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भीगे हुए मौसम का मजा

बरसात में खाने-पीने का मिजाज थोड़ा अलग हो जाता है। दरअसल, यह मौसम गर्मी और सर्दी की संधि का मौसम है, इसलिए जब बारिश हो रही हो तो गरम-गरम पकौड़े, कुछ कुरकुरी, सोंधी चीजें खाने का मन होता है, तो कभी हल्का-फुल्का, सुपाच्य। मगर इस मौसम में ज्यादा मसालेदार और तीखी चीजें खाने से परहेज ही बेहतर है। कुछ ऐसे ही व्यंजन।

Dana-Pani
दाल फरे (बाएं) और मशरूम पकौड़े (दाएं)।

दाल फरे
यह बिल्कुल देसी पारंपरिक व्यंजन है, जो किसी न किसी रूप में देश के हर हिस्से में बनाया और खाया जाता है। हर इलाके में इसके अलग-अलग नाम हैं और बनाने के अलग-अलग तरीके भी।

मगर सामग्री के रूप में इसमें सब जगह एक ही तरह की चीजें इस्तेमाल होती हैं। इसकी सामग्री में मुख्य रूप से दो चीजें इस्तेमाल होती हैं- चावल का आटा और चने की दाल। चावल का आटा हर जगह मिल जाता है। चने की दाल तो हर घर में होती ही है।

इसे बनाना बहुत आसान है। एक प्रकार से इडली का ही भरवां रूप इसे कह सकते हैं। चाहें, तो इसे ढोकले का रूप भी दे सकते हैं। फरे बनाने के लिए सबसे पहले चने की दाल को रात भर भिगो कर रखें। बीस फरे बनाने के लिए डेढ़ कटोरी दाल पर्याप्त होगी। दाल भीग कर अच्छी तरह नरम हो जाए, तो उसका पानी निथार लें।

अब सात-आठ कलियां लहसुन की और दो से तीन हरी मिर्चें लें, कुछ कढ़ी पत्ते भी ले सकते हैं। इसके अलावा एक चम्मच सौंफ और एक चम्मच जीरा भी ले लें। दाल के साथ इन सारी चीजों को ग्राइंडर में डाल कर दरदरा पीस लें। फिर दाल को एक कटोरे में निकाल कर रख लें। इसमें जरूरत भर का नमक, बारीक कटा हरा धनिया और थोड़ा-सा अदरक भी डालें।

अगर चाहें तो एक छोटा प्याज बारीक काट कर डाल सकते हैं। अब एक चम्मच धनिया पाउडर, आधा चम्मच गरम मसाला और एक छोटा चम्मच चाट मसाला या अमचूर पाउडर डालें और सारी सामग्री को अच्छी तरह मिलाने के बाद ढंक कर रख लें।

बीस फरे बनाने के लिए चार सामान्य कटोरी या कप के बराबर आटा पर्याप्त होता है। इसे गूंथने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए लचीला आटा गूंथ लें। इस आटे में से रोटी के बराबर की लोइयां लें और हथेलियों पर हल्का तेल लगा कर इन लोइयों को फैलाते हुए चौड़ा कर लें।

इसमें एक से डेढ़ चम्मच दाल का मिश्रण डालें और अच्छी तरह बंद कर दें। इसके लिए गुझिया के सांचे का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर चाहें तो मोमो का आकार देते हुए बंद कर सकते हैं। कुछ लोग इसका ऊपर का सिरा खुला भी रखते हैं। बंद करने से सुविधा यह रहती है कि जब इसे भाप में पकाएंगे, तो मिश्रण के बाहर फैलने की आशंका नहीं रहती।

अब इडली मेकर में पानी डाल कर गरम करें और फरों को इडली ट्रे में रखें। जब भाप उठने लगे तो फरों वाले ट्रे को अंदर डाल कर ऊपर से ढक्कन लगा दें। मध्यम आंच पर पंद्रह से बीस मिनट तक पकने दें। फरे तैयार हैं। चाहें तो इन्हें चटनी के साथ खाएं, चाहें, तो राई, कढ़ी पत्ते का तड़का देकर खाएं।

तड़का देने का तरीका एक तो यह है कि ऊपर से सारे फरों के ऊपर डाल दें। दूसरा तरीका है कि पैन में तड़का तैयार करें और फिर उसमें चार-पांच चम्मच पानी और एक चम्मच चीनी डाल कर घोल लें और फिर इसी में फरों को डाल कर चारों तरफ से घुमा लें। इन फरों को नारियल की चटनी के साथ भी परोसा जा सकता है। नहीं तो, टमाटर की बाजार वाली मीठी चटनी तो है ही।

मशरूम पकौड़े
बरसात में पकौड़े खाने का अलग ही मजा होता है। पकौड़ों के अनेक प्रकार हैं और उन्हें बनाने की अनेक विधियां। मगर मशरूम के पकौड़ों का मजा ही अलग होता है। मशरूम के फायदे तो आप सबको पता ही हैं। यह शरीर में आक्सीजन की मात्रा को दुरुस्त रखता और कैंसर जैसी घातक बीमारियों को पनपने से रोकता है। इसलिए मशरूम को अलग-अलग रूपों में खाते रहना चाहिए।

पकौड़े बनाने के लिए सबसे पहले मशरूम को नमक मिले गुनगुने पानी में एक बार अच्छी तरह रगड़ कर धो लें। फिर दुबारा ठंडे पानी से धोएं और तौलियां पर रख कर पानी सुखा लें। इस बीच इसकी भरावन तैयार करें। भरावन के लिए दो मध्यम आकार के उबले हुए आलू और सौ ग्राम पनीर कद्दूकस कर लें।

इसमें हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया बारीक काट कर डालें। जरूरत भर का नमक, आधा चम्मच गरम मसाला और आधा चम्मच चाट मसाला डाल कर अच्छी तरह मिला लें। भरावन तैयार है। इसके बाद बेसन का गाढ़ा घोल तैयार करें, जैसे ब्रेड पकौड़े या दूसरे पकौड़ों के लिए तैयार करते हैं वैसे ही। बेसन में नमक, अजवाइन, हींग और हल्दी पाउडर डाल कर थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए एक ही दिशा में तब तक फेंटते रहें,जब तक बेसन का पीला रंग बदल कर कुछ सफेदी न लेने लगे।

अब मशरूम की डंडियों को अलग करें और चाकू या पीलर की मदद से सावधानी पूर्वक उनके भीतर का गूदा निकाल कर खोखला कर लें। इन्हीं खोखले हिस्सों में तैयार की हुई भरावन दबा कर भरें और दो मशरूम को भरावन वाले हिस्से की तरफ से चिपका कर एक टूथपिक की मदद से गूंथ लें।

इसी तरह सारे पकौड़े भर कर तैयार कर लें। फिर कड़ाही में तलने के लिए तेल गरम करें। तेल गरम हो जाए, तो आंच मध्यम कर दें। फिर बेसन के घोल में डाल कर अच्छी तरह परत चढ़ाएं और मशरूम को तलने के लिए डाल दें। सुनहरा रंग आने तक तलें। मशरूम के लाजवाब पकौड़े तैयार हैं। इन्हें लाल या हरी चटनी के साथ गरमा-गरम परोसें और भीगे हुए मौसम का मजा लें।

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