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दाना-पानीः मीठे का मौसम

मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले मावे, दूध, पनीर वगैरह में मिलावट भी करते हैं। ऐसे में घर में मिठाई बनाना ज्यादा सुरक्षित रहता है।

त्योहारों का मौसम है। इन दिनों मिठाइयों की खपत बढ़ जाती है।

मानस मनोहर

त्योहारों का मौसम है। इन दिनों मिठाइयों की खपत बढ़ जाती है। अभी दशहरा बीता, दिवाली की तैयारियां शुरू हो गई हैं। उपहारों की लेन-देन, मेहमानों का आना, मिलना-जुलना बना रहेगा। चूंकि इन दिनों मिठाइयों की खपत बढ़ जाती है, बहुत सारे हलवाई कई दिन पहले से मिठाइयां बनाना शुरू कर देते हैं। मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले मावे, दूध, पनीर वगैरह में मिलावट भी करते हैं। ऐसे में घर में मिठाई बनाना ज्यादा सुरक्षित रहता है। इस बार कुछ आसानी से बनने वाली मिठाइयों के बारे में बात करते हैं।

बेसन के लड्डू और बर्फी

बेसन के लड्डू और बर्फी बनाना बहुत आसान है। थोड़ी-सी सावधानी बरतें, तो घर में हलवाई से ज्यादा अच्छे और स्वादिष्ट लड्डू और बर्फियां बनाई जा सकती हैं। इसे बनाने के लिए बहुत सारी चीजों की जरूरत भी नहीं होती। बेसन के लड्डू और बर्फी बनाने के लिए मुख्य रूप से बेसन, देसी घी और शक्कर की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा छोटी इलाइची और कुछ मेवे जैसे काजू, बादाम और पिस्ते की जरूरत पड़ती है। अगर ये न भी डालें तो लड्डू और बर्फी के स्वाद में बहुत फर्क नहीं पड़ेगा। कहते हैं न, घी का लड्डू टेढ़ो भला। पहले बेसन के लड्डू बनाते हैं। लड्डू या बर्फी बनाने के लिए सामग्री की मात्रा का ध्यान जरूर रखना चाहिए, नहीं तो स्वाद सही नहीं आएगा। इसके लिए जितना बेसन लें, उसकी आधी मात्रा में देसी घी लें और आधी मात्रा ही चीनी की रखें। अगर अधिक मीठा पसंद करते हैं, तो चीनी की मात्रा तीन-चौथाई रख सकते हैं। इससे अधिक रखने पर लड्डू बहुत मीठे हो जाएंगे।

एक कड़ाही गरम करें। आंच मद्धिम रखें और कड़ाही में बेसन डाल दें। बेसन को चलाते रहें। बेसन थोड़ा गरम हो जाए तो उसमें घी की आधी मात्रा डालें और बेसन को चलाते हुए घी मिलाएं। बेसन को लगातार चलाते रहना इसलिए जरूरी होता है कि इस तरह बेसन कड़ाही के तले में चिपकता नहीं है। बेसन को सुनहरा होने तक भूनना है। जब बेसन का रंग बदलने लगे तो उसमें बचे हुए घी की आधी मात्रा और डालें और बेसन को चलाते रहें। बेसन के ठीक से भुन जाने की पहचान यह है कि वह घी छोड़ देगा और पतला हो जाएगा। तब बेसन को तेज-तेज चलाते हुए भूनें। बेसन का रंग सुनहरा हो जाए और उसमें से सोंधी महक आने लगे, तो उसमें बचा हुआ घी और कुटी हुई इलाइची डालें और मिला कर आंच बंद कर दें। इससे लड््डुओं में चमक आ जाएगी। भुने हुए बेसन को एक अलग बर्तन में निकाल कर ठंडा होने दें।

