ताज़ा खबर
 

रविवारी

मुद्दा: पर्व पर प्रदूषण क्यों

आतिशबाजी और पटाखों के प्रदूषण पर सर्वोच्च न्यायालय ने सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने पटाखों की आॅनलाइन बिक्री बंद कर दी। इस फैसले से...

अवसर: जनतंत्र में जागरण की मुनादी

भाषा में मुहावरा बन जाना आसान नहीं होता। मुहावरे रोज-रोज नहीं बनते। धूमिल का काव्यबोध अपने समय की व्यवस्था से उग्र असहमति और उसकी...

कहानी: अनकहा रिश्ता

पढ़ें राजेंद्र जोशी की कहानी- अनकहा रिश्ता।

Diwali 2018: प्रकाश की परंपरा

दिवाली स्वच्छता, पवित्रता, सौभाग्य, संपन्नता, ज्ञान और सौहार्द का त्योहार है। यह नई फसल, नए मौसम के स्वागत का भी त्योहार है। दिवाली पर...

नन्ही दुनियाः कविता और शब्द-भेद

दिनेश विजयवर्गीय की कविता

नन्ही दुनियाः कहानी – धरतीपुत्र

अपने खेतों में लहलहाती फसलों को देख कर एक किसान फूला नहीं समा रहा था। उसकी मेहनत का रंग खेतों में झूमती हुई क्यारियों...

दिवाली में साफ-सफाई

दिवाली आ रही है। इस त्योहार में घर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। माना जाता है कि इस त्योहार में पवित्रता...

सेहतः गर्दन और कंधों का दर्द

यह सर्वाइकल स्पोंडिलाइसिस यानी ग्रैव अपकशेरुकता की समस्या है।

दाना-पानीः कुछ और मिठाइयां

त्योहारों के मौसम में मिठाइयों की खपत बढ़ जाती है, इसलिए घर में मिठाइयां बनाएं और खाएं तो सेहत और स्वाद दोनों की दृष्टि...

शख्सियतः सरदार वल्लभ भाई पटेल

देश को आजादी दिलाने में सरदार वल्लभ भाई पटेल की महत्त्वपूर्ण भूमिका थी।

शख्सियतः मंटो ने जब बीस रुपए में बेची कहानी

सआदत हसन मंटो को भारतीय उपमहाद्वीप का महान उर्दू कहानीकार माना जाता है। उनकी कहानियां भारत-पाक विभाजन के दंश का प्रामाणिक दस्तावेज हैं।

प्रसंगवशः हिंदी की वैश्विक स्वीकार्यता

विश्व की व्यापारिक जरूरतों और अपनी आंतरिक शक्ति के बल पर हिंदी विश्वभाषा के रूप में अपनी स्पष्ट पहचान बनाएगी।

कहानीः अंतिम झूठ

मुरलीधर वैष्णव की कहानी

कविताएंः ‘बच गया’ और ‘ये तीसरे लोग’

दिविक रमेश की कविता

रविवारीः तालीम में पिछड़े मुसलमान

आज दुनिया भर में शिक्षा को लेकर नए-नए प्रयोग हो रहे हैं। शिक्षा को रोजगारपरक बनाने पर जोर है। बच्चों की प्रतिभा को निखारने...

बच्चों की बदलती दुनिया और बढ़ते खतरे

इंटरनेट आज हर बच्चे की जरूरत बन गया है। उस पर पढ़ाई-लिखाई संबंधी अनेक जानकारियां, सूचनाएं और पाठ्य सहायक सामग्री उपलब्ध हैं।

नन्ही दुनियाः कविता और शब्द-भेद

कुछ शब्द एक जैसे लगते हैं। इस तरह उन्हें लिखने में अक्सर गड़बड़ी हो जाती है। इससे बचने के लिए आइए उनके अर्थ जानते...

नन्ही दुनियाः कहानी – पेड़ और बादल

गोविंद शर्मा की कहानी