ताज़ा खबर
 

जब इंटरनेट पर करें खरीदारी

इन दिनों संचार तकनीक के विकास और लगातार विस्तार ने हमारी हर जरूरत की चीज इंटरनेट पर उपलब्ध करा दी है। आनलाइन शापिंग की बेशुमार सुविधाएं उपलब्ध हैं।

Author September 16, 2018 7:02 AM
जब भी कोई मेकअप उत्पाद खरीदें, तो उसे इस्तेमाल करने, संभालने से लेकर वह आप पर कितना जंचेगा, आपकी त्वचा को रास आएगा या नहीं, उसमें कौन से तत्त्व और विटामिन हैं, इन सभी बातों पर गौर जरूर करें।

इन दिनों संचार तकनीक के विकास और लगातार विस्तार ने हमारी हर जरूरत की चीज इंटरनेट पर उपलब्ध करा दी है। आनलाइन शापिंग की बेशुमार सुविधाएं उपलब्ध हैं। अनेक कंपनियां इस क्षेत्र में उतर आई हैं। वे तरह-तरह की छूट और खरीदारी संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराती रहती हैं। इसलिए खासकर युवा पीढ़ी अपनी हर जरूरत का सामान इंटरनेट के जरिए खरीदने-मंगाने लगी है। यह सुविधा निस्संदेह अच्छी है, पर वहां धोखाधड़ी भी बहुत है। नकली सामान की भरमार है। ऐसे में अगर इंटरनेट के जरिए अपने सौंदर्य प्रसाधन की चीजें खरीदते हैं, तो वे हमारे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। इंटरनेट पर खरीदारी करते समय क्या सावधानियां बरतें, बता रही हैं अनीता सहरावत।

इंटरनेट पर बाजार यानी ई-मार्केट जितनी तेजी से पैर पसार रहा है उससे यह साफ है कि बेशक भविष्य में खरीदारी का रास्ता नलाइन शापिंग से ही होकर गुजरेगा। सामान की अनगिनत वेरायटी, पसंद-नापसंद के आधार पर खरीदने-लौटाने की सहूलियत पर टिके इस बाजार की झोली में बच्चों, बड़ों, बुजुर्गों की जरूरत का हर सामान मौजूद है। सब्जी के ठेले से लेकर, कपड़े-लत्ते, दवाई, फर्नीचर, सौंदर्य प्रसाधन, हर सामान का ठिकाना अब नलाइन बाजार हो गया है। बाजार सबसे ज्यादा सुंदरता को ही बेचता है क्योंकि हर शख्स आकर्षक दिखना चाहता है, चाहे वह महिला हो या पुरुष। किसी के व्यक्तित्व की सबसे पहली झलक उसकी बाहरी सज्जा ही होती है। आजकल विज्ञापनों में भी यही दो चीजें ज्यादा दिखती हैं- एक तो सजने-संवरने का साजो-सामान और दूसरी ओर नलाइन बाजार कंपनियां। यह खरीदारी बेशक आकर्षक और आरामदायक है, लेकिन फिर भी नलाइन सौंदर्य-प्रसाधन खरीदते समय कुछ सावधानियां जरूर बरतें।

पहले अपना शेड जानें

जब भी कोई मेकअप उत्पाद खरीदें, तो उसे इस्तेमाल करने, संभालने से लेकर वह आप पर कितना जंचेगा, आपकी त्वचा को रास आएगा या नहीं, उसमें कौन से तत्त्व और विटामिन हैं, इन सभी बातों पर गौर जरूर करें। जरूरी नहीं कि लिपस्टिक या फाउंडेशन का जो शेड फोटो में मॉडल पर फब रहा है, वह आप पर भी उतना ही खिले। त्वचा से मेल खाता ही फाउंडेशन, फेस पाउडर और टोनर चुनें, त्वचा से गहरा या हल्के रंग की शेड आपके चेहरे पर अलग-सा नजर आएगा और इससे आपकी खूबसूरती और रंगत खराब हो सकती है। यह आपके पूरे मेकअप का आधार होता है, इसलिए नलाइन र्डर करने से पहले आपको अपने रंग की जानकारी होना बेहद जरूरी है। क्योंकि ई-बाजार मे टेस्टर की सुविधा उपलब्ध नहीं होती। हमेशा अपने त्वचा के हिसाब से ही कॉस्मेटिक्स का चुनाव करें, नहीं तो त्वचा की एलर्जी संबंधी परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं।

उत्पाद में मौजूद तत्त्वों पर ध्यान दें

ऑनलाइन खरीदारी की भी अपनी सीमाएं हैं। यहां आप उत्पाद को पहले चेक नहीं कर सकते। ऐसे में बेहद जरूरी है कि आपको उसमें इस्तेमाल सामग्री की पूरी जानकारी हो। मसलन, अगर आप टोनर चुन रही हैं तो ध्यान रखें कि इसमें अल्कोहल न हो। ज्यादा मात्रा में अल्कोहल वाले पदार्थ खारिश के साथ जलन भी दे सकते हैं। इसलिए बेहतर यह होगा कि पहले त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें कि किस तरह के सौंदर्य प्रसाधन आप इस्तेमाल कर सकती हैं और उन्हें खरीदते हुए किन चीजों का ध्यान रखें। ज्यादा खुशबूदार उत्पाद न खरीदें, इनमें रसायनों की मात्रा ज्यादा होती है। जैविक सौंदर्य-प्रसाधनों की मांग आजकल जोरों पर है, तो इनके नाम पर कंपनियां लोगों को खूब बेवकूफ बना रही हैं। हमें लगता है कि जिस उत्पाद पर र्गेनिक लिखा है, वह पूरी तरह साफ-सुथरा और सुरक्षित सामान है, लेकिन ऐसा नहीं हैं। र्गेनिक उत्पादों मे रसायनों का इस्तेमाल हो रहा है। इसलिए हर्बल और र्गेनिक उत्पाद चुनते हुए उसमें इस्तेमाल सारी चीजों पर ध्यान दें। यह तो हुई आपकी त्वचा जागरूकता की बात। असल परेशानी इसके बाद शुरू होती है। ई-शापिंग में एहतियात संबंधी ज्यादा विकल्प नहीं होते। अगर आप कोई ड्रेस खरीदते हैं तो साईज फिट न होने पर उसे बदलवाया जा सकता है। लेकिन कॉस्मेटिक्स के मामले में ऐसा नहीं है। इसलिए थोड़ा ओर संभलें।

