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दाना-पानीः मराठी नाश्ता

महाराष्ट्र में बेसन, पोहा, साबूदाने आदि से तैयार होने वाले अनेक स्वादिष्ट नाश्ते बनते हैं। पर मराठी नाश्ते के रूप में पूरे भारत में पाव-भाजी और वड़ा-पाव ज्यादा मशहूर हैं।

Author September 2, 2018 6:43 AM
जन्माष्टमी पर धनिए की पंजीरी प्रसाद के रूप में वितरित की जाती है। पंजीरी बनाना बहुत बहुत आसान है।

महाराष्ट्र में बेसन, पोहा, साबूदाने आदि से तैयार होने वाले अनेक स्वादिष्ट नाश्ते बनते हैं। पर मराठी नाश्ते के रूप में पूरे भारत में पाव-भाजी और वड़ा-पाव ज्यादा मशहूर हैं। ये दोनों नाश्ते झटपट तैयार हो जाते हैं और संपूर्ण भोजन का काम करते हैं। इस बार हम वड़ा-पाव और साबूदाने की खिचड़ी बनाएंगे। साथ में जन्माष्टमी पर प्रसाद रूप में बंटने वाली धनिए की पंजीरी भी।

वड़ा-पाव

वड़ा-पाव महाराष्ट्र का लोकप्रिय नाश्ता है। वड़ा यानी पकौड़ा। यह आमतौर पर आलू का बनता है, जिसे वहां बटाटा वड़ा कहते हैं। इस वड़े को पाव यानी डबल रोटी के बीच में रख कर चटनी के साथ खाते हैं। वड़ा-पाव बनाने के लिए आपको बहुत सामग्री जुटाने की जरूरत नहीं होती। पाव आमतौर पर हर जगह बाजार में सहजता से उपलब्ध हो जाता है। अगर पाव न भी मिले, तो उसकी जगह ब्रेड का उपयोग किया जा सकता है। वड़े बनाने के लिए आलुओं को उबाल लें। उन्हें छील कर मसल लें। अब उसमें डालने के लिए कुछ दाने मूंगफली के, कुछ कढ़ी पत्ते और हरी मिर्च, धनिया पत्ता ले लें।

एक कड़ाही में एक चम्मच तेल गरम करें। उसमें पहले मूंगफली के कुछ दाने डाल कर तल लें। मूंगफली को बाहर निकालें और ठंडा होने दें। अब बचे हुए तेल में राई, साबुत धनिया और जीरे का तड़का लगाएं। कढ़ी पत्ते भी उसमें डालें और जब तड़का तैयार हो जाए तो आधा चम्मच हल्दी डालें और साथ ही मसले हुए आलुओं को डाल कर चलाएं। इसमें नमक, लाल मिर्च पाउडर, एक चम्मच अमचूर पाउडर, एक चम्मच सब्जी मसाला और भुनी हुई मूंगफली को छिलके उतार कर डालें और धीमी आंच पर चलाते हुए आलुओं का मिश्रण तैयार कर लें। जब मिश्रण तैयार हो जाए, तो आंच बंद कर दें और मिश्रण को अलग निकाल कर ठंडा होने दें।

अब एक कटोरे में बेसन लें। उसमें नमक, लाल मिर्च पाउडर, थोड़ा हल्दी पाउडर, हींग और आधा चम्मच अजवाइन डाल कर थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए ठीक से फेंट कर गाढ़ा घोल तैयार कर लें। ध्यान रखें कि घोल पतला होगा, तो बह जाएगा और वड़े ठीक नहीं बन पाएंगे। एक कड़ाही में वड़े तलने के लिए तेल गरम करें। तेल ठीक से गरम हो जाए तो आंच मध्यम कर दें। अब आलू के मिश्रण में कटा हुआ हरा धनिया, हरी मिर्च और अदरक का लच्छा डाल कर ठीक से मिला लें और मिश्रण से डेढ़-दो चम्मच मिश्रण लेते हुए सबका गोलाकार बना लें। इन गोलों को बेसन के घोल में डुबो कर गरम तेल में डालते जाएं। उन्हें सावधानी से पलटते हुए सुनहरा होने तक तल लें। पाव को चाकू की मदद से बीच से दो हिस्सा कर लें, जैसे बर्गर बनाने के लिए करते हैं। उसकी दोनों परतों पर लाल और हरी चटनी लगाएं और फिर एक या दो बड़े रख कर बंद कर दें और खाएं।

