मौसम आया बिस्कुटवाला

सर्दी का मौसम शुरू हो गया है। इसे लोग खूब खाने-पीने का मौसम भी कहते हैं। आयुर्वेद कहता है कि इस मौसम में तप्त यानी गरम तासीर का भोजन करना चाहिए। शहरी जीवन में बहुत सारे लोग गंवई भोजन छोड़ चुके हैं। मगर उन्हें नए अंदाज में बनाएं और खाएं, तो देसी स्वाद तो मिलेगा ही, सेहत को लाभ भी।

मानस मनोहर

बाजरे के बिस्कुट
इस मौसम में नया बाजरा आता है। बाजरे की तासीर गरम होती है। जबसे खानपान में विविधता लाने पर जोर बढ़ा है, आजकल लोग बाजरे की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। बहुत सारे लोग बाजरे की रोटी पसंद करते हैं। कुछ खिचड़ी बनाते हैं, तो कुछ इसके आटे से लड्डू बना कर रख लेते हैं।

इसी तरह बाजरे के बिस्कुट बहुत स्वादिष्ट बनते हैं। इसे रोज चाय के साथ खा सकते हैं। इस तरह नियमित भोजन में यह शामिल हो जाएगा। वैसे बाजरे के बिस्कुट बनाना बहुत आसान है। जो लोग घर में आटे या मैदे से बिस्कुट बनाते हैं, वे इसकी विधि से कुछ परिचित होंगे। पर जो लोग बाजार के बिस्कुट पर निर्भर रहते हैं, उन्हें घर में बाजरे का बिस्कुट बना कर जरूर खाना चाहिए।

कुछ लोगों को लगता है कि बिस्कुट जैसे बेकरी के सामान घर में बनाना संभव नहीं, इसके लिए अवन की जरूरत पड़ेगी, उन्हें भी इसे लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं। कुकर में भी बहुत अच्छे तरीके से बिस्कुट बनाए जा सकते हैं।
बाजरे का बिस्कुट बनाने के लिए ताजा पिसा बाजरे का आटा लेना चाहिए। बाजरे का आटा अगर हफ्ते भर तक रख दें, तो उसमें कड़वाहट आ जाती है।

इसलिए हमेशा ताजा आटे का इस्तेमाल करना चाहिए। आधा किलो बाजरे का आटा लें। उसमें करीब डेढ़ सौ ग्राम घी डालें और अच्छी तरह रगड़ कर मिला लें दो सौ ग्राम चीनी को एक गिलास पानी में उबाल कर पिघला लें। जब चीनी का घोल गुनगुना रह जाए, तो उसे थोड़ा-थोड़ा करके आटे में डालें और कड़ा आटा गूंथें। अगर बिस्कुट को अधिक मुलायम बनाना चाहते हैं, तो पानी की जगह दूध का उपयोग कर सकते हैं।

दूध में ही चीनी का घोल तैयार करें और उससे आटा गूंथ लें। अगर बिस्कुट में मेवे डालना चाहते हैं, तो आटा गूंथने से पहले उन्हें कूट कर डालें। इसके साथ ही चौथाई चम्मच नमक डाल लें, तो स्वाद अच्छा आता है। अगर बिस्कुट कुकर में बना रहे हैं, तो नमक न डालें, क्योंकि कुकर में नमक से ही बिस्कुट पकाया जाता है।

गूंथने के थोड़ी देर बाद ही, जैसे ही ठंडा होना शुरू होगा, बाजरे के आटे को बेलना मुश्किल हो जाता है। इसलिए चकले, फट्टे या रसोई की सतह पर आटे को करीब एक इंच की मोटाई में हल्के हाथों से बेलें या हाथ से दबा कर फैला लें।

फिर किसी छोटी डिब्बी के ढक्कन या कुकी कटर से बिस्कुट के आकार में काट लें। ये दोनों चीजें न हों, तो चाकू की मदद से भी चौकोर काट सकते हैं। बिस्कुट को सफेद तिल में दबा कर चिपका लें।

