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रविवारी दाना-पानी: बिना झंझट झटपट

इस समय सारा देश बंदी की वजह से घर में है। फल और सब्जियां मिलने में दिक्कत पेश ही है। इसलिए कई लोगों को समझ नहीं आता कि क्या बनाएं। रोज-रोज दालें बनाते-खाते ऊब जाते हैं। ऐसे समय में बेसन बहुत काम आता है। उससे कई तरह की तरकारी बनाई जा सकती है। इसके अलावा आलू तो है ही सदाबहार। तो क्यों न इस बार इन दोनों चीजों से कुछ सब्जियां बनाएं।

जनसत्ता दाना-पानी: झुनका और मूंगफली मसाले वाले आलू बनाने की विधि।

मानस मनोहर
झुनका
यह महाराष्ट्र की बहुत लोकप्रिय सब्जी है। झुनका या झुणका-भाखर वहां खूब खाया जाता है। झुनका बेसन और प्याज से बनने वाली सब्जी है, जो कई दिन तक खराब नहीं होती। इसे रोटी या पराठे के साथ खाया जा सकता है। बेसन के गट्टे तो आप अक्सर बनाते होंगे, पर झुनका बना कर खाएं, कभी इसका स्वाद भूल नहीं पाएंगे। झुनका बनाना बहुत आसान है, इसमें बहुत सामग्री भी नहीं चाहिए होती है। चार लोगों के लिए झुनका बनाना हो तो एक कप बेसन और दो मध्यम आकार के प्याज पर्याप्त होते हैं।
पहले बेसन को कड़ाही में बिना तेल डाले, चलाते हुए रंग बदलने तक भून लें। ध्यान रखें कि बेसन जलने न पाए। इसलिए आंच धीमी रखें और बेसन को लगातार चलाते रहें। बेसन भुन जाए, तो उसे ठंडा होने के लिए अलग रख दें।

अब प्याज को बारीक काट लें। इसमें डालने के लिए कुछ कढ़ी पत्ते, करीब दो इंच अदरक, दो हरी मिर्चें भी बारीक काट लें। कड़ाही में दो से तीन चम्मच तेल गरम करें। उसमें आधा चम्मच राई, आधा चम्मच जीरा, इतनी ही मात्रा में सौंफ और अजवाइन का तड़का दें। चुटकी भर हींग भी डालें। फिर इसमें प्याज, कढ़ी पत्ता, अदरक और कटी हरी मिर्च को छौंक कर धीमी आंच पर पारदर्शी होने तक पकाएं। सिंके हुए बेसन को छान लें, ताकि गांठें न रहें। इसी में जरूरत भर का नमक, चौथाई चम्मच हल्दी, एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर, आधा चम्मच धनिया पाउडर, आधा चम्मच अमचूर पाउडर, आधा चम्मच सब्जी मसाला और आधा चम्मच चीनी डाल कर अच्छी तरह मिला लें। इस सामग्री को भुने हुए प्याज के साथ डाल कर अच्छी तरह मिला लें।

फिर किनारों से थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए मिलाएं ताकि पानी बेसन में अच्छी तरह मिल जाए। सब्जी को चलाते रहें और देखें कि पूरे बेसन में पानी पहुंच गया है या नहीं। पानी डालते समय ध्यान रखना है कि इसकी मात्रा ज्यादा न होने पाए, नहीं तो सब्जी गीली बनेगी। झुनका थोड़ा भुरभुरा बनता है। ज्यादा पानी पड़ने से वह लेई की तरह हो जाएगा। अब आंच को धीमी रखते हुए ही, करीब पांच मिनट के लिए कड़ाही को ढंक कर बेसन को पकने दें।कड़ाही खोल कर देखें और बेसन को उलट-पलट कर चलाएं। अगर वह ज्यादा भुरभुरा हो, तो पानी के छींटे देते हुए उसे थोड़ा और नरम कर लें। अगर उसमें पानी की मात्रा अधिक है, तो थोड़ी देर और पकाएं और चलाते हुए पानी को सुखा लें। अच्छा झुनका वही माना जाता है, जो न अधिक भुरभुरा हो कि खाते समय गले में चिपके और न अधिक गीला हो। अब इसमें कटा हरा धनिया डाल कर परोसें। हरा धनिया न भी उपलब्ध हो, तो कोई बात नहीं, इसके स्वाद में कोई अंतर नहीं आएगा, वैसे ही परोसें।

मूंगफली मसाले वाले आलू
आलू की सूखी सब्जी तो आपने कई तरह से बना कर खाई होगी। पर थोड़ा दक्षिण-भारतीय तड़के के साथ इसे बना कर खाएं, स्वाद निराला बनेगा। मूंगफली मसाले वाले आलू बनाने के लिए अगर छोटे वाले आलू लें, तो बहुत अच्छा रहेगा, पर इस वक्त वे न भी मिलें, तो इस सब्जी के स्वाद में कोई अंतर नहीं आएगा। इसके लिए पहले आलुओं को उबाल कर छिलका उतारें। अगर छोटे आलू हैं, तो उन्हें साबुत रहने दें। अगर बड़े आलू लिए हैं, तो उनके टुकड़े कर लें। इन्हें ठंडा होने के लिए रख दें।

अब इसका मसाला तैयार करें। इसके लिए मुट्ठी भर कच्ची मंूगफली को पहले गरम तवे पर सेंक लें। जब मूंगफली चटकने लगे तो उसे उतार कर ठंडा होने दें। फिर इसी तवे पर चार-पांच साबुत लाल मिर्चों को हल्का सेंक लें। इसी तरह एक से डेढ़ चम्मच साबुत धनिया सेंक लें। पांच-छह लहसुन की कलियों को भी हल्का-सा सेंक कर बाकी मसालों के साथ रखें। अगर कच्चा नारियल है, तो उसे कद्दूकस करके दो से तीन चम्मच ले लें और उसे भी तवे पर हल्की महक उठने तक सेंक लें।

अब मूंगफली को रगड़ कर उसका छिलका हटा लें और फिर सारी सामग्री को ग्राइंडर में डाल कर पीस लें। कड़ाही में दो-तीन चम्मच तेल डाल कर राई, जीरा और कढ़ी पत्ते का तड़का लगाएं। उसमें आलुओं को डाल कर चलाते हुए सेंकें। आलुओं के साथ ही जरूरत भर का नमक भी डाल लें।

दो से तीन मिनट पकाने के बाद पिसा हुआ मसाला डालें और चलाते हुए इस तरह पकाएं कि सारा मसाला आलुओं पर अच्छी तरह चिपक जाए। दो से तीन चम्मच पानी का छींटा लगाएं और कड़ाही पर ढक्कन लगा कर दो मिनट के लिए छोड़ दें। अब ढक्कन खोलें और सब्जी को एक बार फिर चला कर आंच बंद कर दें। सब्जी तैयार है। ऊपर से चाहें तो हरा धनिया पत्ता, अदरक लच्छा और एक हरी मिर्च को बीच से चीर कर सजाएं और परोसें। यह सब्जी भी जल्दी खराब नहीं होती।

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