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रागी के साथ नया स्वाद

छुट्टी वाले दिन अगर सुबह नाश्ते में कुछ खास बनाना हो या रात को अलग हट कर खाने का मन करे तो रागी का उत्तपम और डोसा भी अच्छा विकल्प है।

रागी का उत्तपम और रागी का डोसा

मानस मनोहर
वैसे तो उत्तपम और डोसा जैसे स्वादिष्ट व्यंजन बनाने में सूजी, चावल, उड़द की दाल या बेसन आदि का इस्तेमाल किया जाता है। पर स्वाद बदलने के लिए और भी चीजों से ये व्यंजन बना सकते हैं। छुट्टी वाले दिन अगर सुबह नाश्ते में कुछ खास बनाना हो या रात को अलग हट कर खाने का मन करे तो रागी का उत्तपम और डोसा भी अच्छा विकल्प है।

रागी का उत्तपम
गी भी ज्वार, मक्का, बाजरा, जौ आदि की तरह मोटा अनाज है। इसे नाचनी भी कहते हैं। यह राई की तरह ही दानेदार लेकिन थोड़ा लाल होता है। रागी और इसका आटा सब जगह आसानी से मिल जाता है। इसे हर लिहाज से गुणकारी और पौष्टिक माना गया है। इसमें करीब-करीब वे सभी पोषक तत्व मिल जाते हैं जो शरीर के लिए जरूरी होते हैं, जैसे- कैल्शिमय, पोटेशियम, फास्फोरस, प्रोटीन, आयरन, आयोडीन, अमीनो अम्ल, सोडियम, जिंक, मैग्नेशियम, विटामिन बी-1, बी-2, बी-3 आदि। कोशिश करें कि रागी का ताजा आटा ही इस्तेमाल करें। ताजे आटे का स्वाद ही अलग होता है। रागी के आटे की रोटी और परांठे भी बहुत स्वादिष्ट होते हैं। इसे चाहें तो गेहूं के आटे में भी मिला कर बना सकते हैं। अगर भोजन में इसका रोजाना भी इस्तेमाल हो तो कोई हर्ज नहीं।

उत्तपम बनाने के लिए एक कप रागी का आटा और चौथाई कप चावल का आटा लें। इसमें चौथाई कप दही मिला लें। तीनों को एक प्याले में लेकर घोल बना लें। घोल को पतला बनाने के लिए एक से डेढ़ कप पानी मिलाते हुए इसे चलाते जाएं, ताकि गुठलियां न पड़ें। अब इस घोल में एक बारीक कटा प्याज, हरा धनिया, हरी मिर्च और स्वादानुसार नमक डाल लें और अच्छी तरह से मिला कर दो घंटे के लिए ढक कर रख दें।

दो घंटे बाद उत्तपम सेकने के पहले हमें घोल में तड़का लगाना होगा। इसके लिए पैन में एक छोटा चम्मच तेल डालें। कोई भी खाद्य तेल ले सकते हैं। जैसे ही तेल गरम हो जाए तो इसमें थोड़ी-सी सरसों और जीरा डालें। जीरा तड़कने पर सात-आठ पत्तियां कड़ी पत्ते की और थोड़ी-सी हींग भी डाल लें। कुछ सेकंड तक इसे भूने और फिर इसे उत्तपम के लिए तैयार किए गए घोल में मिला दें। उत्तपम का घोल तैयार है। घोल को चम्मच से अच्छी तरह मिला लें।

अब उत्तपम सेकने के लिए नॉन स्टिक तवा गैस पर रखें। तवे को तेज गरम नहीं करना है। हल्का गरम होते ही इस पर आधा छोटा चम्मच तेल डालें और तवे पर टिश्यू पेपर या साफ नैपकिन से पूरे तवे पर फैला लें। चम्मच से तवे पर उत्तपम का घोल डालें और गोलाई देते हुए फैलाएं। गैस को मध्यम आंच पर कर दें। उत्तपम को दोनों तरफ से हल्का तेल लगा कर हल्का भूरा होने तक सेकें। अब उत्तपम तैयार है। इसे भी आप डोसे की तरह नारियल, हरे धनिए या टमाटर की चटनी के साथ परोसें। अगर सांबर हो तो और स्वाद आएगा। यहां तीन बातें ध्यान रखनी हैं।