अब अवन में बनाना है, तो अवन को एक सौ अस्सी डिग्री पर गरम करें और सारे बिस्कुटों को एक ट्रे में रख कर पंद्रह से बीस मिनट तक पकने दें। बिस्कुट का रंग सुनहरा हो जाए, तो बाहर निकाल लें। अगर कुकर में बनाना चाहते हैं, तो चौड़े पेंदे के कुकर में करीब दो इंच मोटी परत बना कर नमक बिछाएं और उसे गरम होने रख दें। उसके ऊपर कोई स्टैंड या जालीदार बर्तन पलट कर रखें और उसके ऊपर गोल प्लेट में बिस्कुट रख कर कुकर का ढक्कन लगा दें।

सीटी निकाल दें। आंच मध्यम रखें और बीस मिनट तक पकने दें। फिर ढक्कन खोल कर देखें, बिस्कुटों का रंग बादामी हो गया है, तो उन्हें कुकर से बाहर निकाल लें। इसी तरह सारे बिस्कुटों को सेंक लें। घर के बने मजेदार बिस्कुट खाएं और तंदरुस्ती बनाए रखें।

परवल का चोखा
परवल की सब्जी, भुजिया, भरवां सब्जी, मिठाई आदि तो लगभग सभी खाते होंगे, मगर इसका चोखा कम ही लोग खाते हैं। इसका चोखा होता बहुत मजेदार है। इसे चटनी की तरह भी खा सकते हैं और सब्जी की तरह भी। अगर बाटी बना रहे हैं, तो परवल का चोखा उसके साथ बहुत मजेदार जोड़ बनाता है। इसे बनाना भी बहुत आसान है।

इसे बनाने के लिए कुछ सामग्री अनिवार्य रूप से चाहिए होती है। इसमें डालने के लिए दस-बारह कलियां लहसुन की, एक मध्यम आकार का प्याज, दो टमाटर, दो से तीन इंच बड़ा अदरक, खूब सारा हरा धनिया, पांच-छह हरी मिर्चें (इन्हें स्वाद के अनुसार कम या ज्यादा कर सकते हैं), आधा चम्मच कलौंजी और आधा चम्मच अजवाइन।

चोखा बनाने के लिए सबसे पहले ढाई सौ ग्राम या आठ-दस परवल लें। परवलों को अच्छी तरह धोकर पोछें और दोनों सिरे से काट लें। गैस के बड़े बर्नर पर एक जाली रख कर उस पर परवलों को रख कर पका लें। इसी तरह टमाटरों को भी पका लें। जब ये पक जाएं तो एक कटोरे में ढंक कर रख दें।

थोड़ी देर बाद टमाटर के छिलके उतार कर साफ कर लें। फोर्क से दबा कर टमाटर और परवलों को कुचल लें। प्याज, लहसुन, हरी मिर्च, धनिया और अदरक को बारीक-बारीक काट कर कुचले हुए टमाटर और परवल के साथ मिला लें। इसमें जरूरत भर का नमक और अजवाइन, कलौंजी को हथेली पर रगड़ कर डालें।

इसी में दो चम्मच कच्चा सरसों का तेल डालें और अच्छी तरह सारी चीजों को मसल कर एक सार कर लें। परवल को कुचलने में दिक्कत आ सकती है, इसलिए चाहें तो मथानी की मदद ले सकते हैं। चाहें तो मिक्सर में डाल कर भी एक-दो झटका देकर पीस सकते हैं। पर ध्यान रहे कि मिश्रण दरदरा रहना चाहिए, ताकि सारी चीजों का अलग-अलग स्वाद बना रहे। परवल का चोखा सर्दियों में अवश्य खाएं, इसकी तासीर भी गरम होती है और स्वाद मजेदार।

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