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दाना-पानी: वास्ता देसी नाश्ता देसी

घर पर झटपट बनने वाले देसी व्यंजनों का स्वाद लेते रहिए। इससे पोषण तो मिलेगा ही, स्वाद भी बदलता रहेगा। इस बार कुछ आसानी से बनने वाले मजेदार चटपटे नाश्ते।

dana-paniमटर की घुघरी और कचालू।

मानस मनोहर

कई लोग तो देसी व्यंजन खाना पिछड़ेपन की निशानी मानते हैं। जैसे ही नाश्ते की बात चलती है, तुरंत बाजार के बने नाश्ते की तरफ ध्यान चला जाता है। वह सब भी खाइए, पर घर पर झटपट बनने वाले देसी व्यंजनों का भी स्वाद लेते रहिए। इससे पोषण तो मिलेगा ही, स्वाद भी बदलता रहेगा। इस बार कुछ आसानी से बनने वाले मजेदार चटपटे नाश्ते।

मटर घुघनी
आजकल हरी मटर बहुतायत में उपलब्ध है। उसकी भी घुघनी बनती है, पर आज जो घुघनी हम बनाने जा रहे हैं, उसके लिए सूखी सफेद वाली मटर की जरूरत पड़ती है। सड़क के किनारे कुलचे बेचने वाले छोले की जगह इसी मटर का इस्तेमाल करते हैं। मटर में गुण बहुत हैं। अन्य दालों की अपेक्षा इसमें रेशे खूब होते हैं, पचने में आसान होती है और स्वाद सबसे अलग। मटर में हल्की मिठास होती है, इसलिए इसमें मसालों और मिर्च का अधिक इस्तेमाल किया जाता है।

घुघनी बनाने के लिए अपनी जरूरत के हिसाब से सफेद साबुत मटर लेकर पांच-छह घंटे के लिए भिगो दें। फिर इसे अच्छी तरह धोकर छान लें। एक कुकर में तीन-चार खाने के चम्मच बराबर तेल गरम करें। उसमें जीरा, राई और हींग का तड़का लगाएं। फिर पहले कटी हुई हरी मिर्च डालें और फिर कुटी हुई अदरक और लहसुन डाल कर चलाते हुए एक मिनट के लिए पकाएं।

उसी में मटर डाल दें। एक से डेढ़ चम्मच गरम मसाला, चौथाई चम्मच हल्दी पाउडर, एक से डेढ़ चम्मच धनिया पाउडर, एक चम्मच अमचूर पाउडर डालें और सारी चीजों को चलाते हुए एक मिनट के लिए भूनें। फिर एक से डेढ़ गिलास पानी डालें और जरूरत भर का नमक डाल कर कुकर का ढक्कन लगा दें। मध्यम आंच पर दो सीटी आने तक उबालें। ध्यान रखें कि मटर को अधिक न उबालें, नहीं तो वह गल कर हलवा जैसा हो जाएगा। उसको इतना ही उबालना है कि वह अच्छी तरह नरम भी हो जाए और साबुत भी दिखती रहे। उसी हिसाब से कुकर की सीटी गिनें।

अब इसमें डालने के लिए कुछ और चीजें तैयार कर लें। दो-तीन मध्यम आकार के प्याज छोटे-छोटे काट लें। बेसन की भुजिया या मोटे सेव वाला नमकीन ले लें। कुछ हरी मिर्च और अदरक, हरा धनिया भी अलग-अलग काट लें।

कुकर की भाप शांत हो जाए तो ढक्कन खोलें। उसमें आधा चम्मच गरम मसाला डालें और चम्मच से अच्छी तरह फेंट दें। अगर पानी सूख गया हो, तो थोड़ा पानी और डाल कर गरम कर लें। यह घुघनी हल्की रसेदार ही परोसी जाती है। इसे प्लेट या कागज के दोनों में निकालें। ऊपर से प्याज, हरा धनिया, हरी मिर्च, अदरक और भरपूर भुजिया या सेव डालें। थोड़ा चाट मसाला छिड़कें, ऊपर से आधा नीबू का रस निचोड़ें और गरमागरम खाएं। सर्दी के मौसम में इससे बढ़िया चटपटा नाश्ता भला क्या हो सकता है। इस नाश्ते को अकेले खा सकते हैं, चाहें तो ब्रेड, कुल्चे या पाव के साथ भी खा सकते हैं।

तीखा कचालू

सड़कों के किनारे आलू से बने तरह-तरह के चाट आपने खाए होंगे। पर इस सर्दी में घर पर तीखा कचालू बना कर खाएं, सारे चाट भूल जाएंगे। कचालू भी आलू की प्रजाति का ही एक कंद है। कई लोग अरबी या बंडे को कचालू समझ लेते हैं, मगर कचालू उससे भिन्न होता है। यह गोल आकार का होता है। खाने में आलू और अरबी से थोड़ा भिन्न स्वाद वाला। इसमें मिठास नहीं होती। आमतौर पर दुकान वाले कचालू रखते नहीं, इसलिए कई लोगों को इसकी पहचान में मुश्किल आती है। मगर सब्जी मंडियों में यह आसानी से मिल जाता है।

तीखा कचालू बनाने के लिए अपनी जरूरत भर के कचालू उबाल कर नरम कर लें, जैसे आलू उबालते हैं। अगर कचालू बाजार में न मिल पाएं, तो भी चिंता की बात नहीं। इसकी जगह आलू का उपयोग कर सकते हैं। अपनी जरूरत भर के आलू उबाल लें। ध्यान रखें कि कचालू या आलू को हमें टुकड़ों में काट कर एक बार तेल में पकाना है, इसलिए थोड़ा कड़ा ही रखें। परांठे या पकौड़े बनाने के लिए जैसे आलू उबालते हैं, उससे थोड़ा सख्त ही रखें।
अब इसमें डालने के लिए कुछ चीजें तैयार करनी होंगी। इसमें मुख्य सामग्री होती है धनिया की चटनी। धनिया पत्ते और चूंकि इस चाट को हमें तीखा बनाना है, इसलिए खूब सारी हरी मिर्च लें और मिक्सर में दोनों चीजों को पीस कर चटनी बना लें। चटनी में जरूरत भर का नमक और एक नीबू का रस निचोड़ कर अच्छे से मिला लें।

अब कचालू या आलू का छिलका उतारें और मनचाहे टुकड़ों में काट लें। एक पैन या तवा गरम करें, उस पर एक-डेढ़ चम्मच तेल डालें और इन कटे हुए टुकड़ों को डाल कर हल्का सेंक लें। अगर आपको कुरकुरा पसंद है, तो थोड़ा ज्यादा देर तक सेंक सकते हैं। सिंकने के बाद इन्हें एक बड़े कटोरे में निकालें। उसमें ऊपर से काला नमक, एक चम्मच कुटी लाल मिर्च, एक से डेढ़ चम्मच गरम मसाला, एक चम्मच धनिया पाउडर, एक चम्मच चाट मसाला, एक नीबू का रस डालें और सारी चीजों को अच्छी तरह मिला लें।

फिर धनिया की चटनी डालें और अच्छी तरह मिला लें। तीखा कचालू तैयार है। कटोरियों में निकालें, ऊपर से बेसन भुजिया, कटा प्याज और थोड़ी इमली की चटनी या दही डाल कर परोसें। सर्दी में इसे खाकर आनंद आ जाएगा। हमारे बचपन में मेलों में कचालू खाने के लिए दुकानों पर भीड़ टूट पड़ती थी। आलू चाट तो आपने बहुत खाए होंगे, पर यह वाला चाट शायद कभी न खाया हो।

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