पहली तो यह कि उत्तपम डोसे जैसा एकदम पतला नहीं, बल्कि चीले की तरह मोटा बनाया जाता है। दूसरी बात, यह डोसे जितना बड़ा नहीं बल्कि रोटी की गोलाई जितना या उससे भी छोटा बनाया जाता है। तीसरी जरूरी बात यह कि उत्तपम को दोनों ओर से अच्छी तरह सेका जाता है, वह भी तेज आंच पर नहीं, मध्यम आंच पर। वैसे आजकल उत्तपम बनाने के छोटे सांचें भी आते हैं, जिसमें छोटे-छोटे उत्तपम आसानी से बन जाते हैं।

रागी का डोसा
गी का डोसा बनाने के लिए आधा कप रागी का आटा, चौथाई कप गेहूं का आटा, चौथाई कप बेसन, आधा कप दही और दो बड़े चम्मच तेल चाहिए। डोसे में डालने के लिए बारीक कटा हरा धनिया, एक हरी मिर्च, आधा इंच अदरक का टुकड़ा कद्दूकस करके ले लें। अब डोसे का घोल बनाने के लिए एक बड़े प्याले में रागी व गेहूं के आटे और बेसन को मिला लें। फिर इसमें दही डालें और अच्छी तरह मिलाएं। अब घोल में थोड़ा-थोड़ा पानी डाल कर उसे पतला बना लें। थोड़ा-थोड़ा पानी डाल कर चलाने से घोल में आटे और बेसन की गुठलियां नहीं पड़ेंगी। अब घोल में स्वादानुसार नमक, बारीक कटा हरा धनिया, हरी मिर्च और अदरक मिलाएं।

डोसे के लायक घोल को पतला करने के लिए जरूरत के हिसाब से और पानी मिलाएं। अब इसे बीस मिनट के लिए ढक कर रख दें, ताकि यह फूल कर तैयार हो जाए। इसके बाद नॉन स्टिक तवा गैस पर रखें। तवा हल्का गरम होने लगे तो उस पर जरा-सा तेल डालें और कपड़े या टिश्यू पेपर से पूरे तवे पर फैला लें। अब बड़े चम्मच से धीरे-धीरे डोसे का घोल तवे पर डालें और एकदम पतली परत में इसे गोल करते हुए फैलाते जाएं। डोसे के घोल को तवे पर गोलाई में फैलाने के लिए कटोरी भी ले सकते हैं। इस वक्त यह ध्यान रखना होगा कि तवा तेज गरम न हो। अगर तवा तेज गरम होगा तो घोल फैलेगा नहीं और डोसा चिपक जाएगा।

घोल को फैलाने के बाद गैस को तेज कर लें। अब डोसे के चारों तरफ और ऊपर थोड़ा-सा तेल डालें। डोसे को भूरा रंग आने तक अच्छे से सिकने दें। इसमें हल्का-सा करारापन आने लगेगा। अब इसे पलट लें और दूसरी तरफ भी हल्का-सा सेक लें। अब इसे निकाल लें। डोसा बन कर तैयार है।

इसे नारियल की चटनी, हरे धनिए की चटनी, सांबर या सॉस के साथ परोसें। इसी तरह पालक और मैथी का डोसा भी बना सकते हैं। इसके लिए डोसे के इस घोल में जरूरत के हिसाब से एकदम बारीक कटा हुआ पालक या मैथी मिला लें। थोड़ा पानी मिला कर घोल को फैलने लायक पतला कर लें और फिर डोसा बना लें।

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