ताज़ा खबर
 

सेहतः गर्दन और कंधों का दर्द

यह सर्वाइकल स्पोंडिलाइसिस यानी ग्रैव अपकशेरुकता की समस्या है।

Author Published on: October 28, 2018 6:33 AM
प्रतीकात्मक चित्र

लगातार कंप्यूटर के सामने बैठे रहना, घंटों लेट कर मोबाइल चलाना या किताब पढ़ना, कई घंटे गर्दन झुका कर बैठना, सोते समय ऊंचे तकिए का प्रयोग आदि ऐसे कारण हैं, जिनसे गर्दन और कंधों में दर्द होने लगता है। कई बार काम की अधिकता की वजह से भी गर्दन अकड़ जाती है। तो वहीं, गर्दन से लेकर कंधों तक असहनीय दर्द होने लगता है। थोड़े समय के लिए गर्दन में दर्द होना आम बात है। लेकिन अगर इस दर्द की वजह से आप अपनी गर्दन किसी ओर घुमा नहीं पा रहे हैं, आपके कंधों में भी अकड़न आ रही है या हाथ उठाने में दिक्कत आ रही है, तो आपको चिकित्सक के पास जाना चाहिए, क्योंकि यह सर्वाइकल स्पोंडिलाइसिस यानी ग्रैव अपकशेरुकता की समस्या है।

ये हो सकती हैं परेशानियां

अन्य अंगों में दर्द – सर्वाइकल स्पोंडिलाइसिस में दर्द केवल गर्दन में नहीं, बल्कि कंधे और सिर के पीछे की ओर भी होने लगता है।

सुन्नपन – यों तो विटामिन डी और कैल्शियम की कमी की वजह से भी हाथों में सुन्नपन होता है, लेकिन जब सर्वाइकल की समस्या है तब भी इसके लक्षणों में हाथ और ऊंगलियों में सुन्नपन होने लगता है।

सूजन – सर्वाइकल स्पोंडिलाइसिस की वजह से गर्दन में सूजन आ जाती है। जो व्यक्ति इस समस्या से पीड़ित होता है वह दोबारा इससे कभी पीड़ित नहीं होना चाहता, क्योंकि इस सूजन की वजह से अगर कोई हाथ से छू भी देता है, तो असहनीय दर्द होता है। इसमें गर्दन के अलावा चेहरे पर भी सूजन आ जाती है।

खाना निगलने में परेशानी – इस समस्या से एक तो सूजन आ जाती है, साथ ही खाना निगलने में दिक्कत होती है। गर्दन पर आई सूजन गर्दन के अंदर भोजन नली पर भी प्रभाव डालती है, जिससे खाना निगलने में दिक्कत होती है।

गर्दन घुमाने में दिक्कत – सर्वाइकल की स्थिति में गर्दन घुमाने में भी समस्या होती है। पहले तो सूजन की वजह से समस्या रहती है, इसके अलावा जकड़न की वजह से गर्दन घुमा पाना मुश्किल हो जाता है।

बचाव – सर्वाइकल से बचने का सबसे पहला और आसान उपाय है कि आप लंबे समय तक किसी काम को एक ही अवस्था में न करें। थोड़े-थोड़े समय पर आराम करते रहें।

अगर आपका काम लंबे समय तक बैठने का है तो आप पहले तो अपनी बैठने की अवस्था पर ध्यान दीजिए। आप ध्यान दीजिए की बैठते समय आपकी गर्दन अधिक नीचे तो नहीं रहती है। अगर ऐसा है, तो अपने डेस्क और कुर्सी को व्यवस्थित कीजिए।

सर्वाइकल से बचने के बहुत से उपाय हमारे अपने ही हाथ में हैं। जैसे आप अपने फोन को कंधे और गर्दन के बीच में रखकर बात न करें। इससे गर्दन का संतुलन बिगड़ता है। और दर्द होने लगता है।

सूजन आने पर दर्द वाली जगह पर बर्फ से मालिश करें। इससे सूजन भी कम होगी और दर्द भी कम होगा।

सर्वाइकल में सबसे सटीक उपाय है व्यायाम करना। इसके लिए योग और अन्य व्यायाम भी आप कर सकते हैंं।

इस समस्या से बचने के लिए पौष्टिक भोजन खाएं। ध्यान रखें कि भोजन विटामिन डी और कैल्शियम से भरपूर हो। यह विटामिन हड्डियों के लिए सेहतमंद होते हैं।

जब भी आप सोएं तो ध्यान रखें कि गद्दे के बजाए तख्त का प्रयोग करें और अधिक ऊंचे तकिए का प्रयोग न करें। तकिए की ऊंचाई गर्दन में दर्द को बढ़ा देती है। कोशिश करें कि कम ऊंचाई वाली तकिया या तकिया न ही लगाएं।

सावधानियां – सर्वाइकल स्पॉइंडिलाइसिस की समस्या आपको जल्दी न हो इसके लिए कुछ सावधानियां है, जिनका पालन करने पर इससे बच सकते हैं।

इससे बचने के लिए आप लेट कर टीवी न देखें।

ऊंचा तकिया न लगाएं।

बीड़ी, सिगरेट, शराब आदि का प्रयोग न करें।

अगर लगातार कंप्यूटर पर बैठना पड़ता है तो थोड़े-थोड़े समय पर सीट से उठकर घूम लें।

चाय या कॉफी कम पीएं। हो सके, तो इनका सेवन न करें।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 दाना-पानीः कुछ और मिठाइयां
2 शख्सियतः सरदार वल्लभ भाई पटेल
3 शख्सियतः मंटो ने जब बीस रुपए में बेची कहानी
जस्‍ट नाउ
X