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आसान खूब स्वाद भरपूर

कोरोना महामारी के दौरान घर में रहकर नए तरह के व्यंजन बनाएं और मन का स्वाद बदलें। यह कैसे करें, इसे यहां पढ़ें।

कश्मीरी दमआलू और लौकी की बर्फी।

मानस मनोहर
कोरोना महामारी का प्रकोप जारी है। इस दौरान बाजार बंद होने की वजह से कई चीजें आसानी से नहीं मिल पा रही हैं या फिर भय की वजह से लोग घरों से बाहर कम निकल रहे हैं। ऐसे समय में बहुत आसानी से और सहजता से उपलब्ध चीजों से कुछ लज्जतदार बनाए जा सकने वाले व्यंजनों की बात करते हैं।

कश्मीरी दमआलू
दम शब्द दरअसल, उन व्यंजनों में लगाया जाता है, जिनमें धुएं की गंध और स्वाद मिला होता है। सब्जियों में दम लगाना भी एक कला है। मसालेदार सब्जियों में इसकी महक उनका आनंद बढ़ा देती है। कश्मीरी दमआलू भी लगभग वैसा ही होता है, जैसा देश के ज्यादार हिस्सों में बनाया जाता है। पर इसकी तरी बनाने के तरीके में थोड़ा अंतर होता है। दमआलू प्राय: तीखा और मसालेदार बनाया जाता है। इसलिए इसकी तरी बनाने का तरीका अलग-अलग है। कश्मीरी दमआलू बनाने के लिए सबसे पहले छोटे आकार के आलू का छिलका उतार लें और उनमें फोर्क से एक-दो जगह छेद करके नमक मिले पानी में पंद्रह-बीस मिनट तक भिगो कर रख दें। फिर उन्हें पानी से निकाल कर अच्छी तरह सुखा लें। अब कड़ाही में भरपूर तेल गरम करें। उसमें आलू को सावधानीपूर्वक डालें और मध्यम आंच पर भूरे रंग का होने तक तल लें। इन्हें निकाल कर अलग रख लें।

तरकारी के अनुपात के मुताबिक दही लेकर फेंट लें। जैसे दो लोगों के खाने भर की तरी बनानी हो, तो एक कटोरी दही काफी होता है। अब कड़ाही में दो चम्मच खाने का तेल गरम करें। उसमें एक छोटा टुकड़ा दालचीनी, दो तेजपत्ता, एक बड़ी इलाइची, दो हरी इलाइची, पांच-सात साबुत काली मिर्चें, चौथाई चम्मच जीरे का तड़का लगाएं।

जब तड़का तैयार हो जाए तो आधा गिलास पानी डालें। फिर उसमें जरूरत भर का नमक, चौथाई चम्मच हल्दी पाउडर, एक चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, स्वाद के अनुसार गरम मसाला डालें और अच्छी तरह मिलाते हुए पकाएं।

कश्मीरी मिर्च से तरी में बढ़िया रंग आता है, पर वह न हो तो सामान्य लाल मिर्च का पाउडर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अब एक से डेढ़ चम्मच सौंफ पाउडर डालें और उसे भी मिला लें। सौंफ पाउडर न हो तो साबुत सौंफ को मिक्सर में पीस कर बना लें। पानी में उबाल आ जाए तो फेंटा हुआ दही डालें और मध्यम आंच पर अच्छी तरह चलाते हुए उबाल आने तक पकाएं। उबाल आने के बाद उसमें अपनी इच्छा के मुताबिक यानी तरी को जितना पतला रखना चाहते हैं, उसी के अनुसार एक गिलास या आधा गिलास पानी और डालें। फिर तले हुए आलू को डालें और ढक्कन लगा कर मध्यम आंच पर पकने दें। दस मिनट बाद आंच बंद कर सकते हैं।

अब बारी आती है इसमें दम लगाने की। दम लगाने के लिए एक लकड़ी के कोयले की जरूरत पड़ती है। पहले लकड़ी के कोयले को आग पर जला लें। फिर उसे एक कटोरी में रखें और उसके ऊपर चार-छह बूंदें देसी घी की टपकाएं। साथ में एक छोटी इलाइची भी रख दें।
जब कोयले से धुआं उठने लगे, तो उसे उठा कर पके हुए आलू के बीच रख दें और ऊपर से ढक्कन लगा दें। तब तक ढक्कन लगा रहने दें, जब तक कि धुआं उठना शांत न हो जाए। ध्यान रखें कि कटोरी तरी में न डूबे। यह काम आप कड़ाही में भी कर सकते हैं और कड़ाही से बाहर निकाल कर किसी अन्य बर्तन में भी। इस तरह आलू में धुएं की गंध बस जाएगी और उसका मजा अलग आएगा। इस दमआलू को रोटी, परांठे के साथ तो खा ही सकते हैं, चावल के साथ खाना बहुत अच्छा लगता है। इसलिए जब चावल के साथ खाना हो, तो तरी को थोड़ा पतला रख सकते हैं।

लौकी की बर्फी
लौकी की बर्फी बनाना बहुत आसान है। इतना आसान कि जब चाहें, तब बना सकते हैं, सोचने की जरूरत नहीं। इसके लिए नरम और ताजा लौकी लें। लंबी वाली लौकी लेना ठीक रहता है। लौकी का छिलका उतार कर मोटे कद्दूकस पर घिस लें। अगर लौकी में बीज मोटे नजर आ रहे हैं, तो पहले उसको लंबाई में चीर कर गूदा बाहर निकाल दें, फिर घिसें। अब एक कड़ाही में दो-चीन चम्मच घी गरम करें और घिसी हुई लौकी को उसमें डाल दें।

अगर लौकी की जगह सीताफल ले रहे हैं, तो उसे भी ऐसा ही कीजिए। मध्यम आंच पर चलाते हुए पकाएं। थोड़ी देर में लौकी पानी छोड़ना शुरू कर देगी और फिर दस मिनट बाद उसका पानी सूखने लगेगा। इसी समय कुटी हुई छोटी इलाइची और चीनी डालें। चीनी की मात्रा लौकी की मात्रा की एक चौथाई रखें। इन चीजों को मिलाते हुए करीब पांच मिनट और पकाएं। चीनी भी तरल होकर लौकी को पतला कर देगी। जब पक कर यह गाढ़ा होने लगे और लगे कि अब ठंडा होने के बाद यह सख्त हो जाएगी, तो आंच बंद कर दें।

अगर मेवे डालना चाहते हैं, तो काजू, पिस्ता, बादाम को पतला-पतला काटें और एक चम्मच घी में तल लें। अब इस मेवे को लौकी के मिश्रण में डालें और अच्छी तरह मिलाने के बाद सामग्री को निकाल कर एक थाली या ट्रे में नीचे घी चुपड़ कर बराबर मोटाई में बिछा दें। थोड़ी देर ठंडा होने दें। हल्का नरम रहते ही, इसे चाकू की मदद से बर्फी के आकार में काट लें। ठंडा होने के बाद इन बर्फियों को किसी बर्तन में निकाल कर रख लें और दस-पंद्रह दिनों तक खाते रहें। ल्ल

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