गर्दन दर्द की समस्या: तकिया मुलायम सेहत कायम

मौजूदा जीवनशैली में कई तरह की शारीरिक समस्याओं को हमने या तो सामान्य मान लिया है, या फिर इनके बारे में कम से कम स्वास्थ्य के लिहाज से तो विचार नहीं ही करते हैं।

मौजूदा जीवनशैली में कई तरह की शारीरिक समस्याओं को हमने या तो सामान्य मान लिया है, या फिर इनके बारे में कम से कम स्वास्थ्य के लिहाज से तो विचार नहीं ही करते हैं। गर्दन की अकड़ और दर्द ऐसी ही एक समस्या है। जब तक यह दर्द सामान्य स्तर पर रहता है तब तक हम इसके बारे में लापरवाह बने रहते हैं। पर जब यह हद से गुजरने लगता है तो हम परेशान हो उठते हैं और चाहते हैं कि किसी तरह से इनसे निजात मिले। गर्दन के दर्द से आमतौर पर लोग परेशान रहते हैं। खासतौर पर ऐसे लोग जिनका काम घंटों कुर्सी पर बैठ कर काम करने का है। हालांकि यह कोई गंभीर समस्या नहीं है लेकिन अगर इसे लगातार नजरअंदाज किया जाता रहा तो आगे चलकर यह गंभीर समस्या का रूप ले सकती है।
नींद और तकिया
नींद से उठने के बाद गर्दन में दर्द हो तो इसकी वजह गलत तकिया का उपयोग हो सकता है। साफ है कि सोने के लिए तकिए का सही चुनाव बहुत अहम है। गलत तकिया पर सोने से आप गर्दन और पीठ के दर्द को हफ्तों तक महसूस कर सकते हैं। इसके अलावा, गलत तकिए की वजह से नींद न आने के अलावा पीठ और गर्दन दोनों में दर्द उभर सकता है। सोना हमारे शरीर की एक ऐसी क्रिया है जिसका हमारी सेहत से गहरा संबंध है। इसलिए जरूरी है कि हमारी नींद पूरी और अच्छी हो। अगर आप नियमित रूप से अपनी गर्दन में दर्द का अनुभव करते हैं या सुबह थके हुए उठते हैं, तो यह गलत तरह के तकिए के इस्तेमाल से होने वाली परेशानी हो सकती है। पीठ और गर्दन का असहनीय दर्द आपको लंबे समय तक बिस्तर पकड़ा सकता है।
तकिए का चुनाव
हम अपने जीवनकाल के एक तिहाई समय तक सोते हैं। 2008 में किए गए एक अध्ययन से पता चलता है कि ‘सपोर्टिव’ तकिया और नियमित व्यायाम करना, मालिश और अन्य तरीकों की तुलना में गर्दन के दर्द को कम करने में ज्यादा मददगार हो सकते हैं। सही तरह का तकिया वह होता है जो नींद के दौरान आपकी पीठ और गर्दन दोनों को सहारा दै। एक तकिया जो बहुत कठोर, बहुत लंबा या बहुत नरम हो वह आपकी गर्दन को विषम स्थिति में डाल सकता है और पीठ और गर्दन में दर्द का कारण बन सकता है।

आप चाहे तो तकिए के चुनाव के लिए विशेषज्ञ की मदद ले सकते हैं। वैसे आजकल बाजार में कई तरह के अच्छे तकिए मौजूद हैं। इनमें पंख तकिए विशेष रूप से उन लोगों के लिए होते हैं जो नींद में पूरी रात करवटें लेते रहते हैं। अगर आप आए दिन गर्दन के दर्द का अनुभव करते हैं, तो स्प्रिंग तकिए आपके पसंदीदा हो सकते हैं। ये तकिए भी कमर और गर्दन दर्द से राहत दिलाने में मददगार हो सकते हैं। मेमोरी फोम तकिए सोने की अलग-अलग अवस्थाओं के अनुसार अनुकूलित होते रहते हैं। अगर आप रातभर सोने की अवस्था बदलते रहते हैं तो इस तरह का तकिया आपके लिए उपयोगी हो सकता है।
आदत और दर्द
गर्दन दर्द को लेकर अब तक के जो अनुभव और अध्ययन हैं वे ये बताते हैं कई बार हमारी दिनचर्या इसकी बड़ी वजह बन जाती है। कोई पुरानी चोट भी इसकी वजह हो सकती है। इसके अलावा उठने-बैठने और लेटने का अगर हमारा तरीका गलत है तो भी गर्दन का दर्द परेशान कर सकता है। अगर आप सोने के समय मोटे तकिए का इस्तेमाल करते हैं तो यह गर्दन के दर्द और अकड़ का कारण हो सकता है। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठकर काम करने से भी गर्दन में दर्द हो सकता है। कई बार तनाव होने की वजह से भी गर्दन में दर्द होने लगता है। इसके अलावा मोच या भारी सामान उठाने के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव हो जाने की वजह से भी गर्दन में दर्द हो सकता है।
दर्द सताए तो उपाय
’ अगर आपको गर्दन में दर्द की शिकायत है तो ‘हाट वाटर बैग’ से उस जगह पर सिंकाई करें। इसके अलावा एक्यूप्रेशर और एक्यूपंचर से भी गर्दन के दर्द को दूर किया जा सकता है। आप चाहें तो चुंबकीय चिकित्सा का भी सहारा ले सकते हैं। ’ कई बार विटामिन डी की कमी से भी गर्दन में दर्द होने लगता है। अगर आपको लंबे समय से दर्द की शिकायत है तो व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करना एक बेहतर उपाय होगा।
(यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए है। उपचार या स्वास्थ्य संबंधी सलाह के लिए विशेषज्ञ की मदद लें। )

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