चीज वही बात नई

कुछ चीजों का भोजन में तो हम नियमित उपयोग करते हैं, पर वह प्राय: पारंपरिक तरीका ही होता है। अगर उन्हीं चीजों को थोड़ा अलग तरीके से बनाएं, तो भोजन का आनंद बढ़ जाता है। इस बार रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाली चीजों को थोड़ा अलग ढंग से बनाने की चर्चा करेंगे।

मूली के कोफ्ते (ऊपर) और मेथी मटर टिक्कड़ (नीचे)।

मानस मनोहर

मूली के कोफ्ते
मूली के कोफ्ते बनाने का तरीका भी लगभग वही है, जो अन्य चीजों से कोफ्ते बनाने का होता है। मगर इसे थोड़ा भिन्न तरीके से बनाते हैं, तो स्वाद बढ़ जाता है। सबसे पहले मूली को धोकर इसका छिलका उतारें और मोटे कद्दूकस पर घिस लें। पानी न निचोड़ें। इसे अलग रख लें। अब इसमें डालने के लिए एक मुट्ठी पोहा को ग्राइंड करके अलग रख लें। इसी तरह दो चम्मच बेसन को कड़ाही या पैन में सुगंध उठने तक सेंक कर अलग रख लें।

अब कड़ाही या पैन में एक चम्मच तेल गरम करें। उसमें थोड़ा जीरा, सौंफ, अजवाइन और हींग का तड़का लगाएं और कद्दूकस की हुई मूली को डाल कर मध्यम आंच पर पांच मिनट तक पकाएं। जब मूली का रस लगभग सूख जाए तो उसमें पहले जरूरत भर का नमक, चौथाई चम्मच धनिया पाउडर, चौथाई चम्मच गरम मसाला डालें और अच्छी तरह मिलाएं।

फिर ग्राइंड किया हुआ पोहा डालें, अच्छी तरह मिलाएं, फिर सेंका हुआ बेसन डालें और अच्छी तरह चलाते हुए मिला लें। अब आंच बंद कर दें। जब मिश्रण थोड़ा ठंडा हो जाए, तो उसे हाथ से मल कर अच्छी तरह गूंथ लें। इस मिश्रण में से एक-एक चम्मच मात्रा लेकर कोफ्ते की गोलियां तैयार कर लें।
फिर कड़ाही में तलने के लिए तेल गरम करें और कोफ्ते की गोलियों को सुनहरा होने तक तल लें। इन कोफ्तों को अलग रखें और इसकी ग्रेवी यानी रसा तैयार करें।

इसका रसा प्याज-टमाटर, लहसुन, अदरक से तैयार करें। जब भी मूली का कोई व्यंजन बनाना हो तो दही का इस्तेमाल न करें, तो अच्छा। मूली को दही के साथ खाने से गैस बनती है। इसलिए प्याज, टमाटर, अदरक, लहसुन को मोटा-मोटा काटें और एक कड़ाही में धनिया, जीरा, दालचीनी, तेजपत्ता, चार-छह काली मिर्चों का तड़का लगाएं और उसमें टमाटर-प्याज आदि को छौंक कर चौथाई चम्मच नमक डालें और ढंक कर सब्जियों के नरम होने तक पकाएं।

प्याज जब पक कर पारदर्शी हो जाए, तो आंच बंद कर दें। ढक्कन लगा रहने दें। जब यह थोड़ा ठंडा हो जाए, तो ग्राइंडर में डाल कर अच्छी तरह पीस लें।

अब एक कड़ाही में दो चम्मच तेल फिर गरम करें, उसमें हींग, जीरा और अजवाइन का तड़का लगाएं और टमाटर-प्याज अदरक-लहसुन का पेस्ट डाल कर मध्यम आंच पर तेल छोड़ने तक पकाएं। अब इसमें आधा चम्मच धनिया पाउडर, आधा चम्मच गरम मसाला और आधा चम्मच कश्मीरी मिर्च डाल कर मिलाएं और जरूरत भर का नमक और पानी डालें।

