scorecardresearch

रंग और स्वाद की होली

होली के पकवान बनाने की तैयारियां एक-दो दिन पहले से शुरू हो जाती हैं। हालांकि आजकल मिठाइयां और नमकीन बाजार से मिल जाते हैं, पर घर के बने पारंपरिक व्यंजन परोसने का आनंद ही अलग होता है। हर इलाके में होली के अपने पकवान हैं, पर कुछ पकवान हर जगह बनते हैं। कुछ ऐसे ही व्यंजन इस बार।

मालपुआ (ऊपर) और मूंग दाल के पकोड़े (नीचे)।

मानस मनोहर

मालपुआ
मालपुआ एक ऐसा पारंपरिक व्यंजन है, जो भारत के हर हिस्से में किसी न किसी तरह बनता ही है। होली के दिन बंगाल, ओड़ीशा, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान आदि में तो यह विशेष रूप से बनता है। इसे बनाना कोई कठिन काम नहीं। बस, एक बार इसकी विधि समझ लें तो बहुत आसानी से बना सकते हैं।

मालपुआ के आमतौर पर दो हिस्से होते हैं- पुआ और इसकी चाशनी या रबड़ी। पहले पुआ बनाने के बारे में बात करते हैं। मालपुआ अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग तरीके से बनता है। कुछ लोग इसे केवल मैदा से बनाते हैं, कुछ लोग मैदे में रवा यानी सूजी डालते हैं, तो कुछ लोग चावल का आटा। मगर इसे केवल घर में रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाले आटे से भी बनाया जा सकता है। बेहतर होगा कि इसे बनाने के लिए आधी मात्रा मैदे की और आधी रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाले आटे की लें। इस आटे का घोल तैयार करना पड़ता है। इसके लिए आधा दूध और आधा पानी की मात्रा रखें। अगर और बेहतर नतीजा चाहते हैं, तो इसमें रबड़ी या मिल्कमेड डाल सकते हैं।

मैदा और आटे को अच्छी तरह मिला लें। उसमें छोटी इलाइची और सौंफ पीस कर डालें। फिर चीनी मिलाएं। मात्रा के हिसाब से अगर एक कप आटा लिया है तो आधा छोटा चम्मच इलाइची और सौंफ का पाउडर और चौथाई कप चीनी पर्याप्त होती है। इसका घोल बनाने के लिए करीब आधा लीटर पानी और दूध के मिश्रण की जरूरत पड़ेगी। अगर मिल्कमेड डाल रहे हैं, तो पानी की मात्रा का ध्यान रखें।

इसी अनुपात में आप जितने पुए बनाने हैं, उतनी सामग्री ले सकते हैं। सारी चीजों को डालने के बाद अच्छी तरह घोल बनाएं ताकि उसमें कोई गांठ न रहने पाए। फिर इसे ढंक कर कम से कम एक घंटे के लिए रख दें। बेहतर होगा कि रात भर के लिए रख दिया जाए।

अब जितने कप आटा लिया था, उतनी ही मात्रा में चीनी लें और उसकी आधी मात्रा में पानी। यानी एक कप चीनी है, तो आधा कप पानी लें। इसे एक पैन में गरम करके घोल लें। जब उबाल आने लगे, तो उसमें इलाइची के दाने कूट कर डालें और कुछ केसर के दाने भी। चीनी का घोल चिपचिपा हो जाए, तो आंच बंद कर दें।

कड़ाही में तलने के लिए भरपूर तेल गरम करें। तेल गरम हो जाए तो आंच मध्यम कर दें। फिर घोल को देखें। वह इतना पतला होना चाहिए कि उसे कलछी से तेल में डालें तो एकसार गिरे। न ज्यादा पतला, न ज्यादा गाढ़ा। एक कलछी की मदद से घोल लेकर तेल में डालते जाएं और दोनों तरफ से सुनहरा रंग आने तक पकाएं।

पुए के पकने की एक पहचान यह भी है कि उसमें फूल कर छेद पड़ने लगते हैं। यानी पुआ ऊपर से कुरकुरा और भीतर से नरम पक चुका है। अब इन पुओं को चीनी की चाशनी में पांच से सात मिनट तक डुबो कर रखें और फिर बाहर निकाल लें। उन पर कुतरे हुए मेवे डालें। यों मालपुआ को परोसते समय उसके ऊपर रबड़ी डाला जाता है। रबड़ी के साथ परोस सकें, तो अच्छा, नहीं तो बिना उसके भी परोस सकते हैं। यह मिठाई की मिठाई और भोजन का भोजन है।

मूंगदाल के पकौड़े
होली के दिन गुझिया वगैरह मिठाइयां खाकर लोगों का मन भर जाता है। ऐसे में कुछ तीखा, कुछ नमकीन, कुछ चटपटा खाने का मन होता है। इसलिए होली के दिन अनेक प्रकार के व्यंजनों के साथ पकौड़े परोसने का भी चलन है। जब पकौड़े परोसने हों तो बेसन के बजाय मूंगदाल के पकौड़े परोसें। ये बहुत कुरकुरे और अलग स्वाद के होते हैं।

मूंगदाल के पकौड़े बनाने के लिए भी चार-पांच घंटे पहले तैयारी करनी पड़ती है। एक कप धुली मूंगदाल को अच्छी तरह धोने के बाद भिगो कर चार से पांच घंटे के लिए रख दें। फिर उसे निथार कर मिक्सर में पीस लें। ध्यान रहे कि इसमें अधिक पानी का उपयोग नहीं करना है, वरना यह पतला घोल बन जाएगा। हमें थोड़ा मोटा घोल ही रखना है। आप मूंगदाल की मात्रा अपनी जरूरत के हिसाब से तय कर सकते हैं। घोल बनने के बाद उसमें एक छोटा चम्मच डाल कर ढंक कर आधे घंटे के लिए रख दें।

तब तक इसमें डालने के लिए दूसरी सामग्री तैयार कर लें। एक कप दाल पीसी है तो उसमें डालने के लिए एक मध्यम आकार का गाजर, आधा शिमला मिर्च, एक प्याज (अगर हरा प्याज मिल जाए तो और अच्छा), दो हरी मिर्च, थोड़ा-सा अदरक, कुछ हरा धनिया लें और इन्हें बारीक-बारीक काट या कद्दूकस कर लें। इन सारी सब्जियों को पिसी हुई दाल में डालें। ऊपर से आधा छोटा चम्मच कुटी लाल मिर्च, आधा चम्मच सब्जी मसाला, चौथाई चम्मच हल्दी, चौथाई चम्मच चाट मसाला और चुटकी भर हींग डालें।

आधा चम्मच अजवाइन को भी हथेलियों पर रगड़ कर डाल दें। अब इन सारी चीजों को हाथ से मिलाएं। कम से कम पांच मिनट तक मिलाते रहें ताकि मूंगदाल में अच्छी तरह हवा भर जाए और वह फूल उठे। अब कड़ाही में तेल गरम करें। आंच को अधिक तेज न रखें। उसमें मिश्रण के छोटे-छोटे हिस्से डालते जाएं और सुनहरा रंग आने तक उलट-पलट कर सेंकें। मूंगदाल की पकौड़ियां तैयार हैं। इन्हें हरी और लाल चटनी के साथ गरमागरम परोसें।

पढें रविवारी (Sundaymagazine News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

अपडेट