असली-नकली की पहचान

ऑनलाइन खरीदारी की सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि ब्यूटी प्रोडक्ट क्लिक करते ही अनगिनत ब्रांड और उत्पाद सामने आ जाते हैं, इतने सामान की भीड़ में असली और नकली प्रोडक्ट को पहचानना नामुमकिन है। नलाइन स्टोर चाहे ईबे, एमेजॉन, फिल्पकार्ट या अन्य कोई भी हो, उत्पाद के नकली या डुप्लीकेट होने का खतरा हर जगह है। केवल बढ़िया डिस्काउंट और फर्स के झांसे में न आएं। नलाइन ही खरीदना हो तो अपने भरोसेमंद ब्यूटी प्रोडक्ट की फिशियल साइट से खरीदें। नकल का खतरा तो हर जगह है, लेकिन ब्रांड से खरीदारी करने के मामले मे आप सीधे कंपनी से शिकायत कर सकते हैं और कंपनी अपने उत्पाद को लेकर बिचौलिया कंपनियों से ज्यादा जिम्मेदार होती है।

पैकेजिंग पर भी ध्यान दें

नकली सामान की पैकेजिंग पर भी खास ध्यान दें। डुप्लीकेट उत्पाद बनाने वाली कंपनियां कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए ब्रांड के नाम के हिज्जे यानी स्पेलिंग में हल्का-सा फेरबदल कर देती हैं। कई बार पैकेजिंग का रंग हल्का या गहरा मिलेगा। यह फर्क इतना मामूली होता है कि हमारा ध्यान इस पर जा ही नहीं पाता। यहां एक बात का ध्यान रखें कि असली ब्रांड ऐसी मामूली गलतियां कभी नहीं करता, क्योंकि उसका नाम ही उसकी पहचान है।

लालच न करें

हांलाकि यह मुश्किल है। नलाइन खरीदारी करते समय हम उत्पाद से ज्यादा फर्स और डिस्काउंट को दूसरी साईटों से तुलना करते हैं। हर सामान के इस्तेमाल की अधिकतम समय सीमा होती है। जब कंपनियों के पास सामान का स्टॉक लंबे समय से पड़ा रहता है और एक्सपायरी तारीख नजदीक आने लगती है, तो अपनी लागत कमाने के लिए कंपनियां न्यूनतम मूल्य और डिस्काउंट फर्स और स्कीम निकाल कर स्टॉक क्लियर करती है। ब्यूटी प्रोडक्ट दो-तीन महीने में खपत हो जाने वाला सामान नहीं होता। खरीदने के बाद हम फंस जाते हैं और उन्हें एक्सपायरी के बाद तक भी इस्तेमाल करते रहते हैं। यह हमारी त्वचा और स्वास्थ के लिहाज से ज्यादा घातक है। इसलिए जेब को नहीं, स्वास्थ को पहले संभालें।

दुकानदार के पास ही जाएं

माना कि आप बहुत व्यस्त हैं, फिर भी अपनी देख-रेख और स्वास्थ्य के लिए समय जरूर निकालें। यह सच है कि महिलाओं के पास सजने-संवरने के ज्यादा विकल्प हैं, लेकिन पुरुषों के लिए भी बहुतेरे क्रीम, लोशन और सजने-संवरने के साजो सामान उपल्बध हैं। कोशिश करें कि ब्यूटी प्रोडक्ट अपने विश्वसनीय रिटेलर स्टोर से ही खरीदें। इसके अलावा बड़े शापिंग मॉल से भी आप खरीदारी कर सकते है। मॉल से खरीदारी करना इसलिए फायदे का सौदा है कि वहां कंपनियां अपने फिशियल आउटलेट ही खोलती हैं, इससे वहां नकली और डुप्लीकेट सामान बिकने का सवाल ही नहीं उठता। दूसरा, उत्पाद में कमी होने की सूरत में आप आउटलेट को सामान भी आसानी से लौटा सकते हैं। केवल थोड़ा समय और खर्चा बचाने के लिए सिर्फ क्लिक पर सामान न ढंूढ़ें और न खरीदें।

अगर इतने जोखिम उठा कर भी आप ई-खरीदारी को ही जरिया बनाना चाहते हैं, तो एक सावधानी और बरती जा सकती है कि प्रोडक्ट के अनुभव को लेकर काफी लोग अपने विचार और अनुभव शापिंग साइट्स पर लिखते हैं। उन अनुभवों पर भी जरूर निगाह डालें। यह राय उत्पाद की कीमत और गुणवत्ता दोनों की तुलना करने में आपके काफी काम आ सकती है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App