तरीदार भी मजेदार भी

खाने में कुछ बदलाव हो तो टेस्ट भी बढ़ता है और मन को भी भाता है। आज कुछ ऐसा ही व्यंजन सीखते हैं।

Jansatta Dana-Pani, Jansatta Dishes
टमाटर सोयावड़ी (ऊपर) और चीला तरीदार (नीचे)।

मानस मनोहर

कई बार ऐसा होता है कि रोजमर्रा से हट कर कुछ बनाने और खाने का मन होता है। वैसे भी अपने आहार में बदलाव करते रहना चाहिए, क्योंकि इससे अच्छी सेहत के लिए सबसे जरूरी माने गए पाचन तंत्र को बेहतर रखने में मदद मिलती है। इसलिए भी कभी-कभार पुराने ढंग और पारंपरिक तरीके से बनने वाले व्यंजन बनाना-खाना चाहिए। इस बार कुछ ऐसे ही व्यंजन।

टमाटर सोयावड़ी
सोयावड़ी को अक्सर लोग बनाने से पहले पानी में भिगो कर रख देते हैं। फिर जब सब्जी बनाते हैं तो उसे उसमें पानी समेत या थोड़ा निचोड़ कर डाल देते हैं। इस तरह वड़ी का स्वाद ठीक से नहीं आ पाता, क्योंकि वड़ी पहले ही पानी सोखे रहती है और नमक मसाले वगैरह ठीक से जज्ब नहीं कर पाती। इसलिए जब भी सोयावड़ी बनाएं, तो उसे पांच से दस मिनट तक मध्यम आंच पर उबाल लें। फिर उसे छान कर थोड़ा ठंडा करें और दबा कर अच्छी तरह उसका पानी निचोड़ लें। इस तरह वड़ियां नरम और मुलायम हो जाएंगी और जिस भी सब्जी में डालेंगे, वे उसका रस सोख पाएंगी। टमाटर सोयावड़ी बनाते समय भी यही प्रक्रिया अपनाएं। यह सब्जी बनाने के लिए चार लोगों के लिए एक से डेढ़ कटोरी सोयावड़ी पर्याप्त होगी।

उबाल कर निचोड़ने के बाद वड़ियों को एक बड़े कटोरे में रखें। उसमें नमक, लाल मिर्च पाउडर, आधा चम्मच गरम मसाला, चौथाई चम्मच हल्दी पाउडर, एक चम्मच धनिया पाउडर और आधा कटोरी दही डाल कर अच्छी तरह मिलाएं ताकि सारी चीजें अच्छी तरह सोयाबीन की वड़ियों पर लिपट जाएं। अब इसे पंद्रह मिनट के लिए रख दें।

तीन से चार मध्यम आकार के टमाटर लें और मिक्सर में डाल कर प्यूरी बना लें। फिर कड़ाही में दो चम्मच सरसों का तेल गरम करें। उसमें एक छोटा टुकड़ा दालचीनी, एक बड़ी इलाइची, चार-पांच साबुत काली मिर्च, एक तेजपत्ता और आधा चम्मच जीरा, चौथाई चम्मच सौंफ का तड़का दें। उसमें पिसा हुआ टमाटर डालें और मध्यम आंच पर तब तक चलाते हुए पकाएं, जब तक कि वह तेल न छोड़ने लगे। फिर दही और मसाले डाल कर रखी वड़ियां डालें और अच्छी तरह चलाएं। दही की वजह से टमाटर का सूखापन दूर हो जाएगा।

