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दाना-पानी: अलग और अतरंगी

आमतौर पर करेले को सूखी सब्जी के तौर पर बनाया और खाया जाता है। कुछ लोग इसे काट कर बनाते हैं, तो कुछ लोग भरवां। मगर करेले की यह सब्जी बच्चों को और कई बड़ी उम्र के लोगों को भी पसंद नहीं आती।

Author Updated: September 8, 2019 5:40 AM
करेले के कोफ्ते

मानस मनोहर

रसा यानी ग्रेवी
रसेदार सब्जियों में टमाटर और प्याज का उपयोग अब आम हो चला है। हर मौसम में इन दोनों का इस्तेमाल होता है। दोनों में गलनीय रेसे होते हैं, जो बहुत आसानी से गल जाते हैं। फिर भी कुछ लोगों को शिकायत रहती है कि घर में रेस्तरां या ढाबे जैसी ग्रेवी नहीं बन पाती। ग्रेवी बनाने के लिए एक आसान नुस्खा है। इस तरह ग्रेवी बनाएं, जो पनीर, कोफ्ते, अंडा करी वगैरह में इस्तेमाल होती है। रेस्तरां वाले भी ग्रेवी पहले बना कर रख लेते हैं और उसी को विभिन्न सब्जियों में उपयोग करते हैं।

ग्रेवी बनाने के लिए सबसे पहले टमाटर और प्याज को मोटा-मोटा काट लें। इसे काटते समय बिल्कुल इस बात को लेकर चिंतित रहने की जरूरत नहीं कि बारीक काटना है। इसमें लहसुन और अदरक भी अपने स्वाद और जरूरत के अनुसार काट सकते हैं। फिर एक ढक्कन वाली कड़ाही में दो चम्मच तेल गरम करें। उसमें जीरा, धनिया, दालचीनी, चकरी फूल, काली मिर्च, तेजपत्ता, सौंफ वगैरह जो खड़े मसाले पसंद हों, उनका तड़का दें और कटे हुए प्याज, टमाटर, लहसुन, अदरक को छौंक दें। आंच को बिल्कुल धीमी कर दें। इसमें थोड़ा-सा नमक पहले ही डाल दें और फिर एक बार चला कर ढक्कन लगा दें। नमक पहले डाल देने से प्याज के जलने की आशंका कम हो जाती है और वह जल्दी गल भी जाता है। इसे अपने ढंग से नरम होने तक पकने दें। टमाटर और प्याज अपनी ही नमी से पक जाएंगे, पानी डालने की जरूरत नहीं। इसमें कम से कम आधा घंटा समय लगेगा।

अब एक कटोरी में हल्दी पाउडर, सब्जी मसाला, लाल मिर्च पाउडर, चाहें तो खटाई भी जरूरत भर का लें और उसमें पानी डाल कर भीगने के लिए रख दें। इस तरह मसाले का स्वाद बढ़ जाता है। मसाले सूखा भूनने से उनका स्वाद बिगड़ जाता है। इसीलिए पहले सिलबट्टे पर मसाला पीसने का चलन था। कड़ाही में प्याज और टमाटर पर नजर रखें। प्याज पारदर्शी हो जाए तो उसमें भीगे हुए मसाले डाल दें और एक बार चला कर फिर ढक्कन लगा दें। जब प्याज-टमाटर तेल छोड़ने लगें तो आंच बंद कर दें और ठंडा होने दें।

जब यह ठंडा हो जाए तो इसे मिक्सर में चला कर पीस लें। ग्रेवी तैयार है। जो भी सब्जी बनाना चाहते हैं उसमें डाल सकते हैं। पर जब इसे ग्रेवी के रूप में तैयार करना हो, तो एक बार फिर कड़ाही में एक चम्मच तेल गरम करें, उसमें थोड़ा जीरा डाल कर तड़का दें और ग्रेवी को छौंक दें। थोड़ी देर चलाते हुए धीमी आंच पर पकाएं और फिर उसमें पानी डालें। फिर जो सब्जियां, कोफ्ते वगैरह डालने हैं डालें और जरूरत भर का नमक, कसूरी मेथी और थोड़ा-सा सब्जी मसाला और डाल कर एक उबाल आने तक पका लें। फिर धनिया, हरी मिर्च, अदरक वगैरह से सजाएं और परोसें।

करेले के कोफ्ते
आमतौर पर करेले को सूखी सब्जी के तौर पर बनाया और खाया जाता है। कुछ लोग इसे काट कर बनाते हैं, तो कुछ लोग भरवां। मगर करेले की यह सब्जी बच्चों को और कई बड़ी उम्र के लोगों को भी पसंद नहीं आती। ऐसे में करेले के कोफ्ते बनाएं, तो हर किसी को पसंद आती है। करेले के कोफ्ते मजेदार बनते हैं। करेले के कोफ्ते बनाने के लिए पहले दो-तीन करेलों को गोलाई की तरफ बीच से दो हिस्से में काट लें। फिर एक पैन में दो कप पानी लें, उसमें एक चम्मच नमक और एक चम्मच चीनी डालें और उसमें करेले डाल कर नरम होने तक उबाल लें। जब करेले पूरी तरह नरम हो जाएं, उन्हें छान कर अलग कर लें।

अब चम्मच से दबा कर करेले के बीज बाहर निकाल कर अलग कर लें। करेलों को हाथ से मसल लें। इसमें एक उबले हुए आलू को कद्दूकस कर लें। दो चम्मच बेसन डालें। फिर आधा चम्मच अजवाइन, चौथाई चम्मच सौंफ, आधा चम्मच सब्जी मसाला, चौथाई चम्मच हल्दी पाउडर, चुटकी भर हींग और आधा चम्मच अमचूर पाउडर डाल लें। एक हरी मिर्च और थोड़ा अदरक भी काट कर डालें। सारी सामग्री को सावधानी से मिलाते हुए आटे की तरह गूंथ लें। थोड़ी देर सेट होने के लिए रख दें।

पंद्रह-बीस मिनट बाद एक बार फिर इस मिश्रण को गूंथ लें और उसमें से कोफ्ते के आकार की गोलियां बना लें। अब कड़ाही में तेल गरम करें। तेल ठीक से गरम हो जाए, तो आंच मध्यम कर दें और उसमें कोफ्ते डाल कर चलाते हुए गहरा सुनहरा होने तक तल लें। अब जो हमने ऊपर ग्रेवी बनाई है, उसे गरम करके तैयार करें और उसमें कोफ्ते डाल कर एक उबाल दें। फिर धनिया पत्ता और अदरक से सजा कर परोसें।

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