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दाना-पानी: तरी में डूबा जायका

रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाली सब्जियों को कुछ नए ढंग से बनाएं, जिससे वे देखने और खाने में बाजार जैसी हों। इस बार कुछ ऐसा ही बनाने का तरीका जानते हैं।

Ravivari: Dana-Paniलौकी कोफ्ता और तरी वाले बैगन।

मानस मनोहर
बच्चों को रोज कुछ नया खाने को चाहिए। मगर कुछ सब्जी देखते ही वे अनिच्छा जताने लगते हैं। जैसे लौकी और बैगन। ऐसे में मुश्किल होती है कि ऐसा क्या बनाएं, जो बच्चों और बड़ों दोनों को पसंद आए और अलग-अलग मेहनत न करनी पड़े। इसका सबसे आसान तरीका तो यही है कि रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाली सब्जियों को कुछ इस ढंग से बनाएं कि वे देखने और खाने में बाजार जैसी हों। इस बार कुछ ऐसा ही बनाते हैं।

लौकी कोफ्ता
लौकी का कोफ्ता बनाने के लिए सबसे पहले एक मध्यम आकार की लंबे नरम लौकी का छिलका उतार कर उसे मोटा कद्दूकस कर लें। उसमें चौथाई चम्मच लाल मिर्च, आधा चम्मच धनिया पाउडर, चौथाई चम्मच सब्जी या गरम मसाला, चुटकी भर हल्दी डालें। फिर दो-तीन चम्मच बेसन डाल कर अच्छी तरह मिला लें। बेसन लौकी के रस से ही मिल जाएगा। इसे थोड़ी देर ढंक कर रख दें। तब तक इसकी तरी के लिए सामग्री तैयार कर लें। यह तरी हम मूंगफली, दही, मलाई और टमाटर से तैयार करेंगे।

इसमें प्याज का इस्तेमाल नहीं करेंगे। जब भी दूध या दही का इस्तेमाल करें, तो प्याज से बचना चाहिए, क्योंकि दोनों विषम खाद्य हैं। सबसे पहले एक मुट्ठी मूंगफली को गरम तवे पर सेंक लें। जब चटकने लगे तो आंच बंद कर दें। रगड़ कर छिलका उतार लें। फिर इसे ग्राइंडर में पीस लें। एक कटोरे में निकालें। इसमें एक कटोरी दही, आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, आधा चम्मच गरम मसाला, आधा चम्मच धनिया पाउडर, चौथाई चम्मच नमक मिलाएं और अच्छी तरह फेंटने के बाद ढंक कर रख दें।

इसके अलावा तीन-चार मध्यम आकार के टमाटर, दो हरी मिर्चें, चार-पांच कलियां लहसुन की और एक-डेढ़ इंच अदरक का टुकड़ा लेकर मिक्सर में पीस लें। इसे भी अलग निकाल लें। इस तरी में डालने के लिए एक कटोरी मलाई की भी जरूरत पड़ेगी। घर के दूध के ऊपर जो मलाई होती है, उसे उतार कर इस्तेमाल कर सकते हैं या बाजार से डिब्बाबंद मलाई ले सकते हैं। घर की मलाई को अच्छी तरह फेंट लें।

अब कड़ाही में तेल गरम करें। लौकी के मिश्रण को एक बार फिर अच्छी तरह मिलाएं। तेल गरम हो जाए तो आंच मध्यम कर दें। हाथों में पानी लगाएं और एक एक चम्मच मिश्रण लेकर गोलाकार पकौड़े बनाते हुए तेल में डालते जाएं। उलट-पलट कर सुनहरा होने तक तलें और सारे कोफ्तों को उस बरतन में रखें, जिसमें उन्हें परोसना है।

