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बदलाव का जायका

रोजमर्रा बनने वाले व्यंजनों को ही थोड़ा उलट-फेर करके बनाते रहने से भोजन का चाव बना रहता है और खाने में भी नयापन महसूस होता है।

दाना-पानी, व्यंजनअंकुरित मूंग परांठा और भरवां टमाटर।

मानस मनोहर
रोज-रोज एक ही तरह से बना खाना खाकर ऊब होने लगती है। कई बार लंबे समय तक एक ही मसाला इस्तेमाल करते रहने से भी उसकी महक मन में इस कदर बैठ जाती है कि भोजन नए ढंग से बना हो, मगर मसाले की महक वही हो, तो भी ऊब हो जाती है। इसलिए रोजमर्रा बनने वाले व्यंजनों को ही थोड़ा उलट-फेर करके बनाते रहने से भोजन का चाव बना रहता है।

अंकुरित मूंग परांठा
अंकुरित दालों से भी परांठे बनाए जा सकते हैं, ऐसा कम लोगों के मन में विचार आता है। अंकुरित दालों में सबसे बेहतर मूंग का स्वाद आता है। इसलिए इससे ही परांठे बनाने पर बात करेंगे, फिर आप अपने मन के मुताबिक दालों का चुनाव कर सकते हैं। दालों को अंकुरित कर लेने से उनका गुण बढ़ जाता है, फिर जिन दालों में पित्त का तत्त्व अधिक होता है, वह भी इस तरह निकल जाता है।

यह थोड़ा समय लेने वाला व्यंजन है। झटपट नहीं बनाया जा सकता। पहले साबुत मूंग को रात भर भिगो कर रख दें। फिर पानी निथार कर कपड़े में बांध कर या बर्तन में ढंक कर चौबीस घंटे के लिए रख दें, उसमें अच्छे अंकुर फूट आएंगे। आजकल मौसम गरम होने लगा है, इसलिए चौबीस घंटे में अच्छे-खासे अंकुर फूट आएंगे। इसे एक बार और पानी डाल कर धो लें। रगड़ें नहीं, बस पानी डाल कर निथार लें। फिर ग्राइंडर में दो-तीन हरी मिर्च, दो-तीन लहसुन की कलियां, थोड़ा-सा अदरक डाल कर पीस लें, फिर अंकुरित मूंग डाल कर एक बार चला लें, ताकि मूंग टूट जाए। पीस कर पेस्ट नहीं बनाना है, इसलिए ध्यान रखें कि पानी बिल्कुल नहीं डालना है।

अब कड़ाही में एक चम्मच घी या तेल गरम करें। उसमें जीरा, अजवाइन, कुछ दाने सौंफ के और चुटकी भर हींग डाल कर तड़का लें। एक मध्यम आकार का बारीक कटा प्याज डाल कर हल्का भून लें और फिर पिसा हुए मूंग का मिश्रण डाल कर हल्की आंच पर चला लें। अगर प्याज पसंद नहीं, तो छोड़ सकते हैं। उसमें जरूरत भर का नमक, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और आधा छोटा चम्मच गरम मसाला डाल कर अच्छी तरह मिलाएं और कड़ाही पर ढक्कन लगा दें।

ध्यान रखें कि इस मिश्रण को भूनना नहीं है, नहीं तो दाल के दाने कड़े हो जाएंगे। इसलिए आंच मध्यम रखें और भाप उठने लगे तो बंद कर दें। अब इसमें आधा कटोरी बारीक कटा हरा धनिया डाल कर अच्छी तरह मिला लें। पिट्ठी तैयार है। जिस तरह आलू, मटर, गोभी, मूली वगैरह के परांठे बनाते हैं, उसी तरह अंकुरित मूंग की पिट्ठी भर कर मनचाहे आकार में परांठे बेलें और तवे पर सेंक लें। इसमें एक प्रयोग और करें। इसे पलट कर दोनों तरफ से रोटी की तरह पका लें और परांठे की तरह चुपड़ने के बजाय बाद में घी चुपड़ें, जैसे खाते समय रोटी पर चुपड़ते हैं। इससे स्वाद अलग आएगा और परांठे खाने से जो लोग बचते हैं, उन्हें भी इसे खाने से गुरेज नहीं होगा। इसके साथ कोई तरी वाली सब्जी, चटनी या सॉस, दही, जो पसंद हो, परोसें।

भरवां टमाटर
पश्चमी देशों में टमाटर को सेंक कर नाश्ते के साथ खाने का आम चलन है। पर भरवां टमाटर का स्वाद अलग ही होता है। इसे बनाने में बहुत झंझट नहीं है। बस इसमें भरने के लिए मसाला तैयार करने में थोड़ा वक्त लगता है। भरावन की सामग्री के लिए दो मध्यम आकार के उबले आलू कद्दूकस कर लें। इतनी ही मात्रा में पनीर भी कद्दूकस करें। अगर आपके पास मोजरेला चीज है, तो उसे कद्दूकस करके अलग रख लें। दो-तीन हरी मिर्च, हरा धनिया, अदरक बारीक काट लें। चीज को छोड़ कर सारी सामग्री को मिला लें। उसमें जरूरत भर का नमक, कुटी लाल मिर्च, आधा चम्मच गरम मसाला डालें। गरम तवे पर कुछ दाने सूखा धनिया, जीरा और सौंफ के सेंक कर दरदरा कूटें और इसमें डाल लें, इससे खुशबू और स्वाद बढ़ जाता है। सारी सामग्री को अच्छी तरह मिलाएं और अलग रख दें।

अब पांच-छह बड़े आकार के टमाटर लें। उनके ऊपर का हिस्सा काट कर अलग करें और सावधानी से चाकू की मदद से उनके भीतर का सारा गूदा निकाल लें। अगर ऐसा करना मुश्किल जान पड़ता हो तो टमाटर को बीच से काट कर दो हिस्सों में बांट सकते हैं। फिर उनके बीच का गूदा निकाल कर अलग रख लें। फिर खाली टमाटर में आलू-पनीर का मिश्रण भर दें। मोजरेला चीज घिस कर रखी है, तो उसे भरावन के ऊपर अच्छी तरह फैला दें।
कड़ाही में दो चम्मच देसी घी गरम करें। उसमें एक छोटा टुकड़ा दालचीनी, एक तेजपत्ता, एक बड़ी इलाइची और आधा चम्मच जीरा डाल कर तड़काएं। इससे खुशबू और स्वाद लाजवाब आएगा। इसी में टमाटर को सावधानी से रख दें। भरा हुआ हिस्सा ऊपर रखें। आंच को मध्यम कर दें और कड़ाही पर ढक्कन लगा दें। दस से पंद्रह मिनट तक पकने दें। टमाटर पक कर अलग होने लगे, तो आंच को बंद कर दें। टमाटर को निकाल कर अलग बरतन में रख दें।

इसमें डालने के लिए तरी बना लें। टमाटर का जो गूदा निकाला था, उसे पीस लें। फिर जिस कड़ाही में टमाटर को सेंका था, उसी में एक चम्मच तेल या घी डाल कर टमाटर की ग्रेवी डालें और चलाते हुए भूनें। जब यह तेल छोड़ने लगे, तो उसमें एक कटोरी फेंटा हुआ गाढ़ा दही डालें और मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए पकाएं। लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर और गरम मसाला डाल कर भून लें। हल्का पानी डाल कर गाढ़ी तरी बना लें। इस तरी को पके हुए टमाटरों के किनारे से या फिर ऊपर से डालें और कटे हुए हरा धनिया, अदरक का लच्छा और हरी मिर्च से सजा कर परोसें।

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