जब तक बेसन ठंडा हो रहा है, चीनी को मिक्सर में पीस कर बूरा बना लें। बेसन हल्का गरम रहे तभी इसमें पिसी हुई चीनी मिलाएं और दोनों हाथों से रगड़ कर ठीक से मिला लें। अब मनचाहे आकार में लड्डू बनाएं। लड्डू बनाते समय ऊपर से उसमें काजू, बादाम और पिस्ता के कुछ कटे हुए टुकड़े दबा कर गोल आकार दें। लड््डुओं को कम से कम दो-तीन घंटे बाहर ही रखें। फ्रिज में न रखें। इसी तरह बेसन की बर्फी बनाई जा सकती है। लड्डू बनाने से इसका तरीका थोड़ा-सा भिन्न है। बेसन को भूनने का तरीका वही है। पर चीनी मिलाने का तरीका अलग होगा। इसके लिए चीनी को उसकी आधी मात्रा के पानी में उबालें। चीनी उबल कर गाढ़ी हो जाए तो उसे ठंडा कर लें। हल्की गरम रहे तो उसे भुने हुए, हल्का गरम बेसन में मिलाएं और ठीक से मिश्रण बना लें। इस मिश्रण को किसी थाली या ट्रे में फैला दें। ऊपर से कटे हुए मेवे डाल कर ठीक से दबा दें, ताकि काटते समय ये गिरें नहीं। मिश्रण पूरी तरह ठंडा हो जाए, तो तेज धार के चाकू से इसे बर्फी के आकार में काट लें।

गुलाब जामुन

ड्डू की तरह गुलाब जामुन भी लोकप्रिय मिठाई है। इसे बनाना बहुत आसान है। गुलाब जामुन बनाने के लिए कुछ लोग मावा का उपयोग करते हैं, तो कुछ लोग पनीर का। कुछ लोग सूजी से भी गुलाब जामुन बनाते हैं। इस मौसम में दुकानों पर शुद्ध मावे की गारंटी नहीं होती, इसलिए हम पनीर से गुलाब जामुन बनाएंगे। यह बहुत स्वादिष्ट होती है। गुलाब जामुन बनाने के लिए जितनी मात्रा में पनीर लें, उसकी तीन चौथाई मात्रा मैदे की रखें। पनीर को कद्दूकस कर लें। उसमें पहले मैदे की आधी मात्रा मिलाएं और किसी बड़ी थाली या परात में हथेली से मसलते हुए मिलाएं। जब मिश्रण चिकना होने लगे, तो उसमें बचे हुए मैदे की आधी मात्रा और मिलाएं और हथेली से मसलते रहें। फिर बचा हुआ मैदा डालें और हथेली से मसलते हुए मिलाएं। जब मिश्रण पूरी तरह चिकना हो जाए, तो उसे पांच-सात मिनट के लिए ढंक कर रख दें।

इस बीच एक कड़ाही या भगोने में भरपूर चीनी लें और उसमें चीनी की मात्रा के बराबर पानी डाल कर उबलने रख दें। अब एक तरफ कड़ाही में घी गरम करें। गुलाब जामुन बनाने के लिए देसी घी का उपयोग करें, तो अच्छा रहता है। रिफाइंड में इसका स्वाद अच्छा नहीं आता। ध्यान रखें कि घी ज्यादा गरम न हो। आंच मद्धिम ही रखें। अब पनीर-मैदे के मिश्रण में से छोटे-छोटे टुकड़े लेकर गुलाब जामुन की गोलियां बना लें। गोलियां बनाते समय ध्यान रखें कि वे ठीक से दबी हों, उनमें कहीं से कोई दरार नजर न आए। पहले गरम घी में एक गोली डाल कर देख लें कि वह फट तो नहीं रही। अगर फट रही है तो मिश्रण में एक से डेढ़ चम्मच मैदा और डालें और हथेली से मसलते हुए चिकना कर लें। अब गुलाब जामुन नहीं फटेगी।

चीनी में उबाल आने लगे तो उसमें एक से दो छोटी इलाइची कूट कर डाल दें। चाशनी गाढ़ी होने लगे तो अंगूठे और उंगली से चिपका कर देखें। उसमें एक तार-सा बन रहा है, तो समझें चाशनी बन कर तैयार हो गई है। आंच बंद कर दें। अब गुलाब जामुनों को धीमी आंच पर सावधानी से चलाते हुए गुलाबी रंगत आने तक तलते रहें। चाशनी हल्की गरम रहनी चाहिए। न ज्यादा गरम न ज्यादा ठंडी। अब तली हुई गुलाब जामुनों को चाशनी में डालते जाएं। गुलाब जामुन तैयार हैं। खाएं, मेहमानों को खिलाएं और उपहार में दें।

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