आंच को मध्यम ही रखें। उबाल आने लगे, तो इसमें कोफ्ते डालें और करीब पांच मिनट तक पकने दें। कोफ्ते तैयार हैं। आंच बंद करें। इसमें कटा हुआ धनिया, हरी मिर्च और अदरक के लच्छे डाल कर सजाएं और गरमा-गरम परोसें।

मेथी मटर टिक्कड़
यों टिक्कड़ का स्वाद मद्धिम कोयले या कंडे की आंच पर ही सिंक कर आता है, मगर आजकल इसका इंतजाम करना मुश्किल हो गया है। इसलिए गैस के चूल्हे पर भी इसे बनाया जा सकता है। इसे बनाना थोड़ा सावधानी की मांग जरूर करता है, पर एक बार बना लें, तो अभ्यास हो जाता है। यह थोड़ा लीक से हट कर है और इसका स्वाद रोजमर्रा के खाने से अलग होता है।

हालांकि इसमें सारी चीजें वही पड़ती हैं, जो आम परांठे में पड़ती हैं। हमने इसे अलग करने के लिए मेथी और मटर को मिला दिया है। इससे स्वाद थोड़ा अलग हो जाता है। टिक्कड़ बनाने के लिए एक कटोरी मेथी के पत्ते ले रहे हैं, तो एक ही कटोरी मटर के दाने भी लें। इसी मात्रा में दोनों को बढ़ा-घटा सकते हैं। मटर को खरल में कूट कर तोड़ लें या ग्राइंडर में एक झटका देकर तोड़ लें।

अब एक कड़ाही में एक से दो चम्मच तेल गरम करें। उसमें जीरा, हींग, अजवाइन और थोड़ा-सा खड़ा धनिया का तड़का दें। उसमें मेथी के पत्ते और मटर को छौंक दें। तेज आंच पर चलाते हुए तीन से पांच मिनट के लिए पकाएं।

आंच बंद कर दें और फिर इसमें आधा चम्मच धनिया पाउडर, आधा चम्मच गरम मसाला, आधा चम्मच कुटी लाल मिर्च और जरूरत भर का नमक डाल कर मिलाएं। ध्यान रखें कि इस मिश्रण में पानी की मात्रा बिल्कुल न रहे, नहीं तो टिक्कड़ भरने में मुश्किल आएगी।

अब टिक्कड़ का आटा तैयार करें। इसके लिए एक कप गेहूं का सामान्य आटा, आधा कप बेसन और आधा कप सूजी लें। इन सारी चीजों को अच्छी तरह मिला कर छान लें। अब इसमें चुटकी भर खाने का सोडा या एक पाउच ईनो, चौथाई चम्मच नमक, चौथाई चम्मच कुटी लाल मिर्च और इतना ही गरम मसाला डालें और सामान्य रोटी बनाने लायक आटा गूंथ लें। आटे को दस मिनट आराम करने दें। फिर रोटी के बराबर लोइयां लेकर कटोरीनुमा आकार दें और उनमें मेथी मटर का एक-एक चम्मच मिश्रण भर कर अच्छी तरह बंद कर दें।

तवा गरम करें। टिक्कड़ के लिए भरी हुई लोइयों को चौकी पर रख कर हल्के हाथों से दबाते हुए फैलाएं। उतना ही फैलाएं, जिससे टिक्कड़ फटने न पाए। अब दोनों हाथों पर पानी लगाएं और टिक्कड़ को थपकी देते हुए थोड़ा और फैला लें और तवे पर डाल दें। पलटने की जल्दी न करें, क्योंकि पानी लगा होने की वजह से टिक्कड़ तवे पर चिपका हो सकता है और जल्दबाजी में पलटने से फट सकता है।

इसलिए जब नीचे का हिस्सा अच्छी तरह सिंक कर खुद तवे को छोड़ने लगे, तो दूसरी तरफ से पलट कर सेंकें और फिर तवे से उतार कर आंच पर पलट-पलट कर सुनहरा होने तक सेंकें। गरम-गरम करारा टिक्कड़ तैयार है। इसे चाहें तो मूली के कोफ्ते के साथ या फिर आलू-टमाटर की हींग की खुशबू वाली सब्जी के साथ परोसें।

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