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नाश्ता वही अंदाज नया

घर के खाने का मतलब है, परंपरागत तरीके से बना भोजन। इसलिए घर में भोजन पकाते समय हर वक्त बाजार जैसा भोजन बनाने की कोशिश करने के बजाय पारंपरिक ढंग से बनने वाले व्यंजनों को नया स्वाद देने का प्रयास करना चाहिए। इस बार पारंपरिक नाश्ते को कुछ नया स्वाद देने का प्रयास करेंगे।

dana pani
ऊपर सब्जी वाली दलिया और नीचे रवा उत्पम।

मानस मनोहर

सब्जी वाला दलिया
मतौर पर दलिया को दूध में पका कर मीठा या फिर खिचड़ी की तरह नमकीन खाया जाता है। मगर हरी सब्जियों के साथ कभी पोहा की तरह बना कर खाएं, इसका आनंद अलग होता है। दाना-दाना अलग नमकीन दलिया। आप तो जानते ही हैं कि दलिया गेहूं से बनता है। आजकल चोकरयुक्त आटा खाने पर जोर दिया जाता है, इसलिए कि चोकर में फाइवर होता है और उससे कब्ज आदि से परेशान लोगों को काफी राहत मिलती है। दलिया में चोकर मिला होता है। यानी उसे केवल गेहूं को तोड़ कर बनाया जाता है, इसलिए उसका चोकर यानी छिलका अलग नहीं होता। इस तरह आटे या फिर मैदे से बनी चीजें खाने की अपेक्षा दलिया से बनी चीजें खाना ज्यादा फायदेमंद है। तो दलिया से क्यों न अलग-अलग व्यंजन बनाए जाएं।

नाश्ते के तौर पर नमकीन दलिया बनाने के लिए कुछ सब्जियों की जरूरत पड़ेगी। पहले मात्रा तय कर लें। अगर एक कटोरी दलिया ले रहे हैं तो करीब दो कटोरी सब्जियां लें। इसके लिए आधा कटोरी हरे मटर के दाने, आधा कटोरी बड़े टुकड़ों में कटा प्याज, आधा कटोरी छोटा-छोटा कटा गाजर और आधा कटोरी पत्तागोभी लें। सब्जियों का चुनाव आप अपनी पसंद से भी कर सकते हैं। पत्तागोभी की जगह फूलगोभी या ब्रोकली या बीन्स आदि भी ले सकते हैं।

अब एक कड़ाही में दो खाने के चम्मच बराबर देसी घी गरम करें और उसमें दलिया डाल कर महक उठने और सुनहरा रंग आने तक मध्यम आंच पर चलाते हुए सेंकें। जब दलिया सिंक जाए, तो दो चम्मच घी और डालें। अच्छी तरह मिलाएं और फिर एक-एक कर कटी हुई सब्जियां डालें। सबसे पहले प्याज डाल कर तीस सेंकेंड तक चलाएं, फिर गाजर, मटर और गोभी डालें और दो से तीन मिनट तक चलाते हुए पकाएं। अब इसमें दो कटोरी पानी डालें। जरूरत भर का नमक डालें और कड़ाही पर ढक्कन लगा दें।

अगर आप मसाला खाना पसंद करते हों, तो आधा छोटा चम्मच गरम मसाला या फिर केवल दो हरी मिर्चें बीच से फाड़ कर डाल सकते हैं। आंच मध्यम रखें और इसी तरह पांच मिनट तक पकने दें। जब दलिया पानी सोख ले, तो आंच बंद कर दें। देखें कि दलिया अच्छी तरह फूल कर नरम हो गया है या नहीं। अभी ढक्कन लगा रहने दें। पांच मिनट बाद खोलें। अब दलिया ने सारा पानी सोख लिया होगा और सब्जियों का रस भी उसमें जज्ब हो गया होगा। अब ढक्कन खोलें और चम्मच से चला कर देखें, दलिया का दाना-दाना अलग होना चाहिए।

