे।

’ ऐसा कौन-सा ऐतिहासिक किरदार है, जो आप परदे पर जीना चाहेंगे?
० अगर कभी मौका मिला, तो मैं चंगेज खान का किरदार निभाना चाहूंगा।

’ क्या आपका फिल्म निर्माण के बाद फिल्म निर्देशन का भी इरादा है?
० मैं अपने करिअर की शुरुआत बतौर डायरेक्टर ही करना चाहता था। मैंने शुरू में कुछ फिल्मों में असिस्ट भी किया। बतौर निर्देशक। मगर बाद में मैं हीरो बन गया। अब हीरो वाली दुकान अच्छी चल रही है, तो फिलहाल डायरेक्शन का इरादा रोक रखा है। भविष्य में जब फिल्मों में अभिनय कम करूंगा तब इस बारे में जरूर सोचूंगा।

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