अब कड़ाही में तीन-चार चम्मच तेल गरम करें। उसमें साबुत धनिया, जीरा, सौंफ, अजवाइन और चुटकी भर हींग का तड़का लगाएं। तड़का तैयार हो जाए तो पहले टमाटर का पेस्ट डालें। आंच मध्यम रखें। चलाते हुए तेल छोड़ने तक पकाएं। अब इसमें थोड़ा गरम मसाला और धनिया पाउडर डालें और मिला लें। फिर दही-मूंगफली का पेस्ट डालें और इसे भी चलाते हुए तेल छोड़ने तक पकाएं। फिर मलाई डालें और एक कटोरी पानी डाल कर चलाते हुए उबाल आने तक पकाएं। ग्रेवी तैयार है।

ध्यान रखें कि पहले दही वाले मिश्रण में नमक डाला था, इसलिए नमक की मात्रा चख कर देख लें। अगर जरूरत हो, तो और नमक डाल सकते हैं। दूसरी बात, अगर ग्रेवी का रंग लाल रखना चाहते हैं, तो कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर का अधिक इस्तेमाल करें, हल्दी पाउडर का कम। अगर पीला रखना चाहते हैं, तो हल्दी की मात्रा बढ़ा दें। अब जिस कटोरे में कोफ्ते रखे थे, उसमें इस ग्रेवी को डालें। ऊपर से धनिया पत्ता और लंबी चीरी हुई हरी मिर्च और अदरक के लच्छे डाल कर सजाएं।

तरी वाले बैगन
बैगन पूरी दुनिया में तरह-तरह से बनाया और खाया जाता है। कई रंग-रूप के बैगन बाजार में मिलते हैं। तरी वाला बैगन बनाने के लिए आमतौर पर छोटे बैगन का उपयोग किया जाता है। मगर छोटे बैगन न हों, तो भी कोई बात नहीं। बड़े या लंबे बैगन को भी आकर्षक ढंग से तरी वाला बनाया जा सकता है। पहले तरी के बारे में।

जिस तरह लौकी के कोफ्ते के लिए तरी बनाई थी, उसी तरह बैगन के लिए भी बनाई जा सकती है। बैगन के लिए तरी को थोड़ा तीखा रखें, तो अच्छा लगेगा। इसके अलावा इसके तड़के में तेज पत्ता, दालचीनी और लौंग का भी इस्तेमाल करें। अगर मूंगफली का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, तो उसकी जगह काजू, खसखस और भिगोए हुए बादाम का उपयोग कर सकते हैं।

अब बैगन को आकर्षक बनाने के लिए कुछ कलाकारी करनी पड़ेगी। इसके लिए अगर बड़े बैगन ले रहे हैं, तो मध्यम आकार के बैगन लें। उन्हें डंठल की तरफ से दो हिस्सों में काट लें। छोटे ले रहे हैं, तो उन्हें डंठल से जुड़ा रखते हुए दो चीरा लगाते हुए चार हिस्सों में काट सकते हैं।

आमतौर पर लोग बैगन को सीधे तेल में तल लेते हैं। मगर इसे मैरिनेट करके तलें, तो इनका स्वाद बढ़ जाता है। इन्हें मैरिनेट करने के लिए एक कटोरी गाढ़े दही में आधा-आधा चम्मच धनिया पाउडर और गरम मसाला डालें। चौथाई चम्मच नमक और इतनी ही मात्रा में हल्दी पाउडर और लाल मिर्च पाउडर डालें। एक से डेढ़ चम्मच बेसन डाल कर अच्छी तरह फेंटें और इस मिश्रण में कटे हुए बैगन को लपेट कर पंद्रह से बीस मिनट तक रख दें।

कड़ाही में भरपूर तेल गरम करें और मध्यम आंच पर मैरिनेटेड बैगन को तल लें। तले बैगनों को परोसने वाले बरतन में रखें और ऊपर से गरमा-गरम तरी डाल कर परोसें। अगर बैगन अधिक मोटे हैं, तो उनमें चाहें तो चाकू से गोल छेद बना कर तरी डाल सकते हैं। फिर हरा धनिया, अदरक और हरी मिर्च से सजा कर परोसें। बच्चे इसे खाने से मना नहीं करेंगे।

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