इसे गरमागरम, तड़का छाछ के साथ खाएं। यह दलिया नाश्ते के रूप में भी खा सकते हैं और रात या दोपहर के भोजन के रूप में भी। ध्यान रखें कि यह दलिया गरमा-गरम ही अच्छा लगता है।

रवा उत्पम
दलिया की तरह ही रवा यानी सूजी भी नाश्ते के लिए उत्तम आहार है। सूजी से तो बहुत सारे व्यंजन बनते हैं। बहुत सारे लोग इसका उपयोग केवल हलवा के लिए करते हैं। मीठा हलवा। दक्षिण में इसका नमकीन हलवा यानी उपमा भी लोकप्रिय है। पर इससे उत्पम भी बहुत स्वादिष्ट बनता है। रवा उत्पम बनाने के लिए सबसे पहले रवा यानी सूजी को आधे घंटे के लिए भिगो कर रखना पड़ता है। एक कटोरी रवा से दो उत्पम बनाए जा सकते हैं।

इसी तरह आप व्यक्तियों के अनुसार रवे की मात्रा तय कर सकते हैं। यों रवे को बहुत से लोग पानी में भिगो कर रखते हैं, पर आप पानी की जगह छाछ का इस्तेमाल करें। इससे रवा में नैसर्गिक खटास भी रहेगी और उत्पम नरम-मुलायम भी बनेगा। एक कटोरी रवे के लिए आधा लीटर छाछ पर्याप्त होता है। छाछ में रवा को अच्छी तरह फेंट कर उसमें जरूरत भर का नमक मिलाएं और ढंक कर आधे घंटे के लिए छोड़ दें। अब इसमें डालने के लिए सब्जियां काट कर तैयार करें। इसमें भी मटर, गाजर, पत्तागोभी और प्याज डालना अच्छा रहता है। चाहें तो बीन्स भी डाल सकते हैं। इन सारी सब्जियों को छोटा-छोटा काट कर अलग रख लें। आधे घंटे बाद रवा को खोल कर देखें, उसने सारा पानी सोख लिया होगा। वह अच्छी तरह फूल चुका होगा। इसी में सारी सब्जियों को डालें और अच्छी तरह मिलाएं।

अगर घोल गाढ़ा हो गया है, तो थोड़ा पानी डाल सकते हैं। पर ध्यान रखें कि घोल बहुत पतला न होने पाए, नहीं तो वह बह कर सब्जियों से अलग हो जाएगा। सब्जियां मिलाने के बाद पांच मिनट और इसे आराम करने दें। फिर एक नान स्टिक तवा या पैन गरम करें। उस पर घी चुपड़ें और उत्पम के घोल में एक पुड़िया ईनो या चुटकी भर मीठा सोडा डाल कर अच्छी तरह मिलाएं। घोल में से कटोरी भर घोल निकालें और तवे पर सावधानी से बराबर मोटाई में फैला दें। आंच को मध्यम रखें।

घोल फैलाने के बाद ऊपर से ढक्कन लगा दें। इस तरह उत्पम नीचे से जलेगा नहीं और भाप से उसके ऊपर का हिस्सा भी अच्छी तरह पक जाएगा। जब उत्पम की नीचे की परत सिंक कर तवा छोड़ने लगे और ऊपर की सतह सख्त नजर आने लगे तो ढक्कन हटाएं और उत्पम को पलट कर दूसरी तरफ से भी सेंक लें। थोड़ी देर ढक्कन लगाए बिना सेंकें, ताकि उत्पम की ऊपरी सतह कुरकुरी हो जाए।

यों उत्पम को पारंपरिक तरीके से नारियल की चटनी के साथ परोसा जाता है, पर आप इसे सास या हरी चटनी के साथ भी खा सकते हैं। इसके साथ चाय-काफी या तड़का छाछ ले सकते हैं।

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