अब इसमें चौथाई चम्मच लाल मिर्च पाउडर, चौथाई चम्मच देगी या कश्मीरी मिर्च पाउडर (इससे रंग अच्छा आता है), आधा चम्मच गरम मसाला और आधा चम्मच धनिया पाउडर और डालें। आधा गिलास पानी डालें और पकने दें। इस सब्जी की तरी बहुत पतली न रखें, थोड़ी गाढ़ी रखना ही अच्छा रहता है, जैसे शाही पनीर की तरी रखते हैं। अगर पानी कम लग रहा हो, तो और डाल सकते हैं। कड़ाही पर ढक्कन लगा दें और दस से बारह मिनट तक मध्यम आंच पर पकने दें। नमक चख कर देख लें, कम हो तो और डाल सकते हैं। टमाटर सोयावड़ी तैयार है। हरा धनिया, अदरक और हरी मिर्च के लच्छे काट कर सजाएं और परोसें। इसे परांठे या गरम-गरम रोटी के साथ खाएं।

चीला तरीदार
राजस्थान में बेसन से अनेक प्रकार की तरकारियां बनती हैं। चीले की तरकारी भी उनमें एक है। यह बनाना बहुत आसान है। इसके लिए बहुत तैयारी करने की जरूरत नहीं पड़ती। इसे बनाने के लिए सबसे पहले आधा कटोरी बेसन लें। उसमें चुटकी भर हींग, चौथाई चम्मच अजवाइन, चौथाई चम्मच हल्दी पाउडर, इतनी ही मात्रा में गरम मसाला, कुटी लाल मिर्च और जरूरत भर का नमक डालें और अच्छी तरह मिला लें। थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए बेसन को फेंटे। ध्यान रखें कि यह घोल न तो बहुत पतला हो और न बहुत गाढ़ा।

नॉन स्टिक पैन या सपाट तवे पर हल्का तेल चुपड़ें और फिर उस पर बेसन का घोल फैला दें। आंच मध्यम रखें। चूंकि इस चीले को तरी में डालना है, इसलिए इसे कुरकुरा बनाने की जरूरत नहीं होती। इसे थोड़ा मोटा भी रख सकते हैं। जब घोल तवे पर फैला लें, तो ऊपर से किसी थाली या प्लेट से ढक दें, ताकि उसके ऊपर का हिस्सा उसके भाप से पक जाए। तीन-चार मिनट बाद ढक्कन हटा कर देखें, नीचे का हिस्सा अगर सतह को छोड़ने लगा हो तो पलट कर दूसरी तरफ से भी पका लें। ध्यान रखें कि चीले की सतह तवे पर चिपक कर काली न पड़ने पाए।

इस चीले को मनचाहे टुकड़ों में काट कर अलग रख लें। अब इसकी तरी बनाने की तैयारी करें। इसकी तरी दो-तीन तरीके से बनाई जाती है। कुछ लोग टमाटर-प्याज पीस कर तरी बनाते हैं, तो कुछ लोग महज छोटे आकार का प्याज काट कर उसका तड़का लगाते हैं और फिर तरी बना लेते हैं। दही की तरी भी इसके साथ अच्छी लगती है। आप अपनी पसंद की तरी बना सकते हैं। अभी हम सामान्य तरी की बात करेंगे।

एक कड़ाही में एक से दो चम्मच सरसों का तेल गरम करें। उसमें राई, जीरा, तेजपत्ता और सौंफ का तड़का लगाएं। फिर एक छोटे या मध्यम आकार का बारीक कटा प्याज और दो कटी हरी मिर्चें डालें और चलाते हुए प्याज के पारदर्शी होने तक पकाएं। फिर उसमें आधा चम्मच कुटी लाल मिर्च, आधा चम्मच देगी या कश्मीरी लाल मिर्च, चौथाई चम्मच गरम मसाला, आधा चम्मच हल्दी पाउडर और इतनी ही मात्रा में धनिया पाउडर डाल कर थोड़ी देर भूनें। फिर दो गिलास पानी डालें और उबाल आने दें। जब पानी में उबाल आ जाए, तो उसमें कटे हुए चीले के टुकड़ों को डालें और पांच मिनट तक पकने दें। फिर आंच बंद कर दें। चाहें तो ऊपर से कटा हरा धनिया, अदरक और हरी मिर्च डाल सकते हैं। रोटी के साथ गरमा-गरम परोसें।

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