साबूदाने की खिचड़ी

साबूदाने की खिचड़ी आमतौर पर दो तरह से बनाई जाती है। एक तो दाल और मूंगफली के दाने के साथ पतली खिचड़ी और दूसरी सूखी खिचड़ी। सूखी खिचड़ी बनाने के लिए साबूदाने को तीन से चार घंटे के लिए भिगो दें। भिगोते समय उसमें पानी सिर्फ साबूदाने की सतह तक ही रखें। इस तरह साबूदाना पूरे पानी को सोख लेगा और ठीक से फूल जाएगा। ज्यादा पानी में और ज्यादा देर तक भिगोने से साबूदाने की खिचड़ी चिपचिपी बनेगी। जब पानी कम होगा, तो हर दाना सूखा और खिला-खिला होगा। अगर फिर भी कुछ पानी रह गया है तो उसे छान कर साबूदाने को फैला कर पानी पूरी तरह सुखा लें।

अब साबूदाने की चौथाई मात्रा कच्ची मूंगफली लें। जैसे एक कटोरी साबूदाना लिया है, तो चौथाई कटोरी मूंगफली लें। तवा गरम करें और उस पर मूंगफली को ठीक से भून लें। कपड़े में रख कर मूंगफली का छिलका उतारें और ठंडा होने पर मिक्सर में पीस कर पाउडर बना लें। इस पाउडर को साबूदाने में डालें। ऊपर से लाल मिर्च पाउडर, आधा चम्मच सब्जी मसाला और जरूरत भर का नमक डाल कर ठीक से मिला लें। साबूदाने में सारी चीजें ठीक से चिपक जानी चाहिए। एक कड़ाही में एक चम्मच तेल या देसी घी गरम करें। उसमें जीरा, मूंगफली के कुछ दाने और कढ़ी पत्ते का तड़का लगाएं। फिर साबूदाना डाल कर मद्धिम आंच पर चलाते हुए पकाएं। साबूदाने का रंग हल्का सुनहरा हो जाए तो आंच बंद कर दें। ध्यान रहे कि पकने के बाद साबूदाने का हर दाना अलग-अलग रहे। अब इसमें कटा हरा धनिया और हरी मिर्च डाल कर गरमा-गरम खाने को परोसें। यह हल्का, सुपाच्य, स्वादिष्ट और पौष्टिक नाश्ता है।

धनिया पंजीरी

जन्माष्टमी पर धनिए की पंजीरी प्रसाद के रूप में वितरित की जाती है। पंजीरी बनाना बहुत बहुत आसान है। इसके लिए आधा किलो सूखा धनिया और करीब चार सौ ग्राम चीनी लें। इसमें डालने के लिए सौ ग्राम बादाम और करीब सौ ग्राम देसी घी भी ले लें। अगर डालना न चाहें तो बादाम और घी छोड़ भी सकते हैं।

ध्यान रखें कि धनिया ठीक से सूखा हो। आजकल मौसम में नमी की वजह से उसमें नमी की आशंका हो सकती है। इसलिए तवा ठीक से गरम करें और आंच बंद करके तवे पर धनिया को डाल दें। उसकी नमी निकल जाएगी। अब इस धनिए को मिक्सर में पीस लें। ज्यादा बारीक न पीसें, थोड़ा मोटा ही रखें। इसी तरह चीनी को पीस लें और पिसे हुए धनिए में डाल दें। अगर बादाम डाल रहे हैं, तो उसे भी दरदरा कर लें और ऊपर से घी को गरम करके डालें और सारी चीजों को दोनों हाथों से रगड़ते हुए ठीक से मिला लें। पंजीरी तैयार है।

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