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रविवारी

नन्ही दुनियाः कविता और शब्द भेद

कुछ शब्द एक जैसे लगते हैं। इस तरह उन्हें लिखने में अक्सर गड़बड़ी हो जाती है। इससे बचने के लिए आइए उनके अर्थ जानते...

नन्ही दुनिया: कहानी: दाग अच्छे हैं

गुल्लू का घर मुख्य सड़क के पीछे एक गली में था। आसपास उसके स्कूल के दूसरे बच्चे भी रहते थे और वे सब मिल...

साड़ी है सबसे आकर्षक पहनावा

साड़ी सदा से महिलाओं की पसंदीदा पहनावा रही है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे पहनने के तरीके अलग-अलग हैं। साड़ियों में विविधता भी...

सेहतः रक्तचाप की समस्या

बीमारियां पता पूछ कर नहीं आतीं। वे नहीं देखतीं कि हम गरीब हैं या अमीर। बीमारी बड़ी हो या छोटी, किसी को भी हो...

दाना-पानी: रसेदार मजेदार भरवां

भरवां सब्जियों का स्वाद सूखी या फिर सीधे छौंक कर बनाई गई रसेदार सब्जियों से अलग ही होता है।

शख्सियतः भूपेन हजारिका

भूपेन हजारिका को देश उनके गीत और संगीत से याद रखता है। असम के तिनसुकिया जिले के सदिया कस्बे में उनका जन्म हुआ।

आधी दुनियाः महिला उत्पीड़न का दायरा

मुहावरों और कहावतों की रचना निश्चित रूप से हमारे पूर्वजों ने काफी चिंतन-मनन, और अनुभवों के आधार पर की गई होगी। ऐसे ही मुहावरों-कहावतों...

विमर्शः साहित्य में वृद्ध विमर्श

हिंदी साहित्य में दलित-विमर्श, स्त्री-विमर्श, आदिवासी-विमर्श, किन्नर-विमर्श (थर्ड जेंडर विमर्श) के बाद अब वृद्ध-विमर्श की भी धमक सुनाई देने लगी है। वैसे आजकल जिस...

भाषा-चिंतनः निज भाषा उन्नति नहीं

संविधान का अनुछेद 351 मुख्यत: संस्कृत से और गौढ़त: अन्य भाषाओं से शब्द लेकर हिंदी की समृद्धि पर बल देता है। पर हमने अपनी...

कहानीः सन्नाटा

रेवती को कितनी जल्दबाजी लगी रहती है! सुबह-सुबह आराम से किया कर काम रेवती, सर्दी के मौसम में धूप निकलने दिया कर, फिर काम...

रविवारीः आपदा में बढ़े मददगार हाथ

प्राकृतिक आपदा पर किसी का वश नहीं है। अभी केरल में बारिश और बाढ़ के कारण लोगों को जैसी विपत्ति का सामना करना पड़ा,...

नन्ही दुनियाः कविता और शब्द भेद

कुछ शब्द एक जैसे लगते हैं। इस तरह उन्हें लिखने में अक्सर गड़बड़ी हो जाती है। इससे बचने के लिए आइए उनके अर्थ जानते...

नन्ही दुनियाः कहानी – अनोखा उपहार

सोनू का जन्मदिन आ रहा था और खुशी के मारे उसके पैर जमीन पर नहीं पड़ रहे थे। उसका जन्मदिन भी पांच सितंबर यानी...

गुदवा लो जी गोदनवा

पहले जमाने में लोग, खासकर महिलाएं शृंगार के एक रूप में गोदना गुदवाती थीं। दुनिया के अनेक समाजों में गोदना एक रिवायत की तरह...

सेहतः बरसात में जो रोग सताएं

कभी तेज धूप, कभी उमस तो कभी झमाझम बरसात। बरसात का यह मौसम बड़ी उलझन वाला होता है। समझ नहीं आता कि घर से...

शख्सियतः दादाभाई नौरोजी

मैं धर्म और जाति से परे एक भारतीय हूं।’ यह वाक्य दादाभाई नौरोजी ने तब कहा जब वे ब्रिटिश संसद के सदस्य चुने गए...

दाना-पानीः मराठी नाश्ता

महाराष्ट्र में बेसन, पोहा, साबूदाने आदि से तैयार होने वाले अनेक स्वादिष्ट नाश्ते बनते हैं। पर मराठी नाश्ते के रूप में पूरे भारत में...

आधी दुनियाः जो हारी हैं, दुखियारी हैं…

पिछले दिनों एक अस्सी साल की कृशकाय बूढ़ी अम्मा से मुलाकात हुई थी। वह लाठी टेकती मिली थी। पता चला कि उसका इकलौता बेटा...