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जनसत्ता रविवारी दाना-पानी: कुछ शरबत हो जाए

पारंपरिक भारतीय परिवारों में मेहमानों के आने पर शरबत से स्वागत की परंपरा रही है। गरमी का मौसम हो और शरबत न पीया जाए, यह हो नहीं सकता। अब तो बाजार में बोतलबंद शरबत उपलब्ध हो जाता है, बस पानी मिलाओ और पी लो। मगर घर में खुद शरबत बनाएं तो उसका आनंद ही अलग होता है। यों भी ताजा बने शरबत का स्वाद और सेहत पर उसका असर अलग ही होता है। तो इस बार कुछ पारंपरिक शरबत।

Author Published on: May 10, 2020 4:06 AM
रविवारी दाना-पानी: गर्मी में अमृत शर्बत।

मानस मनोहर
सौंफ का जायका
सौंफ की तासीर ठंडी होती है। पेट के लिए यह बहुत गुणकारी है। कब्ज वगैरह से परेशान लोगों को इसे पीने से बहुत लाभ मिलता है। सौंफ का शरबत पीने में जितना लाजवाब होता है, बनाने में उतना ही आसान है। इन दिनों पूर्णबंदी में बने-बनाए बोतलबंद शरबत की जगह इसे बना कर पीएं, अलग ही अनुभव होगा।

सौंफ का शरबत बनाने का पारंपरिक तरीका तो यह है कि पहले तीन-चार घंटे के लिए सौंफ को भिगो कर रख दिया जाए, फिर उसे पीस कर छान लें। पर ऐसा रोज-रोज करना झंझट का काम लगे, तो आसान तरीका यह है कि सूखी सौंफ को पीस कर रख लें और जब शरबत बनाना हो, तो उसे थोड़ी देर के लिए भिगो कर उसमें जरूरत भर की चीनी और नींबू का रस मिला कर छान लें। इसमें एक-दो पुदीने की पत्तियां डाल कर परोसें और ठंडक का अहसास लें।

गुलाब की रंगत
शरबत में गुलाब का स्वाद सबसे अधिक लोकप्रिय है, इसलिए बाजार में गुलाब का बोतलबंद शरबत खूब मिलता है। पर इसे भी घर में बनाएं, तो पीने का आनंद बढ़ जाएगा। अपने हाथ का बना व्यंजन परोसने का सुख ही अलग होता है। गुलाब का शरबत बनाना बिल्कुल झंझट का काम नहीं है। गांवों में लोग पहले गुलाब की पत्तियों को चीनी के साथ उबाल कर लड््डूनुमा बना कर रख लिया करते थे और जब शरबत बनाना होता था, तो उसे पानी में घोल कर छान लिया करते थे।

इसी तरह लोग केवड़े के फूल और खस का भी उपयोग करते थे। आप गुलाब की पंखुड़ियों को सुखा कर रख लें। फिर एक किलो चीनी को दो गिलास पानी डाल कर उबालें। उसी में गुलाब की पखुड़ियों को डाल दें और तब तक उबालें, जब तक कि चीनी गाढ़ी न हो जाए। अब इसे छान कर एक बोतल में बंद करके रख लीजिए। जब शरबत बनाना हो, इसमें से जरूरत भर का घोल निकालिए, पानी मिलाइए और परोस दीजिए।

फलों का स्वाद
शहरों में फलों का शरबत पीने का खूब चलन है। आमतौर पर दूध में आम, केला, खरबूज वगैरह डाल कर शरबत तैयार किया जाता है। इसे शेक कहते हैं। पर आयुर्वेद और आहार विज्ञान कहता है कि फलों के साथ दूध का मेल उचित नहीं होता। यह सेहत की दृष्टि से ठीक नहीं है। इसलिए शरबत के लिए फलों का चुनाव करते समय ध्यान रखें कि उन्हीं फलों का शरबत बनाएं, जिनमें दूध की जरूरत न पड़ती हो। ऐसे फलों में फालसा, बेल, तरबूज, कच्चा आम आदि उत्तम हैं। इनके अलावा कुछ सब्जियों के रस को भी शरबत के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे खीरा।

इस मौसम में बेल बहुतायत उपलब्ध होता है। यह स्वास्थ्य के लिए बहुत उत्तम फल है। पेट संबंधी परेशानियों में रामबाण औषधि का काम करता है। इसका शरबत बनाना, थोड़ा झंझट का काम जरूर है, पर एक बार मेहनत कर लेने में हर्ज नहीं। बेल को तोड़ कर उसके गूदे को एक भगोने में डालें और दो-तीन गिलास पानी डाल कर थोड़ी देर भीगने दें। अब हाथों से मसल कर इसके बीज और रेशों को अलग करें। पहले जितना हो सके इसके बीज और रेशों को हाथ से ही निचोड़ कर बाहर कर लें। फिर मोटी छन्नी से छान कर अलग कर लें। मिक्सर में कतई न डालें, नहीं तो इसके बीज शरबत को कड़वा कर देंगे। फिर बेल के गूदे के वजन के बराबर चीनी मिलाएं और घोल कर एक बोतल में भर लें।

जब पीना हो तो उसमें थोड़ा पानी और मिलाएं। ऊपर से नींबू का रस डालें और एक-दो पुदीने की पत्तियां डाल कर परोसें।इसी तरह फालसे को मसल कर शरबत बना सकते हैं। कच्चे आम को भून या उबाल कर उसके गूदे को चीनी और पुदीने की पत्तियों के साथ मिला कर शरबत बना सकते हैं। खीरे का शरबत बनाना हो तो उसे मिक्सर में पीस कर या फिर जूसर में उसका जूस निकालें। साथ में पुदीने की हरी पत्तियां भी डालें। यह शरबत नमकीन ही बनता है और ताजा परोसा जाता है। इसलिए इसमें काला नमक, भुना हुआ जीरा और थोड़ा-सा चाट मसाला डाल कर परोसें।

सदाबहार सत्तू
गरमी में चने के सत्तू का शरबत मीठा और नमकीन दोनों रूपों में खूब पसंद किया जाता है। अब तो महानगरों में कई जगह रेहड़ियों पर सत्तू का शरबत खूब बिकता है। इसे घर में बनाना सबसे आसान है। चने का सत्तू हर जगह दुकानों पर मिल जाता है। पर केवल चने के सत्तू का शरबत बनाने के बजाय उसमें जौ का सत्तू भी इस्तेमाल करें, तो उसकी गुणवत्ता बढ़ जाती है। चने की तासीर गरम होती है, इसलिए उसमें जौ का सत्तू मिलाने से वह कम हो जाती है।

दो चम्मच चने का सत्तू ले रहे हैं, तो उसमें एक चम्मच जौ का सत्तू भी मिला लें। अब इसमें भुने जीरे का पाउडर, काला नमक, नींबू का रस, पुदीने की कुछ पत्तियां डालें, अगर तीखा पसंद हो तो एक हरी मिर्च भी डाल सकते हैं। इब इसमें जरूरत भर पानी डाल कर मिक्सर में चला लें। अगर इसे मीठा पीना चाहते हैं तो नमक की जगह जरूरत भर की चीनी मिला लें। कुछ लोग नमकीन सत्तू में बारीक कटा प्याज लेना भी पसंद करते हैं। आप अपने स्वाद के मुताबिक इसमें प्रयोग कर सकते हैं। गरमी में सत्तू का शरबत पूरे नाश्ते का विकल्प होता है।

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