ताज़ा खबर
 

नन्ही दुनिया : गीत – जादू का पेड़

काश! कहीं से जादू पाऊं, फिर जादू का पेड़ लगाऊं, गरमी जब महसूस करूं मैं, पत्तों को वह खूब हिला दे

Author नई दिल्ली | April 24, 2016 4:25 AM
आंधी-अंधड़, शीतलहर, लू मौसम चाहे जैसा आए

काश! कहीं से जादू पाऊं

फिर जादू का पेड़ लगाऊं

गरमी जब महसूस करूं मैं
पत्तों को वह खूब हिला दे

भूख लगे तो मेरी खातिर
आम,अलूचे, सेब गिरा दे

लगे नाचने झूम-झूम वह
जब उसको देखूं-मुस्काऊं

उस पर चढ़कर आसानी से
चंदा की मैं चुम्मी ले लूं

उसकी ऊंची डाल पकड़कर
तारों के संग जाकर खेलूं

उसके पत्ते पर ज्यों बैठूं
उड़ूं हवा में गोते खाऊं

आंधी-अंधड़, शीतलहर, लू
मौसम चाहे जैसा आए

रहे हमेशा हरा-भरा वह
न टूटे-सूखे-मुरझाए

नींद लगे जब मुझको तो मैं
उसके कोटर में सो जाऊं

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App