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रविवारी

अंतर: कितना असली, कितना नकली

स्त्री-पुरुष में अंतर है इससे इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन एक श्रेष्ठ और दूसरा हीन है, यह मानना गैरबराबरी का सूचक है।

गर्दिश में एक मनोहारी कारीगरी

आज सरकारी उपेक्षा के कारण गुलाबी नगर जयपुर में ब्लू पॉटरी कला पर खतरे की काली छायाएं मंडरा रही हैं। सरकार द्वारा इस पर...

स्वाद, सेहत और हमारी रसोई

हाल ही में मशहूर अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने पोषण-विशेषज्ञ ल्यूक कोटिन्हो के साथ मिलकर एक किताब लिखी है-द ग्रेट इंडियन डाइट।

जोखिम के क्षेत्र में बच्चे

इस समय भारत समेत दुनिया भर के बच्चों पर तमाम तरह के खतरे मंडरा रहे हैं । विडंबना यह है कि अब जलवायु परिवर्तन...

मुसद्दीलाल का क्रिकेट प्रेम

मुसद्दीलाल की हालत इन दिनों खराब है। अनमना, घबराया, चौंकन्ना और डरा हुआ-सा दीखता है। न खाने की सुध न ढंग से कपड़े पहनने...

विज्ञापनों में स्त्रीदेह

तमाम कंपनियां घर में इस्तेमाल होने वाली सामान्य वस्तुओं से लेकर विशेष किस्म के उत्पाद तक स्त्री विज्ञापनों के जरिए प्रचारित करती हैं।

आंगनबाड़ी में बदलाव

भारत में चल रही ‘एकीकृत बाल विकास योजना’ के तहत छह साल तक की उम्र के आठ करोड़ बच्चे आते हैं। इस हिसाब से...

कुचक्र में

हमारे देश में खाने योग्य कचरे में फिंका हुआ खाना और कचरे में खाना ढूंढ़ते बच्चे एक साथ दिख जाते हैं!

चिंता : गरीबी का दुश्चक्र

हमारे देश में खानपान को भी कई तरीके से परिभाषित किया जाता है। हम अक्सर अपने बूढ़े-बुजुर्गों से सुनते रहते हैं कि हमारा खानपान...

बदलाव : शिक्षा का दायरा

कहीं आपके बच्चे इंटरनेट पर आपत्तिजनक तस्वीरें या वीडियो तो नहीं देख रहे? आज के माता-पिता को यह चिंता बहुत सताती है। स्मार्टफोन और...

खेतीबाड़ी : खेती की पाठशाला

महाराष्ट्र का एक गांव है तिउसा। यवतमाल से सोलह किलोमीटर दूर। यह गांव किसानों के लिए विशेष बन गया है। किसान यहां आकर खेती-किसानी...

अनिर्बाण लाहिड़ी

अनिर्बाण लाहिड़ी के लिए तो यह किसी सपने के सच होने जैसा था ही, भारत के लिए भी यह ऐतिहासिक क्षण था। अनिर्बाण लाहिड़ी...

सृजन : बाल साहित्य की अनदेखी

हिंदी में बाल-साहित्य का आरंभ उन्नीसवी सदी के नवे दशक में भारतेंदु हरिश्चंद की पत्रिका ‘बाल-दर्पण’ से माना जाता है। हालांकि आरंभ के विषय...

जानकारी : चंदन

मलयालम, संस्कृत और हिंदी भाषा में इसे चंदन कहते हैं। कन्नड़ में श्रीगंधा और गुजराती में सुकेत। वनस्पति शास्त्री इसे सेंटलम अल्यम कहते हैं,...

कहानी : दो हंसों का जोड़ा बिछुड़ गयो रे

डाउन 5622 पूर्वोत्तर भारत से जोड़नेवाली एक प्रमुख रेल लेकिन सिरदर्द रेल । फौजी यात्रियों की अधिकता। दोगुने-तिगुने लोग। आरक्षण का कोई मतलब नहीं..

कहानी : रिश्वत

चंपक वन में राजा शेर सिंह का शासन था। सभी जानवर प्रसन्नतापूर्वक रहते थे। लेकिन जंगल में सिर्फ एक चीज की कमी थी। वह...

बॉलीवुड में हीरोइनों को ही चुकाना पड़ता है प्‍यार का ‘मोल’

अक्सर फिल्मों में काम करते हुए हीरो-हीरोइनों में निकटता काफी बढ़ जाती है। उनमें एक रिश्ता जुड़ जाता है। कभी-कभी दोनों की सहमति से...

बचपन : भय के माहौल में कोमल मन

हमारे समाज में बच्चों को शक्ति और सत्ता से नियंत्रित करने की परंपरा और उसकी स्वीकृति बड़े पैमाने पर और बहुत पहले से रही...