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नन्ही दुनिया : कहानी – नंदन वन में रिश्वत

राजा खुद तो ईमानदार था, लेकिन उसका मंत्री भेड़िया चालू सिंह बहुत ही भ्रष्ट था।

Author नई दिल्ली | April 24, 2016 04:29 am
नंदन वन में सभी अमीर जानवरों से उनकी कमाई का बीसवां हिस्सा कर के रूप में लिया जाता था।

नंदन वन में राजा गुलदार सिंह का शासन था। सभी जानवर सुखी थे। राजा प्रजा की भलाई के लिए तालाब, सराय आदि बनवाता रहता था। नंदन वन में सभी अमीर जानवरों से उनकी कमाई का बीसवां हिस्सा कर के रूप में लिया जाता था। जो जानवर अमीर नहीं थे, उनसे कर नहीं लिया जाता था। अमीर जानवर ईमानदारी से अपना कर सरकारी खजाने में जमा करते थे। इससे शासन चलाने में और जानवरों की भलाई के कार्य करने में पैसों की कभी कमी नहीं पड़ती थी।

राजा खुद तो ईमानदार था, लेकिन उसका मंत्री भेड़िया चालू सिंह बहुत ही भ्रष्ट था। वह चाहता था कि जानवर ईमानदारी से सरकारी खजाने में कर जमा करने की बजाय उसको रिश्वत दें। कर जमा करने वाला विभाग उसी के अधीन था। उसके विभाग में काम करने वाले कई जानवर भी उसी की तरह यही चाहते थे। लेकिन नंदन वन के जानवर रिश्वत देने की बजाय सीधे सरकारी खजाने में कर जमा करना ज्यादा अच्छा समझते थे। एक दिन भेड़िया चालू सिंह ने राजा गुलदार सिंह को कहा, ‘महाराज! अगर हम अमीर जानवरों से उनकी आमदनी का बीसवां हिस्सा कर लेने की बजाय उनकी आमदनी का एक तिहाई हिस्सा कर के रूप में लें तो सरकारी खजाने की आय कई गुना बढ़ जाएगी।’

‘लेकिन ऐसा करने से जानवरों पर कर का बोझ बढ़ जाएगा। और मैं ऐसा बिल्कुल नहीं चाहता।’ राजा ने जवाब दिया। तब भेड़िए ने कहा, ‘महाराज हम लोग कर आखिर प्रजा के भले के लिए ही तो जमा करते हैं। अगर ज्यादा कर जमा होगा तो आप जानवरों के कल्याण के लिए और भी ज्यादा काम कर पायेंगे, और इससे प्रजा में आपकी लोकप्रियता कई गुना बढ़ जाएगी।’

आखिर राजा को यह तर्क सही लगा और उसने भेड़िए की बात मानकर यह घोषणा करा दी कि अब आमदनी के बीसवें हिस्से की बजाय एक तिहाई हिस्सा कर के रूप में देना होगा। इस घोषणा के अगले दिन हथिनी मिसेज एलीफैंट, भेडिया चालू सिंह के पास अपना कर जमा करने आई।

चालू सिंह ने कहा, ‘मैडम अगर आप कर देने की बजाय मुझे अपनी आमदनी बीसवां हिस्सा रिश्वत के रूप में दे दें तो इससे आपको बहुत फायदा होगा। वैसे आप चाहें तो रिश्वत देने की बजाय कर भी दे सकती हैं। जैसी आपकी मर्जी।’ मिसेज एलीफैंटा को लगा कि इतना ज्यादा कर देने तो थोड़ी सी रिश्वत देने में ही फायदा है, और उसने कर देने की बजाय रिश्वत दे दी। इस तरह भेड़िए ने अपने कपट से रिश्वत लेने का तरीका ढूंढ़ निकाला ।

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